राजस्थान के चूरू जिले में स्थित तारानगर कस्बे में बुधवार सुबह एक हैंडीक्राफ्ट फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। सुबह के समय भड़की इस आग ने चंद मिनटों में इतना विकराल रूप ले लिया कि लपटें पूरी इमारत में फैल गईं। आग की भीषण तपिश और लपटों के जोर से फैक्ट्री की पूरी इमारत ढह गई, जबकि अंदर रखा करोड़ों रुपये का तैयार सामान, कच्चा माल और आधुनिक मशीनें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। समय रहते स्थिति को भांप लिए जाने से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन इस हादसे ने पूरे इलाके के व्यापारियों और फैक्ट्री संचालक को गहरे सदमे में डाल दिया है।
काले धुएं के गुबार के साथ भड़की लपटें
बुधवार सुबह फैक्ट्री परिसर से अचानक गहरा काला धुआं उठता देखकर आसपास के लोग स्तब्ध रह गए। जब तक स्थानीय नागरिक माजरा समझ पाते और मदद के लिए दौड़ते, आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया था। आग इतनी प्रचंड थी कि आम लोगों के लिए उस पर काबू पाना मुमकिन नहीं था। लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से आसमान में साफ नजर आ रहा था, जिससे पूरे तारानगर कस्बे में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सात इलाकों से पहुंचे दमकल वाहन
हादसे की भयावहता को देखते हुए तुरंत आसपास के क्षेत्रों से दमकल की मदद मांगी गई। स्थानीय तारानगर अग्निशमन दल के अलावा सरदारशहर, रतनगढ़, राजगढ़, चूरू, नोहर और भादरा से दर्जनों दमकल गाड़ियों को तत्काल रवाना किया गया। दमकलकर्मियों ने पानी के टैंकरों की सहायता से मोर्चा संभाला और कई घंटों तक लगातार पानी की बौछारें कीं। घंटों की भारी मशक्कत के बाद आखिरकार आग को शांत किया जा सका, हालांकि तब तक फैक्ट्री का ढांचा और अंदर रखी सामग्री पूरी तरह राख के ढेर में बदल चुकी थी। आग लगने की वास्तविक वजह का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।
प्रशासनिक अमला पहुंचा मौके पर
अग्निकांड की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और जनसेवक तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थिति का जायजा लेने के लिए पालिकाध्यक्ष हरी इंदौरिया और भाजपा नेता राकेश जांगिड़ के साथ एसडीएम प्रियंका कड़ेला, डीएसपी रोहित सांखला, ईओ अजय प्रताप सिंह तथा थानाधिकारी पुष्पेंद्र सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर उपस्थित रहे। अधिकारियों ने तबाही का बारीकी से निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आकलन किया और पीड़ित पक्ष को हरसंभव प्रशासनिक मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
आर्थिक क्षति और रोजगार पर संकट
इस बड़े अग्निकांड के चलते जहां फैक्ट्री संचालक को करोड़ों रुपये का आर्थिक आघात लगा है, वहीं इस इकाई से जुड़े स्थानीय कामगारों के रोजगार पर भी अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। पुलिस और अग्निशमन महकमा अब संयुक्त रूप से पड़ताल कर रहा है कि यह हादसा शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।



















