राजस्थान के भरतपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और संवेदनहीन मामला सामने आया है, जहां एक 13 साल की नाबालिग बच्ची को उसके घर से अगवा कर पांच लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म का शिकार बनाया। इस वीभत्स घटना के बाद सक्रिय हुए स्थानीय ग्रामीणों ने मुस्तैदी दिखाते हुए चार आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया और पुलिस के हवाले कर दिया, जबकि एक आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू कर दी है।
वारदात का विवरण और पुलिस की कार्रवाई
यह पूरी वारदात चिकसाना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले एक गांव की है। पीड़िता के परिजनों ने अपने पड़ोस में रहने वाले दो चचेरे भाइयों और उनके दोस्तों पर इस घिनौने अपराध को अंजाम देने का आरोप लगाया है। हालांकि, पुलिस प्रशासन ने अभी तक आरोपियों के आपसी रिश्तों और चचेरे भाई होने के दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस जांच और मेडिकल परीक्षण
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी। सर्कल ऑफिसर (सीओ) कन्हैया लाल चौधरी के अनुसार, इस गंभीर मामले में सामूहिक दुष्कर्म की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है ताकि आवश्यक फोरेंसिक सबूत जुटाए जा सकें। कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
रात में कैसे घटी यह घटना
परिजनों ने उस डरावनी रात की आपबीती बताते हुए कहा कि नाबालिग लड़की रात के समय शौचालय जाने के लिए अपने कमरे से बाहर निकली थी। इसी दौरान घात लगाए बैठे पड़ोसी युवक उसे जबरन अगवा कर ले गए। घटना का खुलासा तब हुआ जब रात करीब डेढ़ बजे पीड़िता का बड़ा भाई पानी पीने के लिए उठा और उसने अपनी बहन को चारपाई पर नहीं पाया, जिससे पूरे घर में हड़कंप मच गया।
ग्रामीणों का आक्रोश और आरोपियों की धरपकड़
बहन के अचानक लापता होने से चिंतित परिजनों ने तुरंत आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू कर दी। काफी ढूंढने के बाद वह पड़ोस में स्थित एक मकान में बेसुध अवस्था में मिली। इस बीच शोर सुनकर मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण भी एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने सूझबूझ से काम लेते हुए वहां मौजूद चार आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया, जबकि पांचवा आरोपी वहां से भाग निकला। पकड़े गए चारों आरोपियों को तुरंत पुलिस को सौंप दिया गया।


















