जंगल की दुनिया और समंदर की गहराइयों में जिंदगी की जंग बहुत मुश्किल होती है। यहाँ हर पल किसी न किसी शिकारी की नजर छोटे जीवों पर टिकी रहती है, तो वहीं शिकारियों को भी अपने पेट भरने के लिए लगातार दांव-पेंच लगाने पड़ते हैं। इस कशमकश में जिंदा रहने के लिए कई जीवों ने कुदरत से मिले ऐसे अनोखे हुनर अपनाए हैं, जो इंसानी समझ को भी हैरान कर देते हैं। कोई जीव जरूरत पड़ते ही कई खतरनाक समुद्री जीवों का रूप धर लेता है, तो कोई किसी खतरनाक शिकारी पक्षी के बजाय सीधा-साधा मुर्दाखोर बनकर आकाश में चक्कर काटता है। कहीं कोई तितली चींटियों के पूरे कुनबे को अपने बच्चों का रखवाला बना लेती है, तो कहीं कोई सांप अपनी पूंछ को मकड़ी बनाकर भूखे परिंदों को अपने शिकंजे में फंसा लेता है। रूप बदलने, आवाज की हूबहू नकल करने और अपने रंग-ढंग से धोखा देने वाले ऐसे ही सात अनोखे जीवों का तरीका किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं लगता।
उथले समंदर का सबसे चतुर बहुरुपिया मिमिक ऑक्टोपस
दक्षिण-पूर्व एशिया के उथले समंदर में रहने वाला मिमिक ऑक्टोपस दुनिया भर के समुद्री जीवों में अपने खास अंदाज के लिए जाना जाता है। इसे इस धरती का सबसे शातिर बहुरुपिया माना गया है, क्योंकि यह अकेला ऐसा समुद्री जीव है जो अपनी जरूरत और खतरे की गंभीरता को भांपते ही कई अलग-अलग जीवों का रूप और उनके चलने-फिरने का अंदाज पलक झपकते ही अपना लेता है। जब भी इसे किसी बड़े शिकारी जीव से अपनी जान पर खतरा महसूस होता है, तो यह बिना कोई वक्त गंवाए तुरंत रूप बदल लेता है। यह बेहद जहरीली मानी जाने वाली लायनफिश, जानलेवा समुद्री सांप या फिर समंदर के तल पर रहने वाली चपटी मछली का रूप धर लेता है। रूप बदलने के साथ-साथ यह उनकी तैरने की शैली की भी इतनी सटीक नकल करता है कि बड़े-बड़े शिकारी जीव पूरी तरह भ्रम में पड़ जाते हैं। इसके इस अनोखे अभिनय के आगे शिकारी उलझ जाते हैं और इसे पहचान नहीं पाते, जिसका पूरा फायदा उठाकर यह चालाक जीव चुपचाप सुरक्षित निकल भागता है।
इंसानी मशीनों तक की आवाज निकालने वाला लायर्ड बर्ड
ऑस्ट्रेलिया के घने जंगलों में पाया जाने वाला लायर्ड बर्ड अपनी जादुई आवाज के दम पर पूरी दुनिया के जीव वैज्ञानिकों और पर्यावरण प्रेमियों को हैरत में डाल देता है। कुदरत ने इस अनोखे पक्षी के गले में ऐसी बेमिसाल खूबी बख्शी है कि यह दुनिया भर की लगभग किसी भी आवाज की हूबहू नकल तैयार कर सकता है। यह पक्षी जंगल में रहने वाले दूसरे परिंदों की बोलियां तो बहुत आसानी से बोल ही लेता है, साथ ही यह इंसानी बस्तियों और आधुनिक दुनिया के शोरगुल की आवाजों को भी बिल्कुल साफ-साफ दोहरा सकता है। उदाहरण के लिए, यह किसी दौड़ती गाड़ी के कार सायरन, किसी कैमरे के शटर की आवाज और लकड़ी काटने वाली कटर मशीन की तेज आवाज को भी जस का तस निकाल लेता है। यह पक्षी इन अजीबोगरीब और डरावनी आवाजों को केवल मौज-मस्ती के लिए नहीं निकालता, बल्कि यह इसकी हिफाजत का सबसे मजबूत हथियार है। जब भी कोई शिकारी इसके करीब फटकने की कोशिश करता है, तो यह बेहद भयानक और अजीब आवाजें निकालकर उसे बुरी तरह डराकर भगा देता है। इसके अलावा, अपने इस हुनर का इस्तेमाल यह अपने साथी को रिझाने और लुभाने के लिए भी बखूबी करता है।
गिद्ध का भेष बनाकर शिकार करने वाला जोन-टेल्ड हॉक
आसमान में उड़ने वाले शिकारी परिंदों के बीच जोन-टेल्ड हॉक ने अपना पेट भरने के लिए एक बेहद हैरतअंगेज तरीका ढूंढ निकाला है। यह बाज देखने में काफी हद तक टर्की वल्चर यानी गिद्ध जैसा दिखाई देता है। गिद्ध मुख्य रूप से मरे हुए जानवरों को खाने वाला यानी मुर्दाखोर पक्षी होता है, इसलिए जमीन पर विचरण करने वाले छोटे जानवरों और परिंदों को उससे किसी भी तरह के सीधे हमले का खतरा नहीं महसूस होता। जब यह बाज खुले आसमान में पंख फैलाकर उड़ता है, तो नीचे जमीन पर मौजूद नन्हे जीव इसे कोई खतरनाक शिकारी बाज नहीं, बल्कि एक सामान्य और सीधा-साधा गिद्ध समझ लेते हैं। इस गलतफहमी के चलते वे छोटे जीव बिल्कुल भी सावधान नहीं होते और बिना किसी खौफ के खुले मैदानों में आराम से घूमते रहते हैं। यह चालाक बाज आकाश में उन्हीं बेकसूर जीवों के ठीक ऊपर बड़े इत्मीनान से मंडराता रहता है और जैसे ही उसे सही मौका दिखता है, वह अचानक उन पर तेज झपट्टा मारकर अपना आसान शिकार बना लेता है।
जहरीली तितली का नाटक करने वाली वासरॉय बटरफ्लाई
रंग-बिरंगी तितलियों की दुनिया में वासरॉय बटरफ्लाई का जीने का अंदाज किसी बहुत बड़े फिल्मी धोखे जैसा नजर आता है। अगर इसे पहली नजर में कोई देखे, तो यह हूबहू मोनाच बटरफ्लाई जैसी दिखाई पड़ती है, और यह कोई कुदरती संयोग मात्र नहीं है। इसके पीछे एक बहुत बड़ी शारीरिक वजह छिपी हुई है। मोनाच तितलियां जिस तरह के पौधों और पत्तियों का सेवन करती हैं, उनके चलते उनके पूरे शरीर के भीतर एक खास किस्म का कड़वा जहर बन जाता है। इस कड़वाहट और जहरीले असर की वजह से परिंदे और दूसरे शिकारी जीव मोनाच तितली को खाना कतई पसंद नहीं करते। वासरॉय तितली इसी बात का भरपूर फायदा उठाती है और अपने पंखों का रंग-रूप बिल्कुल मोनाच तितली जैसा बनाकर घूमती है। आकाश में उड़ने वाले शिकारी पक्षी इन दोनों तितलियों के बीच के फर्क को पहचान ही नहीं पाते। वे जहर के डर से दोनों ही किस्म की तितलियों से दूरी बनाए रखते हैं, और इस तरह यह नन्ही तितली बिना किसी जहरीले असर के भी अपनी जिंदगी सलामत बचा लेती है।
चींटियों के घोंसले में पलने वाली एल्कोन ब्लू बटरफ्लाई की इल्ली
एल्कोन ब्लू बटरफ्लाई की इल्लियां यानी कैटरपिलर बचपन के शुरुआती दौर में ही चालाकी का ऐसा अनोखा नमूना पेश करती हैं जिसे जानकर कोई भी दंग रह जाए। जब इस तितली के अंडे फूटते हैं और नन्हीं इल्लियां बाहर निकलकर जमीन पर गिरती हैं, तो वे तुरंत अपने शरीर से एक खास किस्म की महक छोड़ना शुरू कर देती हैं। यह महक हूबहू चींटियों के अपने नन्हे बच्चों की गंध जैसी होती है। इस रासायनिक गंध के छलावे में आकर हमेशा बेहद चौकन्नी रहने वाली चींटियां भी पूरी तरह धोखा खा जाती हैं। चींटियां इन इल्लियों को अपनी ही बिरादरी का बच्चा समझ लेती हैं और उन्हें अपने मुंह में उठाकर हिफाजत के साथ अपनी जमीन के नीचे बनी सुरक्षित बांबी या घोंसले में ले जाती हैं। घोंसले के सुरक्षित माहौल में चींटियां इन बाहरी मेहमानों की बिल्कुल अपने सगे बच्चों की तरह तीमारदारी करती हैं, उन्हें रोज भरपेट दाना खिलाती हैं और बाहरी खतरों से उनकी पूरी रखवाली करती हैं। इस प्रकार यह तितली अपनी जिंदगी के सबसे नाजुक और कमजोर दौर में चींटियों की पूरी फौज को ही अपना निजी पहरेदार बना लेती है।
मकड़ी जैसी पूंछ हिलाकर जाल बिछाने वाला स्पाइडर-टेल्ड हॉर्नेड वाइपर
ईरान के तपते रेगिस्तानों और उबड़-खाबड़ पथरीले इलाकों में रहने वाला स्पाइडर-टेल्ड हॉर्नेड वाइपर अपने शिकार को फांसने के मामले में सबसे बड़ा उस्ताद माना जाता है। इस बेहद जहरीले सांप की पूंछ का बिल्कुल अंतिम सिरा कुदरती तौर पर एक मकड़ी की शक्ल जैसा विकसित हुआ है और वह हिलता-डुलता भी बिल्कुल किसी जिंदा मकड़ी की तरह है। जब भी किसी भूखे छोटे परिंदे की नजर इस सांप की पूंछ पर पड़ती है, तो वह उसे कोई असली मकड़ी या रेंगता हुआ कीड़ा समझ लेता है और भोजन की तलाश में उस पर तुरंत झपट्टा मारने की बहुत बड़ी गलती कर बैठता है। जैसे ही वह परिंदा उस झूठी मकड़ी को दबोचने के लिए बिल्कुल नजदीक आता है, पत्थरों की दरारों में पहले से घात लगाकर बैठा यह खतरनाक सांप फुफकारते हुए बिजली की तेजी से उस पर हमला बोल देता है। इस सांप की बाकी पूरी देह आसपास के मटमैले पत्थरों और कंकड़ों के बीच पूरी तरह छुपी रहती है, जिसके चलते शिकार बने पक्षी को अपनी जिंदगी के आखिरी लम्हे तक यह भनक भी नहीं लग पाती कि वह भोजन नहीं, बल्कि खुद मौत के मुंह में जा रहा है।
फूल बनकर कीड़ों को फांसने वाली सुंदर ऑर्किड मैंटिस
कुदरती परिवेश में छिपकर अचानक हमला करने और खुद को सुरक्षित रखने के मामले में मैंटिस की अलग-अलग प्रजातियों का कोई मुकाबला नहीं है। इस कीट के शरीर की पूरी बनावट ही ऐसी होती है कि यह किसी पौधे की सूखी पत्ती, पतले डंठल या फिर पेड़ों की ताजी हरी टहनी की तरह नजर आता है, जिससे रास्ते से गुजरने वाले इसके दुश्मन इसे बिल्कुल भांप नहीं पाते। लेकिन इस पूरे समूह में ऑर्किड मैंटिस नाम की मादा मैंटिस का शिकार करने का अंदाज सबसे ज्यादा खूबसूरत और साथ ही सबसे ज्यादा जानलेवा होता है। इस मादा मैंटिस की पूरी काया देखने में किसी बेहद दिलकश और ताजे ऑर्किड के फूल जैसी दिखाई देती है। यहां तक कि इसके अंगों का रंग असली ताजे फूलों की पंखुड़ियों से भी कहीं ज्यादा चटक और चमकदार होता है। इसकी इसी मनमोहक रंगत के छलावे में आकर हवा में उड़ने वाले और फूलों से पराग चूसने वाले नन्हे कीड़े-मकोड़े खींचे चले आते हैं। वे इसे खुशबूदार फूल समझकर जैसे ही इसके ऊपर बैठते हैं, यह फूल का चोला पहने बैठी शिकारी मैंटिस झट से उन्हें अपना निवाला बना लेती है।



















