सेंस एंड सेंसिबिलिटी रिव्यू (2026): भव्य दृश्यों के बीच खो गई जेन ऑस्टिन के क्लासिक की मूल आत्मादक्षिण कोरियाई वॉन पर विदेशी बिकवाली का दबाव, जानिए अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मुद्रा की चालडायसन के $499 वाले कैमरा टूथब्रश की बिक्री अचानक थमी, पानी लीकेज और खराबी के आरोपों पर साधी चुप्पीऐपल सिरी देरी विवाद में 25 करोड़ डॉलर का समझौता, जानें किन्हें मिलेगा मुआवजा और दावा कैसे करेंसितंबर के अंतिम सप्ताह में डिजिटल स्क्रीन पर दस्तक दे रहे हैं 19 नए शोज और फिल्मेंजम्मू के आरएस पुरा में विवाहिता की छत पर मिली लाश, मायके वालों ने ससुराल के आंगन में दहेज जलाकर वहीं दी मुखाग्निबिटकॉइन 85,000 डॉलर के पार पहुंचा, ईटीएफ प्रवाह और तकनीकी मजबूती से एथेरियम व एक्सआरपी में भी तेजीराजस्थान निकाय चुनावों में मिली सफलता पर मदन राठौड़ ने जताया आभार, विपक्ष की आलोचना कीव्हाइट हाउस में पाबंदी के खिलाफ अदालत पहुंचा अमेरिकी मीडिया, सीएनएन समेत तीन बड़े संस्थानों ने दायर किया मुकदमाचेट्टीनाड साहित्य महोत्सव में दक्षिण भारतीय वास्तुकला और बुनाई परंपराओं से रू-ब-रू हुए शशि थरूर
खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में रात 10:30 बजे तक खिंचा मतदान, कांग्रेस पार्षद की गैरमौजूदगी पर अपहरण का आरोपराजस्थान
21 सित॰ 2026, 11:47 pm (19 मिनट पहले)· 0

खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में रात 10:30 बजे तक खिंचा मतदान, कांग्रेस पार्षद की गैरमौजूदगी पर अपहरण का आरोप

सीकर के खाटू श्याम जी कस्बे में नगर पालिका चुनाव के दौरान मतदान का समय तीन बार बढ़ाकर रात 10:30 बजे तक किया गया। कांग्रेस पार्षद के केंद्र पर न पहुंचने पर परिजनों ने अपहरण और क्रॉस वोटिंग के डर से रोके जाने का गंभीर आरोप लगाया।

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित धार्मिक नगरी खाटू श्याम जी में नगर पालिका चुनाव की प्रक्रिया के दौरान भारी राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली। मतदान केंद्र पर दिन ढलने के साथ ही तनाव और गहमागहमी लगातार बढ़ती चली गई, जिसके चलते निर्वाचन विभाग और स्थानीय प्रशासन को अभूतपूर्व फैसला लेते हुए मतदान की समय सीमा में एक के बाद एक कई बदलाव करने पड़े। सामान्य परिस्थितियों में शाम को संपन्न होने वाली यह पूरी चुनावी प्रक्रिया देर रात तक खिंच गई, जिससे समूचे इलाके में प्रशासनिक अमला और राजनीतिक दल पूरी तरह मुस्तैद रहे।

तीन चरणों में आगे खिसकाया गया मतदान का समय

नगर पालिका चुनाव के लिए तय मूल कार्यक्रम के तहत वोटिंग का समय शाम 5:00 बजे तक निर्धारित था। हालांकि, मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के बीच उत्पन्न गतिरोध और गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव अधिकारियों ने पहली बार इस सीमा को आगे बढ़ाते हुए रात 8:00 बजे तक कर दिया। इसके बाद भी जब दोनों पक्षों के बीच खींचतान शांत नहीं हुई और मतदान प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी नहीं हो सकी, तो प्रशासन को दोबारा हस्तक्षेप करना पड़ा।

ये भी पढ़ें

चुनावी मैदान में जारी टकराव और हंगामे को देखते हुए निर्वाचन अधिकारियों ने तीसरी बार समय बढ़ाते हुए इसे सीधे रात 10:30 बजे तक कर दिया। निर्वाचन विभाग का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बोर्ड गठन से जुड़े सभी पात्र प्रतिनिधि अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें और किसी भी पक्ष को प्रक्रिया पर आपत्ति जताने का अवसर न मिले। समय में इस बार-बार के विस्तार ने चुनावी माहौल को और अधिक रोमांचक बना दिया।

कांग्रेस महिला पार्षद के न पहुंचने पर अपहरण का आरोप

इस पूरे चुनावी घटनाक्रम में असली विवाद उस वक्त पैदा हुआ जब कांग्रेस की एक महिला पार्षद काफी समय बीतने के बाद भी मतदान करने नहीं पहुंचीं। महिला पार्षद की लंबे समय तक अनुपस्थिति ने मतदान केंद्र के बाहर मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच शंकाओं को जन्म दे दिया। देखते ही देखते कांग्रेस खेमे और पार्षद के परिजनों ने विरोधी पक्ष पर तीखा हमला बोल दिया।

पार्षद के परिजनों ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि महिला पार्षद का अपहरण कर लिया गया है अथवा उन्हें जबरन बंधक बनाकर रखा गया है। परिजनों का साफ दावा था कि विरोधी दल क्रॉस वोटिंग के डर से ऐसा कर रहा है, ताकि कांग्रेस पार्षद केंद्र पर पहुंचकर अपना वोट न डाल सकें। इस आरोप के सामने आते ही कस्बे का सियासी पारा अचानक चढ़ गया और दोनों खेमों में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई।

भाजपा कार्यकर्ताओं की सक्रियता और वोटिंग की मांग

परिजनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी चुनावी मैदान में पूरी तरह सक्रिय नजर आए। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर निर्वाचित जनप्रतिनिधि को अपने वोट के इस्तेमाल का पूरा अधिकार है। उन्होंने प्रशासन से मांग उठाई कि जिस पार्षद को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उन्हें अविलंब और सुरक्षित तरीके से मतदान केंद्र तक लाया जाए।

भाजपा पक्ष ने जोर देकर कहा कि बिना किसी अनावश्यक देरी के संबंधित पार्षद को मतदान प्रक्रिया में शामिल कराया जाना चाहिए ताकि चुनावी नतीजे समय पर सामने आ सकें। देर रात तक चले इस घटनाक्रम, तीन बार बढ़ी समय सीमा और अपहरण के सनसनीखेज आरोपों ने खाटू श्याम जी के स्थानीय निकाय चुनाव को समूचे राज्य में चर्चा का केंद्र बना दिया।

सवाल-जवाब

खाटू श्याम जी नगर पालिका चुनाव में मतदान का समय कितनी बार बढ़ाया गया?
मतदान का समय कुल तीन बार बढ़ाया गया और अंततः इसे रात 10:30 बजे तक तय किया गया।
शुरुआत में मतदान का समय क्या निर्धारित था?
मूल चुनावी कार्यक्रम के अनुसार मतदान शाम 5:00 बजे तक ही होना था, जिसे बाद में बढ़ाकर पहले 8:00 बजे किया गया था।
चुनावी प्रक्रिया के दौरान किस बात को लेकर विवाद शुरू हुआ?
कांग्रेस की एक महिला पार्षद के तय समय पर वोट डालने न पहुंचने के बाद यह पूरा सियासी विवाद शुरू हुआ।
कांग्रेस पार्षद के परिजनों ने क्या आरोप लगाए?
परिजनों ने आरोप लगाया कि क्रॉस वोटिंग के डर से महिला पार्षद का अपहरण कर लिया गया है या उन्हें बंधक बनाकर रखा गया है।
इस पूरे मामले पर भाजपा कार्यकर्ताओं की क्या मांग थी?
भाजपा कार्यकर्ताओं ने मांग की कि संबंधित पार्षद को तुरंत सुरक्षित मतदान केंद्र पर लाया जाए ताकि वह बिना देरी किए वोट डाल सकें।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·अभी

रात के साढ़े दस बजे तक वोटिंग खिंचना और अपहरण के आरोप, स्थानीय चुनावों में ऐसी धांधली पहले कभी नहीं देखी। पुलिस को तुरंत जांच करनी चाहिए।

Rohan Verma@rohan-verma·अभी

करण भाई, बात बिल्कुल सही है। रात साढ़े दस बजे तक वोटिंग जाना और अपहरण के आरोप लगना सच में हैरान करने वाला है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp