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किशनगढ़ हवाई अड्डे पर ट्रेनी विमान का पहिया हुआ खराब, घोषित हुई पूर्ण आपात स्थितिराजस्थान
24 सित॰ 2026, 2:13 pm (2 घंटे पहले)· 0

किशनगढ़ हवाई अड्डे पर ट्रेनी विमान का पहिया हुआ खराब, घोषित हुई पूर्ण आपात स्थिति

राजस्थान के किशनगढ़ हवाई अड्डे पर उड़ान भर रहे प्रशिक्षण विमान के पहिये में तकनीकी खराबी आने के बाद पूर्ण आपात स्थिति घोषित कर दी गई है। सुरक्षित लैंडिंग कराने के लिए बचाव दल और राहत एजेंसियों को तैनात किया गया है।

राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित किशनगढ़ हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया जब पायलट प्रशिक्षण के दौरान एक विमान तकनीकी समस्या का शिकार हो गया। अव्यन्ना एविएशन अकादमी के इस ट्रेनी विमान ने उड़ान भरी ही थी कि उसके टायर में खराबी या फटने का मामला सामने आया। हवा में चक्कर काट रहे इस विमान की स्थिति को देखते हुए हवाई अड्डा प्रबंधन ने तुरंत सतर्कता बरती और पूरे परिसर में पूर्ण आपात स्थिति लागू कर दी।

सुरक्षा बलों की तैनाती और राहत के पुख्ता इंतजाम

विमान को सुरक्षित नीचे उतारने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति या अनहोनी की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के जवानों को तुरंत हवाई अड्डे पर तैनात कर दिया गया है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और हवाई अड्डा प्रशासन लगातार विमान की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं ताकि पायलट से निरंतर संपर्क बना रहे और आपात प्रोटोकॉल का पालन कराया जा सके।

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ईंधन कम होने के बाद कराई जाएगी लैंडिंग

आपात लैंडिंग के दौरान आग लगने के जोखिम को न्यूनतम करने के लिए विशेष रणनीति बनाई गई है। विमान के भीतर अभी भी लगभग ढाई से 3 घंटे का ईंधन मौजूद है। अधिकारियों की योजना है कि विमान को हवा में चक्कर कटवाकर उसका फ्यूल तय स्तर तक कम किया जाए। कम ईंधन होने से विमान का वजन घट जाता है, जिससे आपातकालीन परिस्थिति में उतरते समय संतुलन बनाना अधिक आसान होता है।

बैली लैंडिंग की संभावना और जांच

पहिए में खराबी होने की स्थिति में विमान को पारंपरिक कंक्रीट रनवे पर उतारने के बजाय रनवे के पास वाली कच्ची जमीन पर पेट के बल यानी ‘बैली लैंडिंग’ कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है। ऐसा करने से घर्षण के कारण चिंगारी निकलने और ईंधन में आग भड़कने का खतरा काफी कम हो जाता है। अव्यन्ना एविएशन डीजीसीए से विधिवत मान्यता प्राप्त एक फ्लाइंग ट्रेनिंग संगठन है। टायर में आई इस गंभीर खराबी के मूल कारणों के बारे में फिलहाल आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

सवाल-जवाब

किशनगढ़ हवाई अड्डे पर आपात स्थिति क्यों घोषित की गई?
प्रशिक्षण उड़ान के दौरान विमान के टायर में खराबी या फटने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से पूर्ण आपात स्थिति लागू की गई।
यह विमान किस संस्थान का है?
यह विमान अव्यन्ना एविएशन अकादमी का है, जो डीजीसीए से अनुमोदित एक पायलट प्रशिक्षण संगठन है।
विमान को तुरंत नीचे क्यों नहीं उतारा गया?
विमान में ढाई से 3 घंटे का ईंधन बाकी था, जिसे कम करके लैंडिंग के दौरान आग लगने के जोखिम को न्यूनतम करने की रणनीति अपनाई गई।
हवाई अड्डे पर किन बचाव दलों को तैनात किया गया है?
आपात स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के जवानों सहित सुरक्षा और बचाव दलों को मुस्तैद किया गया है।
बैली लैंडिंग क्या होती है?
पहियों में खराबी आने पर विमान को रनवे के बजाय पास की कच्ची जमीन पर पेट के बल उतारा जाता है ताकि घर्षण से आग न लगे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Ravikash Gupta@ravikash·1 घंटे पहले

ढाई-तीन घंटे हवा में चक्कर काटने वाली बात कुछ जमी नहीं। क्या ट्रेनी विमान में इतना एक्स्ट्रा फ्यूल होता भी है? मुझे थोड़ा शक है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

रविकेश जी, ट्रेनी विमान में तीन घंटे का फ्यूल होना वाकई हैरान करने वाला है।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

किशनगढ़ में गनीमत है कि समय रहते स्थिति संभाल ली गई। यूपी में भी कई जगह ऐसे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं, वहां भी सुरक्षा मानकों की ऐसी ही सख्त जांच होनी चाहिए ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

रोहन भाई, बात सही है आपकी, पर इतनी जल्दी भी नहीं कह सकते कि सब संभाल लिया गया। अभी तो विमान हवा में ही है और फ्यूल खत्म होने का इंतज़ार हो रहा है, असली चुनौती तो तब सामने आएगी जब वो नीचे उतरेगा।

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