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कोटा में अंधविश्वास बना काल: सांप काटने के बाद परिवार दो घंटे झाड़-फूंक में उलझा रहा, 2 साल के कालू की मौतराजस्थान
21 जून 2026, 8:16 am (46 दिन पहले)· 5

कोटा में अंधविश्वास बना काल: सांप काटने के बाद परिवार दो घंटे झाड़-फूंक में उलझा रहा, 2 साल के कालू की मौत

राजस्थान के कोटा में सर्पदंश के बाद परिजन 2 वर्षीय कालू को अस्पताल ले जाने की बजाय करीब दो घंटे तक तांत्रिकों और देवी-देवताओं के स्थान पर झाड़-फूंक कराते रहे, जिसके बाद न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उसकी मौत हो गई।

राजस्थान के कोटा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो अंधविश्वास और जागरूकता की कमी के गंभीर परिणाम दर्शाती है। रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के टापरी मोहल्ले में एक 2 साल के मासूम बच्चे की जान सांप के काटने के बाद सही वक्त पर इलाज न मिल पाने की वजह से चली गई।

मृतक बच्चे की पहचान 2 वर्षीय कालू के रूप में हुई है। घटना के वक्त वह अपनी टापरी के ठीक सामने बाहर खेल रहा था। तभी अचानक किसी जहरीले सांप या किसी जहरीले कीड़े ने उसके दाएं हाथ पर काट लिया। बच्चे की अचानक चीख और रोने की आवाज सुनकर परिजन भागकर आए और उन्हें सर्पदंश का पता चला।

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दो घंटे तक झाड़-फूंक, डॉक्टर की राह नहीं चुनी

ऐसी किसी भी मेडिकल इमरजेंसी में सबसे पहला काम होना चाहिए था कि बच्चे को फौरन नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जाए। लेकिन परिजन अंधविश्वास के चंगुल में फंस गए। वे कालू को डॉक्टर के पास ले जाने की बजाय पहले स्थानीय देवी-देवताओं के स्थान पर और फिर तांत्रिकों के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।

करीब दो घंटे तक यह सिलसिला जारी रहा। इस पूरे वक्त में जहर लगातार उस नन्हे जिस्म में फैलता रहा। बच्चा दर्द से तड़पता रहा, लेकिन परिजन देसी इलाज पर ही भरोसा करते रहे। जब हालत बेहद बिगड़ गई और कालू पूरी तरह बेसुध हो गया, तब जाकर परिवार को होश आया और उन्होंने अस्पताल की राह पकड़ी।

न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के ICU में दम तोड़ा

परिजन आनन-फानन में कालू को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उसे ICU में भर्ती कर इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन तब तक जहर पूरे शरीर में फैल चुका था। इलाज शुरू होने के कुछ ही देर बाद उस 2 साल के मासूम ने दम तोड़ दिया और डॉक्टरों ने उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया।

यह खबर मिलते ही अस्पताल में मौजूद परिजन फूट-फूटकर रोने लगे। उनका रो-रोकर बुरा हाल था।

पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम

अस्पताल प्रशासन की ओर से सूचना मिलते ही रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी लेकर 2 वर्षीय कालू के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले में मर्ग रिपोर्ट दर्ज कर ली है और आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।

यह दर्दनाक घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। सर्पदंश एक मेडिकल इमरजेंसी है और ऐसे में हर मिनट की कीमत जान जितनी होती है। सांप काटने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचना ही एकमात्र सही रास्ता है।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां की है?
यह घटना राजस्थान के कोटा जिले के रेलवे कॉलोनी थाना इलाके के टापरी मोहल्ले की है।
मृत बच्चे का नाम और उम्र क्या थी?
मृत बच्चे का नाम कालू था और वह 2 साल का था।
सांप ने बच्चे को शरीर के किस हिस्से पर काटा था?
जहरीले सांप या कीड़े ने बच्चे के दाएं हाथ पर काटा था।
परिजन बच्चे को पहले कहां ले गए?
परिजन बच्चे को अस्पताल ले जाने की बजाय स्थानीय देवी-देवताओं के स्थान और तांत्रिकों के पास झाड़-फूंक के लिए ले गए।
झाड़-फूंक में कितना समय बर्बाद हुआ?
करीब दो घंटे झाड़-फूंक में बर्बाद हुए, जिस दौरान जहर पूरे शरीर में फैलता रहा।
बच्चे को किस अस्पताल ले जाया गया?
बच्चे को कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां ICU में उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
रेलवे कॉलोनी थाना पुलिस ने मर्ग रिपोर्ट दर्ज की, पोस्टमार्टम कराया और आगे की कानूनी जांच शुरू की।
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