राजस्थान में भारत-पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सरकारी जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने का अभियान अब पूरे जोर पर पहुंच गया है। बाड़मेर के बाद अब जैसलमेर और बीकानेर जिलों में भी बुलडोजर मशीनें सीमा क्षेत्र में घुसकर अतिक्रमण ध्वस्त कर रही हैं। गुरुवार को जैसलमेर जिले के रामगढ़ और नाचना इलाके में सरकारी भूमि पर खड़े अवैध धार्मिक ढांचों और अन्य कब्जों को गिरा दिया गया, जबकि बीकानेर जिले में खाजूवाला, पूगल और छतरगढ़ क्षेत्र में भी इसी तरह की कार्रवाई पूरी की गई। पूरी कार्रवाई के दौरान किसी अनहोनी से बचने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात रखा गया।
50 किलोमीटर के दायरे में सफाई का आदेश
केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने करीब एक महीने पहले सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए एक आदेश जारी किया था। इस आदेश में साफ कहा गया था कि भारत-पाकिस्तान सीमा से 50 किलोमीटर के भीतर हर तरह के अवैध कब्जे हटाए जाएं। राजस्थान के जैसलमेर और बाड़मेर के सीमावर्ती इलाकों में इस दायरे के भीतर सामान्य अतिक्रमण के अलावा बड़ी तादाद में मस्जिदें और मदरसे भी बिना अनुमति के खड़े कर दिए गए थे, जिन्हें अब निशाना बनाया जा रहा है। पाकिस्तान से सटे राजस्थान के पांच जिलों बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, फलौदी और श्रीगंगानगर में यह पूरा अभियान चलाया जा रहा है, क्योंकि इन्हीं जिलों से होकर 1070 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा गुजरती है।
अदालत में पहुंचा मामला, कोर्ट ने सुरक्षा को दी प्राथमिकता
प्रशासन ने इस मुहिम को ऑपरेशन बॉर्डर क्लीन नाम दिया और सबसे पहले बाड़मेर के सीमावर्ती इलाके में कई धार्मिक स्थलों पर बुलडोजर चलाया, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध भी हुआ। इसके बाद प्रभावित पक्षों ने धार्मिक स्वतंत्रता का तर्क देते हुए राजस्थान हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और कार्रवाई रोकने की मांग वाली याचिकाएं दाखिल कीं। गुरुवार को अदालत ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए साफ कहा कि देश की सुरक्षा हर धार्मिक पहचान से बड़ी है। कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रशासन को सीमा क्षेत्र से कब्जे हटाने की खुली छूट मिल गई और उसी दिन आगे की कार्रवाई तेज कर दी गई।
रामगढ़-नाचना से लेकर तनोट तक चला बुलडोजर
अदालत की मंजूरी मिलते ही उसी दिन रामगढ़ और नाचना क्षेत्र में सरकारी जमीन पर बने अवैध धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई कर दी गई। जो अतिक्रमण हटाए गए, वे सीमा से 20 से 50 किलोमीटर के दायरे में स्थित थे और पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क अवस्था में रहीं। जैसलमेर के नाचना क्षेत्र में करीब दो दर्जन अतिक्रमणकारियों को पहले ही नोटिस थमाए जा चुके थे। रामगढ़ के घोटारू क्षेत्र में पोंग बांध से विस्थापित परिवारों के लिए आवंटित दो बीघा सरकारी जमीन पर दीवार खड़ी कर बनाए गए एक अवैध धार्मिक स्थल को भी ध्वस्त किया गया, वहीं तनोट क्षेत्र में एक अवैध मदरसे पर भी बुलडोजर चला दिया गया।
बीकानेर में भी 80 अतिक्रमण जमींदोज
बीकानेर सीमा के 50 किलोमीटर के दायरे में वन विभाग ने खाजूवाला, पूगल और छतरगढ़ इलाके में कुल 80 अतिक्रमणों को हटाया। इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय निवासियों ने कड़ा विरोध जताया, लेकिन भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी के आगे उनका विरोध बेअसर रहा। सूत्रों की मानें तो अतिक्रमण हटाने का यह दौर अभी और तीन दिन तक जारी रहने वाला है, और पुलिस-प्रशासन पूरी तैयारी के साथ हर बार सीमावर्ती इलाकों में पहुंच रहा है ताकि कार्रवाई के दौरान कोई गड़बड़ी न हो।




















