नॉन-वेज खाने के शौकीन लोग अक्सर स्वादिष्ट मछली का स्वाद लेने के लिए होटल या रेस्टोरेंट का रुख करते हैं। लेकिन रोजाना बाहर का खाना खाने से न सिर्फ घर के बजट पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि एक समय के बाद मुंह का स्वाद भी अजीब होने लगता है। ऐसे में अगर आप होटल जैसा तीखा, मसालेदार और बेहतरीन स्वाद अपने घर की ही रसोई में पाना चाहते हैं, तो इसे बेहद आसान तरीके से तैयार किया जा सकता है। खुद से बनाई गई यह फिश करी न केवल आर्थिक रूप से काफी सस्ती होती है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी फायदेमंद और स्वच्छ होती है क्योंकि इसमें आप तेल और मसालों की गुणवत्ता खुद तय कर सकते हैं।
मछली की सफाई और मैरिनेशन का सही तरीका
एक बेहतरीन फिश करी बनाने की शुरुआत उसकी सही सफाई और मैरिनेशन की प्रक्रिया से होती है। रेसिपी एक्सपर्ट रियाजुल हक बताते हैं कि बाजार से मछली लाने के बाद उसकी चिपचिपाहट और तेज गंध को पूरी तरह दूर करने के लिए पानी में थोड़ा गेहूं का आटा लगाकर उसे अच्छी तरह से धोना चाहिए। साफ करने के बाद मैरिनेशन की महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू होती है। इसके लिए मछली के टुकड़ों पर एक चम्मच हल्दी, एक चम्मच लाल मिर्च पाउडर, आधा चम्मच धनिया पाउडर, आधा चम्मच जीरा पाउडर, एक चम्मच अदरक-लहसुन का पेस्ट, स्वादानुसार नमक और एक चम्मच नींबू का रस लगाएं। इस मसाले को मछली के हर टुकड़े पर अच्छी तरह लगाकर लगभग 20 से 25 मिनट के लिए अलग रख दें। यह समय नींबू के रस को मछली के रेशों को नरम करने में मदद करता है और मसाले भीतर तक समा जाते हैं।
मसालेदार ग्रेवी के लिए बेस तैयार करना
जब तक मछली मैरिनेट हो रही हो, तब तक आप ग्रेवी के लिए खुशबूदार मसाला तैयार कर सकते हैं। इसके लिए मिक्सी में बारीक कटी प्याज, अदरक, लहसुन और हरी मिर्च डालकर एक महीन पेस्ट बना लें। अब एक कढ़ाई में पर्याप्त तेल गर्म करें और इस तैयार पेस्ट को डालकर लगभग 10 मिनट तक लगातार चलाते हुए भूनें ताकि मसाला बर्तन से न चिपके। जब प्याज और अदरक-लहसुन का यह पेस्ट हल्का सुनहरा होने लगे, तब इसमें अन्य सूखे मसाले शामिल करें। इसमें स्वादानुसार नमक, लाल मिर्च, धनिया पाउडर, गरम मसाला और हल्दी पाउडर मिलाएं। इस मसाले को करीब 10 से 15 मिनट तक अच्छी तरह भूनें। जब मसाला तेल छोड़ने लगे और उसमें से बेहतरीन खुशबू आने लगे, तो समझें कि आपकी ग्रेवी का बेस तैयार है।
मछली को ग्रेवी में पकाने की विधि
जब मसाला पूरी तरह भुन जाए, तब मैरिनेट की हुई मछली के टुकड़ों को बेहद आराम से कढ़ाई में डालें। मछली डालने के बाद उसे थोड़ी देर के लिए बिना चलाए मसाले में ही पकने दें। जैसे ही मछली का अपना पानी सूखने लगे, वैसे ही बहुत हल्के हाथों से मछली के टुकड़ों को पलटें ताकि वे टूटने न पाएं। जब मछली हल्की नरम हो जाए और मसाले को सोख ले, तब ग्रेवी के लिए अपनी जरूरत के अनुसार पानी डालें और उसे धीमी आंच पर उबलने दें। अंत में बारीक कटे ताजे हरे धनिए से सजाकर सुल्तानपुर की इस पारंपरिक विधि से तैयार फिश करी को गर्मागर्म रोटी के साथ परोसें।



















