श्रीगंगानगर जिले के रावला मंडी थाना क्षेत्र स्थित 9 एसकेएम सखी गांव में मंगलवार को एक भीषण घरेलू दुर्घटना सामने आई, जहाँ रिहायशी परिसर में बनी भूमिगत पानी की डिग्गी में गिरने से मां और उसके मासूम बेटे की डूबकर असमय मौत हो गई. हादसे के वक्त महिला के साथ उसके दो बच्चे भी गहरे पानी में जा गिरे थे. आसपास मौजूद ग्रामीणों और परिजनों की तत्परता से एक बच्ची को सही सलामत बाहर खींच लिया गया, जिससे उसकी जान बच गई. घटना की जानकारी मिलते ही रावला थाना पुलिस का दल घटनास्थल पर पहुँचा और पूरे मामले की प्राथमिक जांच शुरू की.
पानी की डिग्गी में गिरने से मची चीख-पुकार
सखी गांव के इस मकान में पानी के भंडारण के लिए पारंपरिक डिग्गी बनाई गई थी. मंगलवार को अज्ञात परिस्थितियों में महिला अपने दोनों बच्चों समेत अचानक पानी से भरी डिग्गी में गिर गई. पानी में गिरने की तेज आवाज और परिजनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मदद के लिए मौके की ओर दौड़े. ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए गहरे पानी से तीनों को बाहर निकालने का रेस्क्यू प्रयास शुरू किया. भरसक कोशिशों के बावजूद महिला और उसके बेटे को बचाया नहीं जा सका, क्योंकि पानी में अधिक समय रहने के कारण वे दम तोड़ चुके थे. हालांकि, लोगों ने दूसरी बच्ची को समय रहते पानी से बाहर खींच लिया, जिससे वह सकुशल बच निकली.
अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए शव
दुर्घटना के तुरंत बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और घटनास्थल पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एकत्र हो गए. ग्रामीणों द्वारा सूचना दिए जाने पर रावला थाना पुलिस मौके पर पहुँची और कानूनी प्रक्रिया शुरू की. पुलिस ने महिला और उसके मृत बालक के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम व आगे की औपचारिकताओं के लिए राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे घटनास्थल का मुआयना कर वास्तविक कारणों और घटनाक्रम से जुड़ी कड़ियों को जोड़ रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किस वजह से हुआ.
घरेलू जल भंडारण को लेकर सुरक्षा की चिंता
इस अप्रत्याशित हादसे के बाद पीड़ित परिवार गहरे सदमे में है और पूरे 9 एसकेएम सखी गांव में मातम पसरा हुआ है. इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने ग्रामीण इलाकों के घरों और ढाणियों में बनी पानी की डिग्गियों की खुली बनावट पर गहरी चिंता व्यक्त की है. ग्रामीणों का कहना है कि घरों में दैनिक उपयोग के लिए बनाई जाने वाली ऐसी डिग्गियों पर मजबूत ढक्कन, जाली और सुरक्षा घेरा लगाना अनिवार्य होना चाहिए, क्योंकि घरों में खेलते छोटे बच्चों और असावधानी की स्थिति में यह खुले जलकुंड जानलेवा साबित होते हैं. पुलिस फिलहाल मामले की विस्तृत जांच में जुटी है.

















