टाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद विद्युत जामवाल ने उठाया फैंस की चुप्पी पर सवाल, दी बजरंग बाण सुनने की सीखडेनिस लिली और उनके बेटे एडम ने जब पाकिस्तान के खिलाफ मिलकर झटके थे छह विकेटअमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से सोना 4,150 डॉलर के नीचे फिसला, फेडरल रिजर्व के रुख पर टिकी नजरेंवैश्विक तनाव और मंदी की आहट से सहमा घरेलू बाजार, भारी बिकवाली में 500 शेयरों ने छुआ निचला स्तरओपनएआई के पूर्व इंजीनियर की जमानत याचिका खारिज, अदालत ने सऊदी अरब भागने के खतरे पर जताई चिंताएलिजाबेथ होम्स के पति बिली इवांस ने शुरू किया नया हेल्थ डायग्नोस्टिक स्टार्टअप, रमन स्पेक्ट्रोस्कोपी तकनीक पर आधारित मशीन बनाने का दावामीन राशिफल 20 अक्टूबर: संपर्कों और सहयोग का दायरा बढ़ेगा, आर्थिक मामलों में बजट का रखें ध्यानरांची के स्कूली छात्र रचित राज ने बनाया स्मार्ट गैस लीक डिटेक्टर, हादसों से बचाएगा यह अनोखा सिस्टमअमेरिकी डॉलर की मजबूती के आगे पस्त हुआ स्विस फ्रैंक, फेडरल रिजर्व और एसएनबी की नीतियों में दिखा बड़ा अंतरकोडरमा के दयानंद ने साझा किया यामाहा रेजेडआर 125 का राइडिंग अनुभव, हाइब्रिड तकनीक और 60 किमी तक माइलेज की बताई खासियतें
किर्गिस्तान की इसिक-कुल झील का अंतरिक्ष से दिखा अद्भुत दृश्य, 118 नदियां समाने के बाद भी नहीं निकलता पानी का एक कतराविज्ञान
1 सित॰ 2026, 11:49 pm (48 दिन पहले)· 5

किर्गिस्तान की इसिक-कुल झील का अंतरिक्ष से दिखा अद्भुत दृश्य, 118 नदियां समाने के बाद भी नहीं निकलता पानी का एक कतरा

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से ली गई नई तस्वीर में तियान शान पहाड़ों के बीच बसी इसिक-कुल झील का विहंगम दृश्य सामने आया है, जिसमें 118 नदियां आकर गिरती हैं लेकिन एक भी नदी बाहर नहीं निकलती।

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन ने किर्गिस्तान के ऊपर से गुजरते समय पृथ्वी के सबसे आकर्षक प्राकृतिक अजूबों में से एक इसिक-कुल झील की एक बेहद सुंदर तस्वीर पेश की है। अंतरिक्ष में तैनात कैमरों से ली गई इस तस्वीर में बर्फ से ढकी तियान शान पर्वत श्रृंखला की विशाल चोटियों के बीच फैली नीले रंग की यह विशाल झील हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींच रही है। समुद्र तल से काफी ऊंचाई पर बसी होने और चारों तरफ जमा देने वाली ठंड के बावजूद इस झील का व्यवहार बेहद अनोखा है, जिसे देखकर दुनिया भर के वैज्ञानिक और भूगोलवेत्ता हैरान रहते हैं।

तियान शान की वादियों में फैली एक अनोखी अल्पाइन झील

भौगोलिक दृष्टिकोण से इसिक-कुल झील मध्य एशिया के किर्गिस्तान देश की सबसे बड़ी झील मानी जाती है। समुद्र तल से लगभग 1,607 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झील दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अल्पाइन झील के रूप में दर्ज है। इसकी लंबाई लगभग 182 किलोमीटर और चौड़ाई करीब 60 किलोमीटर है। चारों तरफ से बर्फ से ढकी ऊंची पर्वत चोटियों से घिरी होने के कारण यह एक विशाल नीले रत्न जैसी दिखाई देती है। अंतरिक्ष से लिया गया इसका नजारा पृथ्वी के अनूठे पारिस्थितिकी तंत्र और जल निकायों की सुंदरता को उजागर करता है।

118 नदियों का संगम लेकिन निकास का रास्ता शून्य

इस झील का सबसे अनूठा पहलू इसका जल प्रवाह तंत्र है। इस विशाल जल निकाय में पहाड़ों की बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से निकलने वाली 118 से ज्यादा नदियां और छोटी धाराएं लगातार आकर मिलती हैं। हालांकि इस व्यवस्था का सबसे आश्चर्यजनक सच यह है कि इतने सारे स्रोतों से पानी प्राप्त करने के बाद भी इस झील से एक भी नदी बाहर नहीं निकलती। यह पूरी तरह से एक बंद जल-प्रणाली यानी एंडोरहिक बेसिन का हिस्सा है। झील में जमा होने वाला पानी किसी भी समुद्र या बाहरी नदी घाटी तक बहकर नहीं जाता, बल्कि इसका मुख्य निकास केवल वाष्पीकरण प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव होता है।

कड़ाके की ठंड में भी क्यों नहीं जमती यह झील?

सर्दियों के मौसम में इस पर्वतीय क्षेत्र का तापमान शून्य से कई डिग्री नीचे चला जाता है और आसपास की चोटियां बर्फ की मोटी परत से ढक जाती हैं। इसके बावजूद इसिक-कुल झील का पानी आमतौर पर सर्दियों में जमता नहीं है। इसी खास विशेषता की वजह से स्थानीय भाषा में इसे गर्म झील कहा जाता है। वैज्ञानिकों के अनुसार झील की अत्यधिक गहराई, पानी की बहुत बड़ी मात्रा और इसमें मौजूद हल्का खारापन गर्मी को लंबे समय तक रोक कर रखता है। यह थर्मल जड़त्व झील की सतह पर आसानी से बर्फ की परत नहीं जमने देता।

पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के अध्ययन में महत्व

इसिक-कुल झील केवल पर्यटकों और शोधकर्ताओं के लिए ही आकर्षण का केंद्र नहीं है, बल्कि यह जलवायु विज्ञान के लिए भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है। चूंकि यह एक बंद बेसिन है, इसलिए इसके जल स्तर में आने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर ग्लेशियरों के पिघलने, बर्फबारी की मात्रा, बारिश के पैटर्न और वैश्विक तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव को दर्शाता है। अंतरिक्ष स्टेशन से ली गई तस्वीरें और उपग्रह आंकड़े शोधकर्ताओं को जल चक्र तथा पर्वतीय जलवायु में हो रहे बदलावों को अधिक सटीक तरीके से समझने में मदद करते हैं।

ये भी पढ़ें

सवाल-जवाब

इसिक-कुल झील किस देश में स्थित है?
इसिक-कुल झील मध्य एशिया के देश किर्गिस्तान में स्थित है और यह तियान शान पर्वतों से घिरी हुई है।
इस झील में कितनी नदियां आकर मिलती हैं?
इसिक-कुल झील में 118 से अधिक नदियां और पर्वतीय धाराएं आकर समाती हैं।
कड़ाके की ठंड में भी यह झील क्यों नहीं जमती?
इसकी अधिक गहराई, पानी की विशाल मात्रा और हल्के खारेपन के कारण यह ऊष्मा को रोके रखती है, जिससे कड़ाके की ठंड में भी पानी नहीं जमता।
इस झील की लंबाई और चौड़ाई कितनी है?
यह झील लगभग 182 किलोमीटर लंबी और लगभग 60 किलोमीटर चौड़ी है।
एंडोरहिक बेसिन का क्या मतलब होता है?
एंडोरहिक बेसिन एक बंद जल-प्रणाली होती है जहां पानी एकत्र तो होता है, लेकिन किसी नदी के जरिए बाहर समुद्र में नहीं जाता।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp