सप्ताह के सातों दिनों में से प्रत्येक दिन किसी न किसी देवी या देवता की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित रहता है। इनमें मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी की विशेष भक्ति और साधना के लिए बेहद फलदायी और पावन माना गया है। ज्योतिष शास्त्र में जीवन की विभिन्न परेशानियों से मुक्ति पाने के लिए इस दिन के कई सरल और प्रभावशाली उपायों का उल्लेख मिलता है। अलग-अलग समस्याओं के समाधान और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए मंगलवार को किए जाने वाले ये उपाय साधक को मानसिक शांति और सकारात्मक परिणाम प्रदान करते हैं।
लेखन कार्य में सफलता और विद्या का लाभ
यदि आप लेखन, पत्रकारिता, साहित्य या बौद्धिक सृजन के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपने काम में उल्लेखनीय प्रगति और लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन दान का विशेष महत्व है। इस दिन किसी विद्वान ब्राह्मण को उनकी आवश्यकता की कोई उपयोगी वस्तु सप्रेम भेंट करनी चाहिए। इसके साथ ही केतु ग्रह के विशेष मंत्र का 21 बार स्पष्ट उच्चारण के साथ जप करना चाहिए। यह मंत्र 'स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:' है। मान्यता है कि इस विधि से लेखन क्षमता में निखार आता है और कार्यक्षेत्र में सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।
दाम्पत्य जीवन में मिठास और शत्रुओं का शमन
वैवाहिक जीवन में यदि तनाव, कलह या सामंजस्य की कमी महसूस हो रही हो, तो उसे दूर करने के लिए मंगलवार का दिन अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। अपने दांपत्य जीवन को प्रेमपूर्ण और सुखमय बनाए रखने के लिए इस दिन किसी भी धार्मिक स्थल अथवा मंदिर में जाकर तिल से बनी बर्फी का दान करना चाहिए। यह उपाय पति-पत्नी के रिश्ते में मधुरता लाने में सहायक माना गया है।
इसके अलावा, यदि आप कार्यक्षेत्र अथवा व्यक्तिगत जीवन में गुप्त शत्रुओं या विरोधियों के कारण निरंतर मानसिक अशांति का सामना कर रहे हैं, तो मंगलवार के दिन मंदिर में पके हुए केले का फलदान करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से साधक को अपने विरोधियों और बाधा पहुंचाने वाले तत्वों पर विजय प्राप्त करने में सफलता मिलती है।
कार्यों की शुरुआती रुकावटें दूर करने का तरीका
अक्सर देखा जाता है कि जब कोई व्यक्ति कोई नया व्यवसाय, परियोजना या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करता है, तो शुरुआत में ही अप्रत्याशित बाधाएं सामने आने लगती हैं। ऐसे विघ्नों को शांत करने के लिए मंगलवार के दिन एक ताजे केले के पत्ते पर एक मुट्ठी साबुत चावल रखकर उसे मंदिर में दान कर देना चाहिए। इस उपाय से विघ्न दूर होते हैं और अटके हुए कार्य सुगमता से आगे बढ़ते हैं।
वहीं जो लोग अपनी व्यक्तिगत योग्यता, बुद्धिमत्ता और अर्जित ज्ञान के बल पर जीवन में मान-सम्मान और सफलता के सभी पड़ाव पार करना चाहते हैं, उन्हें मंगलवार के दिन किसी विशाल बरगद के वृक्ष के समीप जाना चाहिए। वहां वृक्ष को धूप-दीप दिखाकर श्रद्धापूर्वक नमन करें और उसके तने का स्पर्श करके आशीर्वाद प्राप्त करें। यह अभ्यास ज्ञान और एकाग्रता को सुदृढ़ करने वाला माना गया है।
घर का अभाव मिटाने और संतान की उन्नति के उपाय
कई परिवारों में लगातार मेहनत के बाद भी किसी न किसी आवश्यक वस्तु, धन या सुख-साधनों का अभाव हमेशा बना रहता है। इस कमी को दूर करने के लिए मंगलवार के दिन अपने घर के निकट स्थित किसी मंदिर में जाकर शुद्ध गाय के घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए। इसके पश्चात दोनों हाथ जोड़कर ईश्वर से परिवार की सुख-समृद्धि और अभाव मुक्ति के लिए निष्कपट भाव से प्रार्थना करनी चाहिए।
यदि माता-पिता अपनी संतान के भविष्य को लेकर सदैव चिंताग्रस्त रहते हैं या उसकी शिक्षा और करियर को एक सही और उज्ज्वल दिशा देना चाहते हैं, तो मंगलवार का दिन एक खास परोपकारी कार्य के लिए उत्तम है। इस दिन अपनी संतान के हाथों से किसी जरूरतमंद या असहाय व्यक्ति को काले रंग का कंबल दान करवाना चाहिए। इस कार्य से संतान के जीवन के दोष दूर होते हैं और उसके सामने उन्नति के नए अवसर बनते हैं।
शारीरिक व्याधियों, जोड़ों और कमर दर्द से राहत
शारीरिक स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों के लिए भी ज्योतिष में मंगलवार के विशेष नियमों का उल्लेख मिलता है। यदि कोई व्यक्ति लंबे समय से जोड़ों के दर्द की समस्या से ग्रसित है, तो उसे केतु ग्रह से संबंधित उपाय करने का परामर्श दिया जाता है। इसके लिए मंगलवार के दिन विधिवत केतु यंत्र की स्थापना करके उसकी धूप-दीप और अक्षत से पूजा करनी चाहिए। पूजा के दौरान 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: केतवे नम:' मंत्र का श्रद्धापूर्वक जप करना चाहिए। साधक इस मंत्र का जितना अधिक जप करता है, यंत्र की प्रभावशीलता उतनी ही अधिक मानी जाती है। जप शुरू करने से पहले ही जप संख्या का संकल्प अवश्य ले लें और अनुष्ठान संपन्न होने पर यंत्र को अपने घर के किसी पवित्र और उपयुक्त स्थान पर स्थापित करें।
यदि आप कई दिनों से कमर दर्द की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो मंगलवार के दिन मंदिर में जाकर काले तिल का दान करना चाहिए। इसके साथ ही किसी बरगद के वृक्ष के पास जाकर रोली और अक्षत यानी चावल से उसकी विधिवत पूजा-अर्चना करनी चाहिए। मान्यता है कि यह विधि शारीरिक कष्टों को कम करने में सहायक होती है।
कर्ज से मुक्ति पाने के अचूक नियम
यदि कोई व्यक्ति भारी कर्ज के बोझ से दबा हुआ है और तमाम प्रयासों के बाद भी देनदारियां समाप्त होने का नाम नहीं ले रही हैं, तो मंगलवार का दिन इस भार से उबरने के लिए सबसे सटीक माना गया है। इस दिन प्रातःकाल स्नानादि नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए। इसके बाद घर के शांत और पवित्र स्थान पर अपना पूजा का आसन बिछाकर दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके बैठना चाहिए।
आसन पर बैठने के पश्चात संकटमोचन श्री हनुमान का एकाग्र मन से ध्यान करते हुए ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। इसके अतिरिक्त एक व्यावहारिक और चमत्कारी नियम यह भी है कि यदि आप मंगलवार के दिन अपने लेनदार को कर्ज की एक किस्त या मात्र एक रुपया भी आंशिक रूप से लौटाते हैं, तो पूरे कर्ज के जल्द से जल्द उतर जाने का मार्ग प्रशस्त हो जाता है।
दांतों के चिकित्सकों के लिए विशेष उपाय और मनोकामना पूर्ति
यदि आप दंत चिकित्सा यानी डेंटिस्ट के पेशे से जुड़े हैं और अपने क्लीनिक अथवा व्यवसाय में बेहतर परिणाम और यश अर्जित करना चाहते हैं, तो मंगलवार के दिन एक जल से भरे पात्र में कुमकुम मिलाएं। इसके बाद मन में अपने कार्य की सफलता की प्रार्थना करते हुए उस जल को बरगद के वृक्ष की जड़ में अर्पित करें। साथ ही अपने भांजे को एक नई शर्ट उपहार स्वरूप भेंट करें।
यदि आपका कोई जरूरी काम लंबे समय से अटका हुआ है और तमाम कोशिशों के बावजूद पूरा नहीं हो पा रहा है, तो मंगलवार के दिन लाल रंग की मौली यानी कलावा लेकर हनुमान जी के मंदिर जाएं। मंदिर पहुंचकर उस रक्षासूत्र को हनुमान जी के पावन चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद प्रभु के चरणों से थोड़ा सा सिंदूर लेकर अपने मस्तक पर तिलक लगाएं। अंत में अर्पित की गई मौली में से एक लंबा धागा तोड़कर अपनी कलाई पर बांध लें और शेष मौली को वहीं मंदिर परिसर में ही रखा रहने दें। ऐसा करने से रुके हुए कार्य बिना किसी विघ्न के संपन्न होने लगते हैं।



















