अयोध्या के राम मंदिर में दान चोरी की खबर ने देश भर के मंदिर प्रबंधनों को अलर्ट मोड में डाल दिया है और अब मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में भी दान पेटियों और गिनती कक्ष की सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दी गई है।
अयोध्या की घटना से हिला पूरा देश
उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित भगवान राम मंदिर में दान चोरी सामने आने के बाद पूरे देश में हलचल मच गई। शुरुआत में किसी को इस पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जैसे जैसे मामले की परतें खुलती गईं, श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती चली गईं। इस घटना के बाद देश भर में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं और बड़ी संख्या में भक्त अब मंदिरों में दान देने से पहले हिचकिचाने लगे हैं। आस्था से जुड़े इस मामले ने मंदिर प्रबंधन समितियों की भी नींद उड़ा दी है, क्योंकि हर मंदिर अपनी साख को लेकर अब पहले से कहीं ज्यादा सतर्क हो गया है।
मथुरा में क्यों बढ़ा दी गई सुरक्षा
अयोध्या की घटना का असर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर पर भी साफ दिख रहा है। भगवान श्रीकृष्ण सेवा संस्थान यानी श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दान की गिनती वाले कमरे की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है। मंदिर ट्रस्ट के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि मंदिर में आने वाला दान जिन पेटिकाओं में जमा होता है, उन पर सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है। गिनती वाले कमरे में भी कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और साथ ही मंदिर के सुरक्षाकर्मी गिनती करने वाले कर्मचारियों पर भी नजर रखते हैं। कपिल शर्मा ने साफ किया, "हम मंदिर में किसी टिन्नू यादव को नहीं खोज रहे, हम केवल भक्तों पर भरोसा करते हैं।" उन्होंने आगे कहा कि जिस तरह समुद्र मंथन में पहले विष निकला था, ठीक उसी तरह राम मंदिर की चोरी की घटना से भी विष बाहर आ गया है और अब अमृतपान होने की बारी है। उनका कहना था कि मंदिर प्रशासन का ध्यान किसी संदिग्ध व्यक्ति को खोजने पर नहीं, बल्कि भक्तों की आस्था पर टिका है और जो भी दोषी होगा, उसका सच एक दिन खुद सामने आ जाएगा।
ऐसे होती है जन्मभूमि मंदिर में दान की गिनती
कपिल शर्मा ने दान गिनती की पूरी प्रक्रिया भी विस्तार से बताई। उनके मुताबिक, मंदिर में आने वाले दान की गिनती के लिए 15 फीट गुणा 15 फीट का एक अलग कमरा तय किया गया है। इस दान काउंटिंग कक्ष में कुल 7 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, जो हर गतिविधि पर नजर रखते हैं। गिनती के दौरान तीन लोग 8 दान गिनने वाले कर्मचारियों पर सीधी निगरानी रखते हैं। कमरे में प्रवेश से पहले गिनती करने वाले हर व्यक्ति की विधिवत तलाशी ली जाती है और खास बात यह है कि जो कर्मचारी दान की गिनती में लगे रहते हैं, उनके कपड़ों में जेब तक नहीं होती, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश न रहे। जब भी कोई कर्मचारी काउंटिंग रूम से बाहर निकलता है, उसकी एंट्री दर्ज की जाती है और जब वह दोबारा कमरे में प्रवेश करता है, तब भी उसकी एंट्री रजिस्टर में नोट होती है। रजिस्टर में यह भी लिखा जाता है कि बाहर जाने वाला व्यक्ति किस वजह से जा रहा है और उसका मकसद क्या है। कपिल शर्मा ने कहा कि राम मंदिर की घटना के बाद अब हर मंदिर का पदाधिकारी सतर्क है, क्योंकि किसी भी छोटी सी लापरवाही से मंदिर पर सवाल खड़े हो सकते हैं और सभी अपनी साख बचाने में जुटे हैं।
सुबह से शाम तक चलती है पूरी प्रक्रिया
दान की गिनती का पूरा समय भी तय है। कपिल शर्मा के अनुसार, काउंटिंग कक्ष में सभी कर्मचारी सुबह 9:30 से 10 बजे के बीच प्रवेश करते हैं। इसके बाद एक घंटे का लंच ब्रेक होता है और शाम करीब 6 बजे तक गिनती का काम चलता रहता है। जितनी भी राशि दान में मिलती है, उसे पूरी सावधानी के साथ रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। अगर उस दिन बैंक की छुट्टी नहीं होती, तो उसी दिन दान की राशि बैंक में जमा कर दी जाती है। वहीं अगर बैंक बंद हो, तो राशि को अलग अलग रजिस्टरों में दर्ज कर लिया जाता है, ताकि छुट्टी खत्म होते ही उसे बैंक में जमा किया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की पूरी कोशिश की जाती है, ताकि किसी भी स्तर पर दान की राशि को लेकर कोई शक की गुंजाइश न बचे।
करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला
श्रीकृष्ण जन्म स्थान के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि राम मंदिर में दान चोरी की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे करोड़ों लोगों की आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम, भगवान श्री कृष्ण और भगवान विश्वनाथ, ये सभी सनातन आस्था की आत्मा हैं। जब से राम मंदिर की दान चोरी की घटना उजागर हुई है, तभी से देश के सभी बड़े मंदिर सतर्क हो गए हैं। कपिल शर्मा ने बताया कि मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में भी इसी सतर्कता को ध्यान में रखते हुए हर स्तर पर एहतियात बरता जा रहा है, ताकि श्रद्धालुओं का भरोसा किसी भी सूरत में कमजोर न पड़े।




















