राजस्थान के करौली जिले के सलेमपुर गांव में एक बार फिर तेंदुओं की आमद से स्थानीय लोगों की नींद उड़ गई है। गांव में दहशत का माहौल इस वजह से बना हुआ है क्योंकि ये जंगली जानवर रिहायशी इलाकों के बेहद करीब पहुंच रहे हैं। लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
मस्जिद के पास नजर आए तेंदुए
रविवार रात करीब 12:45 बजे गांव में मस्जिद और कब्रिस्तान के सामने एक साथ दो लेपर्ड देखे गए। हैरानी की बात यह है कि ये दोनों जानवर किसी जंगल में नहीं बल्कि एक ग्रामीण के घर से महज 30 मीटर की दूरी पर खड़े हुए थे। रात के सन्नाटे में घरों के इतने करीब तेंदुओं की मौजूदगी ने स्थानीय निवासियों को बुरी तरह डरा दिया।
ग्रामीण ने मोबाइल में कैद की तस्वीर
इस पूरी घटना के दौरान गांव के एक निवासी याकूब ने अपनी सूझबूझ दिखाते हुए मोबाइल फोन से तेंदुओं में से एक की तस्वीर खींच ली। इसके बाद जब ग्रामीणों ने शोर मचाया तो दोनों लेपर्ड वहां से डरकर भाग निकले और गढ़वाली पहाड़ी की दिशा में चले गए। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर
तेंदुए दिखने की सूचना मिलने के तुरंत बाद पुलिस और वन विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए और मौके पर पहुंच गए। जांच के दौरान वन विभाग के अधिकारियों को इलाके में तेंदुओं के पदचिह्न यानी फुट-मार्क भी मिल गए हैं, जिससे इस बात की पूरी पुष्टि हो गई है कि इलाके में सचमुच तेंदुए घूम रहे हैं।
सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्रैक कैमरे और पिंजरा
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने क्षेत्र में अपनी निगरानी और गश्त काफी तेज कर दी है। तेंदुओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए विशेष ट्रैक कैमरे लगाए गए हैं और उन्हें सुरक्षित रेस्क्यू करने के लिए एक पिंजरा भी स्थापित किया गया है। विभाग के रेंजर अनिल कुमार मीणा ने जानकारी दी है कि विभागीय टीम लगातार इस पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है।
ग्रामीणों के लिए विभाग की अपील
प्रशासन ने इस स्थिति से निपटने के लिए आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। वन विभाग ने साफ कहा है कि यदि किसी भी ग्रामीण को दोबारा तेंदुए दिखाई देते हैं, तो वे उसके बिल्कुल पास न जाएं बल्कि बिना देर किए तुरंत वन विभाग के अधिकारियों या कर्मचारियों को इसकी सूचना दें ताकि समय रहते जरूरी कार्रवाई की जा सके।




















