पूर्व विधायक राजू सिंह की सजा पर हाई कोर्ट का बड़ा आदेश, दो दिन में जमा करने होंगे 25 लाख रुपएतीन साल से लगातार घट रही वैश्विक भूख, संयुक्त राष्ट्र ने सराहे भारत के प्रयासबेटे को स्कूलों ने किया खारिज, तो नेहा सोलंकी ने बनाई खास कुर्सी, अब राष्ट्रपति भवन में मिलेगा राष्ट्रीय सम्मानदैनिक राशिफल 22 जुलाई 2026: कन्या समेत 6 राशियों का चमकेगा भाग्य, होगी धन की वर्षामेरठ के करीब छिपा है महाभारत का सबसे बड़ा रहस्य, हस्तिनापुर में आज भी मौजूद हैं उल्टे महलपूर्णिया के एनएच-31 पर सिद्धेश्वरनाथ मंदिर बना कांवरियों का पड़ाव, सावन से पहले मिलेगा 42 दिन तक मुफ्त आसराझुंझुनूं के अगवाना खुर्द में महिला का शव संदूक में मिला, पति हिरासत मेंसेल्स रिप्रेजेंटेटिव के 30 पदों पर सीधी भर्ती, लखीसराय में 30 जुलाई को लगेगा रोजगार कैंपखेत में ट्रैक्टर चलाने वाला बूंदी का बेटा कुंदन मीणा अब बनेगा डॉक्टर, NEET में लाए 602 अंकसीतामढ़ी की समिता देवी ने एक गाय से शुरू किया डेयरी कारोबार, अब हर महीने कमा रहीं 22 हजार तक रुपये
उज्जैन के महाकाल मंदिर में किसान दंपति ने चढ़ाए 8 लाख के दुर्लभ आमधर्म
3 घंटे पहले· 1

उज्जैन के महाकाल मंदिर में किसान दंपति ने चढ़ाए 8 लाख के दुर्लभ आम

मंगलवार को जबलपुर के संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी रानी सिंह ने उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में मियाजाकी सहित दुनिया की सबसे महंगी किस्मों के आठ आम बाबा महाकाल को अर्पित किए, जिनकी कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है.

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को एक ऐसी भेंट चर्चा में आ गई, जो आमतौर पर देखने को नहीं मिलती. सोना, चांदी और नकदी चढ़ाने की परंपरा से हटकर जबलपुर से आए एक दंपति ने बाबा महाकाल को दुनिया की सबसे दुर्लभ और महंगी किस्मों के आम भेंट किए. मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु इस अनोखे चढ़ावे को देखने के लिए उमड़ पड़े.

कौन हैं यह दंपति और क्या चढ़ाया

जबलपुर के रहने वाले संकल्प सिंह परिहार दुनिया की दुर्लभ प्रजातियों के हाइब्रिड आमों की खेती करते हैं. मंगलवार को वह अपनी पत्नी रानी सिंह के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे. दोनों ने विधि-विधान से बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन किया और इसके बाद भोग स्वरूप करीब तीन किलो वजन के आठ प्रीमियम आम अर्पित किए. यह सभी आम दुनिया की सबसे दुर्लभ और महंगी प्रजातियों में गिने जाते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है. जैसे ही मंदिर में मौजूद लोगों को इन आमों की खासियत और कीमत के बारे में पता चला, उन्हें देखने के लिए दर्शनार्थियों के बीच होड़ मच गई.

ये भी पढ़ें

मियाजाकी सहित कौन-कौन सी किस्में हुईं अर्पित

रानी सिंह ने बताया कि इस बार बाबा महाकाल को दुनिया के सबसे महंगे आमों का भोग लगाया गया. इनमें जापान का मशहूर मियाजाकी आम भी शामिल था, जिसे ताइयो-नो-तोमागो के नाम से भी जाना जाता है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस आम की कीमत करीब 2.70 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है. इसके अलावा बाबा को ऑस्ट्रेलियन मैंगो और आर2-ई2 किस्म के आम भी समर्पित किए गए. संकल्प सिंह परिहार का कहना है कि उनके 12 एकड़ में फैले महाकाल हाइब्रिड फार्म को जो सफलता मिली है, वह बाबा महाकाल की कृपा का ही नतीजा है. यही वजह है कि वर्ष 2014 से हर साल वह अपनी पहली फसल सबसे पहले भगवान महाकाल को ही अर्पित करते हैं.

18 कुत्ते और सीसीटीवी कैमरों से होती है बगीचे की निगरानी

इतने कीमती आमों के बगीचे की सुरक्षा भी उतनी ही चौकस है. संकल्प परिहार ने बताया कि उनके बगीचे की रखवाली के लिए विदेशी नस्ल के 18 कुत्ते रखे गए हैं. रात होते ही इन कुत्तों को बगीचे में छोड़ दिया जाता है और वे पूरी रात पहरा देते हैं. दिन के समय बगीचे की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए की जाती है. इसी बगीचे में मियाजाकी के अलावा मल्लिका, आम्रपाली और ब्लैक मैंगो सहित कुल 24 प्रकार की आम की वैरायटी मौजूद है.

15 साल से खेती, 52 एक्सक्लूसिव प्रजातियां

संकल्प परिहार बाबा महाकाल के भक्त हैं और पिछले 15 साल से आम की खेती कर रहे हैं. जबलपुर में उनका 12 एकड़ का आम का बगीचा है, जिसमें 24 वैरायटी के करीब 1000 आम के पेड़ और 52 एक्सक्लूसिव नस्लों के आम मौजूद हैं. उन्होंने बताया कि इंटरनेशनल मार्केट में मियाजाकी आम की कीमत 2.70 हजार रुपये प्रति किलो है. हर साल की तरह इस साल भी उन्होंने महाकालेश्वर के चरणों में आम अर्पित किए. पूजा के बाद पंडित जी ने जापानी मियाजाकी आम उन्हें प्रसाद स्वरूप वापस लौटा दिया.

सवाल-जवाब

बाबा महाकाल को दुर्लभ आम किसने अर्पित किए?
जबलपुर के संकल्प सिंह परिहार और उनकी पत्नी रानी सिंह ने मंगलवार को उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में यह आम अर्पित किए.
इन आमों की कुल कीमत कितनी बताई जा रही है?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आठ प्रीमियम आमों की कीमत करीब 8 लाख रुपये आंकी गई है.
इसमें कौन-कौन सी किस्में शामिल थीं?
जापान के मियाजाकी आम के अलावा ऑस्ट्रेलियन मैंगो और आर2-ई2 किस्म के आम शामिल थे.
मियाजाकी आम की कीमत क्या है?
रानी सिंह के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 2.70 लाख रुपये प्रति किलो तक बताई जाती है, वहीं संकल्प परिहार ने इसे 2.70 हजार रुपये प्रति किलो भी बताया.
संकल्प परिहार का बगीचा कितना बड़ा है और उसमें क्या है?
जबलपुर में उनका 12 एकड़ का बगीचा है, जिसमें 24 वैरायटी के करीब 1000 पेड़ और 52 एक्सक्लूसिव नस्लों के आम मौजूद हैं.
बगीचे की सुरक्षा कैसे की जाती है?
रात में विदेशी नस्ल के 18 कुत्ते बगीचे की रखवाली करते हैं, जबकि दिन में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होती है.
संकल्प परिहार कब से आम की खेती कर रहे हैं?
वह पिछले 15 साल से आम की खेती कर रहे हैं.
हर साल पहली फसल महाकाल को चढ़ाने की परंपरा कब से शुरू हुई?
यह परंपरा वर्ष 2014 से चली आ रही है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR