कच्चे तेल में उछाल और अमेरिकी ब्याज दरों की आशंका से ब्रिटिश पाउंड पर दबाव, डॉलर मजबूतझारखंड के मिर्जाहड़ी हाट में चटाई पर बिकता है सस्ता राशन, 10 रुपये से शुरू होती है जरूरत की चीजेंचिप शेयरों में जोरदार उछाल से वॉल स्ट्रीट में तेजी, फेड मिनट्स से पहले एसएंडपी 500 नए रिकॉर्ड स्तर परफरीदाबाद के अटाली में स्थित बाबा लाल दास मंदिर, जहां आकर लोग छोड़ रहे हैं नशे की आदतउत्तर प्रदेश के भदोही में सजा 50वां इंटरनेशनल कारपेट एक्सपो, 65 देशों के खरीदारों ने दिखाई कश्मीरी सिल्क और मिर्जापुर दरी में दिलचस्पीफ्लाईदुबई विमान में जब कॉकपिट बना अखाड़ा, डेंटिस्ट ने लगातार बातचीत कर बचाई कैप्टन स्मित मच्छार की सांसेंझारखंड की राजधानी में बना मिनी गांव, रांची के चिल्ड्रन पार्क में मिट्टी के घर और सोहराई कला बनी आकर्षणमध्य एशिया में भारत का बड़ा रक्षा सौदा, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान खरीदेंगे स्वदेशी आकाश मिसाइल प्रणालीमध्य पूर्व में मिसाइल हमलों के बीच कच्चे तेल में तेजी, डब्ल्यूटीआई 89 डॉलर के पारफ्रांस के राजकोषीय संकट और यूरोपीय राजनीतिक अनिश्चितता के बीच यूरो 1.1250 के नीचे फिसला
आजमगढ़ के ऐतिहासिक शक्तिपीठों और दक्षिणेश्वरी धाम में नवरात्रि पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़अध्यात्म
7 अक्तू॰ 2026, 6:42 am (2 घंटे पहले)· 0

आजमगढ़ के ऐतिहासिक शक्तिपीठों और दक्षिणेश्वरी धाम में नवरात्रि पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

आजमगढ़ के प्राचीन देवी मंदिरों में नवरात्रि के पावन अवसर पर भक्तों का तांता लगा हुआ है। जिले के शक्तिपीठों और दक्षिण मुखी मंदिर की धार्मिक महत्ता ग्रंथों में भी वर्णित है।

नवरात्रि के पावन पर्व पर आजमगढ़ जिले के सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक और पौराणिक देवी मंदिरों में पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ रहा है। समूचे जनपद में कई ऐसे प्राचीन धार्मिक स्थल और आश्रम स्थापित हैं, जिनका उल्लेख सनातन परंपरा और धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। आम दिनों में भी इन पवित्र परिसरों में श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहता है, किंतु नवरात्रि के दौरान माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन और पूजन के लिए यहां विशेष आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिलता है।

एशिया में विरला दक्षिण मुखी दक्षिणेश्वरी माता मंदिर

आजमगढ़ शहर के चौक क्षेत्र में स्थित मां दुर्गा का पावन मंदिर अपनी एक अत्यंत दुर्लभ भौगोलिक और आध्यात्मिक संरचना के कारण विशिष्ट माना जाता है। इस धाम में देवी की प्रतिमा दक्षिण मुखी है। समूचे एशिया महाद्वीप में इस स्वरूप के मात्र दो ही प्रतिष्ठित मंदिर ज्ञात हैं, जिनमें से एक कोलकाता में स्थित है और दूसरा आजमगढ़ के चौक पर विराजमान है। यहां देवी को दक्षिणेश्वरी माता के रूप में पूजा जाता है। दक्षिण दिशा की ओर मुख होने की इस अद्वितीय बनावट के चलते श्रद्धालुओं के मन में इस धाम के प्रति अगाध श्रद्धा है, और नवरात्रि में यहां लंबी कतारें लग रही हैं।

ये भी पढ़ें

निजामाबाद का शीतला माता धाम और आरोग्य की मान्यता

जिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित निजामाबाद में माता शीतला का अत्यंत प्राचीन धाम सुशोभित है। यह स्थल 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है, जिस वजह से यह पूरे क्षेत्र के नागरिकों के लिए श्रद्धा का प्रधान केंद्र बना हुआ है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार मां शीतला को उत्तम स्वास्थ्य और निरोगी काया प्रदान करने वाली देवी के रूप में पूजा जाता है।

आरोग्य की अभिलाषा लेकर आने वाले श्रद्धालु इस पवित्र परिसर में देवी को पारंपरिक हलवा-पूरी का भोग अर्पित करते हैं। जनमानस में यह दृढ़ विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना और माता के आशीर्वाद से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है।

मेहनगर का पल्हनेश्वरी शक्तिपीठ और पौराणिक उल्लेख

जनपद के मेहनगर इलाके में स्थित पल्हनेश्वरी माता का मंदिर भी आस्था का एक और अत्यंत प्राचीन केंद्र है। निजामाबाद धाम की भांति इसे भी 51 शक्तिपीठों में गिना जाता है। नवरात्रि के पावन दिनों में मंदिर परिसर में एक बड़े मेले का आयोजन संपन्न होता है, जिसमें माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।

इस पवित्र धाम का गौरवशाली इतिहास प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में भी दर्ज है। पद्म पुराण के द्वितीय खंड के सातवें अध्याय में इस पावन स्थल का स्पष्ट विवरण मिलता है। इसके अतिरिक्त, रामचरितमानस के बालकांड में भी महर्षि विश्वामित्र द्वारा माता की अपार महिमा का गुणगान किया गया है, जो इस मंदिर की युगीन प्रामाणिकता और दिव्यता को सिद्ध करता है।

सवाल-जवाब

आजमगढ़ के चौक स्थित दुर्गा मंदिर की क्या विशिष्टता है?
इस मंदिर में माता रानी की प्रतिमा दक्षिण मुखी है। पूरे एशिया में इस स्वरूप के मात्र दो मंदिर हैं, एक कोलकाता में और दूसरा आजमगढ़ के चौक पर, जहां देवी को दक्षिणेश्वरी माता के रूप में पूजा जाता है।
निजामाबाद स्थित शीतला माता मंदिर जिला मुख्यालय से कितनी दूर है?
निजामाबाद में स्थित यह प्राचीन शीतला माता धाम आजमगढ़ शहर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
शीतला माता मंदिर में श्रद्धालु किस प्रकार का प्रसाद चढ़ाते हैं?
आरोग्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना लेकर आने वाले श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में पारंपरिक हलवा-पूरी का प्रसाद चढ़ाते हैं।
मेहनगर स्थित पल्हनेश्वरी माता मंदिर का उल्लेख किन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है?
इस मंदिर का वर्णन पद्म पुराण के द्वितीय खंड के सातवें अध्याय में मिलता है, तथा रामचरितमानस के बालकांड में महर्षि विश्वामित्र ने भी माता की महिमा का गुणगान किया है।
आजमगढ़ के कौन से मंदिर 51 शक्तिपीठों में शामिल हैं?
निजामाबाद स्थित शीतला माता मंदिर और मेहनगर क्षेत्र में स्थित पल्हनेश्वरी माता मंदिर दोनों ही माता रानी के 51 शक्तिपीठों में गिने जाते हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp