राजधानी जयपुर के सांगानेर इलाके के लिए आज का दिन खास होने वाला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा अपने ही विधानसभा क्षेत्र सांगानेर को 631 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात देने जा रहे हैं। इस मौके पर वे अलग-अलग विभागों के कई कामों का लोकार्पण करेंगे और कई नई योजनाओं की नींव रखेंगे। इन कामों से इलाके में सड़क, पानी, बिजली, सीवरेज, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं को रफ्तार मिलेगी और ‘विकसित राजस्थान’ का सपना जमीन पर उतरता दिखेगा।
इस मेगा इवेंट के तहत सांगानेर क्षेत्र को कुल 1,538 विकास कार्यों की सौगात मिल रही है। इनमें से 1,350 कामों को पूरा कर जनता को सौंपा जाएगा, जबकि 188 नए कामों का शिलान्यास होगा। मुख्यमंत्री विभिन्न सरकारी विभागों के 208 करोड़ रुपये से ज्यादा के कार्यों का लोकार्पण करेंगे, वहीं 422 करोड़ रुपये से अधिक की नई योजनाओं की आधारशिला रखेंगे।
मुहाना मोड़ पर 124 करोड़ का फ्लाईओवर
पूरे प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा आकर्षण जयपुर-भीलवाड़ा रोड के मुहाना मोड़ जंक्शन पर बनने वाला भव्य फ्लाईओवर है। 124 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाला यह फ्लाईओवर स्थानीय लोगों को रोज़ाना के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत देगा और आवाजाही आसान बनाएगा।
बंबाला में सीवरेज, भांकरोटा में ट्रॉमा सेंटर
नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए बंबाला क्षेत्र में 88 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से सीवरेज का काम, एसटीपी और मुख्य ट्रंक मेन लाइन का शिलान्यास किया जाएगा। इससे सांगानेर और आसपास के इलाकों में सीवरेज व्यवस्था आधुनिक होगी।
स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भांकरोटा में एक नए अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर की आधारशिला रखी जाएगी। इसके अलावा पृथ्वीराज नगर क्षेत्र में नए सेटेलाइट अस्पताल की नींव रखी जाएगी, जिससे आसपास रहने वाले लाखों लोगों को घर के पास ही बेहतर और आधुनिक इलाज मिल सकेगा।
सफाई के लिए नई मशीनें और ड्रोन से स्वामित्व कार्ड
कार्यक्रम के दौरान जयपुर नगर निगम को आधुनिक बनाने के मकसद से सुपर सकर मशीन और मैकेनिकल लिटर पिकर मशीन की सौगात दी जाएगी। साथ ही ‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2026’ को लेकर शहरवासियों में जागरूकता फैलाने के लिए विशेष जनजागरूकता ब्रांडिंग ऑटो को मुख्यमंत्री हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
ग्रामीण विकास को मजबूती देने के लिए ग्रामीणों को उनके मकानों के ‘स्वामित्व कार्ड’ यानी पट्टे भी बांटे जाएंगे। ड्रोन तकनीक से किए गए सटीक सर्वे के आधार पर तैयार इस स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश के 8 हजार से ज्यादा गांवों में अब तक 14 लाख से अधिक स्वामित्व कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का कानूनी हक मिल रहा है।













