लंबे समय तक तपती गर्मी और हीटवेव झेलने के बाद राजस्थान के लोगों को आखिरकार राहत मिलती दिख रही है। प्रदेश के ऊपर एक साथ कई मजबूत मौसमी सिस्टम सक्रिय हो गए हैं, जिनकी वजह से मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। IMD के जयपुर केंद्र से जारी ताजा बुलेटिन में बताया गया है कि एक पश्चिमी विक्षोभ इस समय मध्य क्षोभमंडल की पछुआ हवाओं के बीच एक ट्रफ के रूप में बना हुआ है। इसके अलावा उत्तर राजस्थान से लेकर बिहार तक फैली मानसूनी ट्रफ लाइन और उत्तर हरियाणा के ऊपर बना चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र भी पूरे प्रदेश के मौसम को सीधे प्रभावित कर रहा है।
इन तीनों सिस्टम के एक साथ टकराने का असर साफ दिख रहा है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान के कई हिस्सों में अचानक मेघगर्जन, तीव्र आकाशीय बिजली, वज्रपात और गरज चमक के साथ आंधी बारिश का सिलसिला तेज हो गया है। भरतपुर, करौली, धौलपुर और टोंक जैसे जिलों में तो मौसम बेहद आक्रामक रूप ले चुका है।
तापमान में बड़ी गिरावट, गर्मी से मिली राहत
बीते 24 घंटों में प्रदेश का सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान बाड़मेर में 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लेकिन देर शाम से शुरू हुई आंधी और बारिश ने तापमान को तेजी से नीचे गिरा दिया। चूरू में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.4 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़ककर 36.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, वहीं सीकर में यह सामान्य से 3.8 डिग्री सेल्सियस कम यानी 35.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह आंधी तूफान और वज्रपात की स्थिति बने रहने की चेतावनी दी है।
दक्षिण पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए भी हालात पूरी तरह अनुकूल बनते जा रहे हैं। यही वजह है कि जून के आखिर और जुलाई के पहले हफ्ते में मूसलाधार बारिश का नया दौर शुरू होने की पूरी संभावना है।
चूरू और शेखावाटी में ऑरेंज अलर्ट
चूरू और इसके आसपास के शेखावाटी इलाकों के लिए मौसम विभाग ने तीव्र मेघगर्जन और वज्रपात के साथ आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अचानक तेज हवाएं चलने और धूलभरी आंधी आने की आशंका है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। पिछले 24 घंटों में चूरू में 8.0 मिमी और झुंझुनूं में 13.0 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है, जिससे स्थानीय लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
जयपुर समेत इन जिलों में येलो अलर्ट
राजधानी जयपुर के साथ कोटपूतली, बहरोड़, दौसा और अलवर में भी मौसम पूरी तरह बदल चुका है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। इसके असर से जयपुर और आसपास के इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और धूलभरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इस बदलाव के चलते जयपुर का अधिकतम तापमान गिरकर 38.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है।
भरतपुर, धौलपुर, करौली और टोंक में सबसे बड़ा खतरा
भरतपुर, धौलपुर, करौली और टोंक जिलों के लिए मौसम विभाग ने सबसे खतरनाक यानी तीव्र आक्रामक चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बेहद तेज और झोकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। तीव्र मेघगर्जन, आकाशीय बिजली गिरने, वज्रपात और ओलावृष्टि से फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों को साफ हिदायत दी है कि जब तक मौसम सामान्य न हो जाए, तब तक यात्रा करने से बचें और सुरक्षित जगहों पर ही रहें।













