राजस्थान के जोधपुर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में चल रहा रेजिडेंट डॉक्टरों का आंदोलन आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की मध्यस्थता और डॉक्टरों के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई सकारात्मक चर्चा के बाद सभी लंबित मांगों के समाधान पर आपसी सहमति बन गई है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद संस्थान में जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह पटरी पर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
डॉक्टर राज नरेश यादव की मौत से भड़का था आक्रोश
इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत रेजिडेंट डॉक्टर राज नरेश यादव के असामयिक निधन के बाद हुई थी। इस घटना के सामने आने के बाद से ही कैंपस में भारी आक्रोश फैल गया था और डॉक्टरों ने कामकाज का बहिष्कार कर दिया था। प्रदर्शनकारियों ने संस्थान की मौजूदा ड्यूटी व्यवस्था, काम के भारी दबाव और कार्यस्थलों की परिस्थितियों को लेकर तीखे सवाल उठाए थे तथा प्रशासन के सामने अपनी कई गंभीर शिकायतें रखी थीं।
केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का हस्तक्षेप
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सीधे तौर पर दखल दिया और डॉक्टरों के साथ एक अहम बैठक की। उन्होंने रेजिडेंट्स की सभी मांगों को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुनने के बाद उन्हें हरसंभव न्याय और समाधान का भरोसा दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार और एम्स प्रशासन इस मामले में किसी भी स्तर पर कोताही नहीं बरतेंगे और जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
काम के माहौल और सुरक्षा पर जोर
बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित और बड़े चिकित्सा संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे डॉक्टरों की गरिमा, उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा और कार्यस्थल पर एक बेहतर माहौल होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेजिडेंट्स की ओर से उठाए गए प्रशासनिक और कार्यदबाव से जुड़े मुद्दों का स्थायी समाधान निकाला जाएगा, ताकि भविष्य में इस तरह की असहज परिस्थितियों से बचा जा सके।
चिकित्सा सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद
बता दें कि इस अचानक हुई हड़ताल के कारण संस्थान की नियमित चिकित्सा सेवाओं पर काफी असर पड़ा था और ओपीडी तथा अन्य विभागों में आने वाले मरीजों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। आंदोलन वापस लिए जाने के बाद अब अस्पताल प्रबंधन ने राहत की सांस ली है और सामान्य दिनों की तरह मरीजों का इलाज सुचारू रूप से शुरू होने की पूरी संभावना है।



















