दुनिया भर में खेलों का कारोबार अगले एक दशक में लगभग दोगुना होने की राह पर है, और इस बढ़ोतरी में सबसे बड़ा हिस्सा एक खास तबके का होगा, लैटिनो फैंस का, ऐसा मैकिंजी की एक नई रिसर्च रिपोर्ट में सामने आया है।
ग्रोथ का पूरा गणित
मैकिंजी के अनुमान के मुताबिक, खेल उद्योग की कुल वैल्यू मौजूदा करीब 165 अरब डॉलर से बढ़कर अगले दस साल में 320 अरब डॉलर से ज्यादा हो जाएगी। इस अतिरिक्त ग्रोथ में करीब एक-तिहाई हिस्सेदारी अकेले लैटिनो उपभोक्ताओं की होगी, जिससे वे इस पूरे उद्योग के विस्तार में सबसे बड़े चालकों में से एक बन जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक लैटिनो दर्शक बाकी उपभोक्ता समूहों के मुकाबले खेल देखने में ज्यादा वक्त बिताते हैं और खेल से जुड़े अनुभवों पर ज्यादा खर्च भी करते हैं। इसकी वजह यह है कि इन समुदायों के लिए लाइव मैच सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि परिवार, समुदाय और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ने का मौका होते हैं।
सांस्कृतिक जुड़ाव क्यों मायने रखता है
रिपोर्ट के अनुसार यह असर बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के दौरान सबसे ज्यादा दिखता है, जैसे वर्ल्ड कप के वॉच पार्टीज़ और उनके इर्द-गिर्द बनने वाले ऑनलाइन समुदाय। रिपोर्ट कहती है कि खेल अब पहचान, अपनेपन और प्रतिनिधित्व के आपस में मिलने की जगह बनते जा रहे हैं, और यही बदलाव उन ब्रांड्स और खेल संगठनों के लिए नए मौके खोल रहा है जो इन दर्शकों से सतही नहीं बल्कि गहराई से जुड़ना चाहते हैं।
एक जैसा नहीं है पूरा बाजार
हालांकि रिपोर्ट कंपनियों को आगाह भी करती है कि लैटिनो उपभोक्ताओं को एक जैसा, इकलौता बाजार मानने की भूल न करें। अलग-अलग समुदायों में खेल को लेकर पसंद काफी अलग है, कैरिबियन के कई इलाकों में बेसबॉल के प्रति ज्यादा लगाव देखा जाता है, जबकि दक्षिण अमेरिका के कई बाजारों में फुटबॉल कहीं ज्यादा लोकप्रिय है। रिपोर्ट का कहना है कि इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए ब्रांड्स को एक जैसी रणनीति की बजाय इलाकाई फर्क को ध्यान में रखकर काम करना होगा।
डिजिटल आदतें और AI की भूमिका
डिजिटल व्यवहार भी अगली पीढ़ी के फैंस के खेल देखने के तरीके को बदल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक लैटिनो उपभोक्ता डिजिटल-नेटिव कंटेंट की तरफ ज्यादा झुकाव रखते हैं और एक साथ कई प्लेटफॉर्म पर सक्रिय रहते हैं, जैसे टीवी पर लाइव मैच देखते हुए साथ ही मोबाइल पर अतिरिक्त कंटेंट भी फॉलो करना। भाषा को लेकर पसंद भी अलग-अलग है, कुछ फैंस अंग्रेजी कंटेंट पसंद करते हैं, कुछ स्पैनिश, तो बड़ी संख्या द्विभाषी यानी बाइलिंगुअल कंटेंट की ओर जाती है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि फैंस के साथ पर्सनलाइज्ड जुड़ाव बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड एनालिटिक्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन साथ ही आगाह किया गया है कि AI को इंसानी समझ और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक जानकारी का साथ मिलना जरूरी है, वरना खराब तरीके से बनाए गए कैंपेन उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने की बजाय तोड़ भी सकते हैं।
युवा खेलों में छिपा मौका
युवा खेल भी इस पूरी तस्वीर का एक अहम हिस्सा हैं और फिलहाल कुल खेल अर्थव्यवस्था में इनकी हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी है। रिपोर्ट के मुताबिक युवा लीग्स में स्पॉन्सरशिप और निवेश न सिर्फ माता-पिता के उपभोक्ता फैसलों को प्रभावित कर सकता है, बल्कि इससे लंबे समय तक चलने वाली भागीदारी और फैन लॉयल्टी भी बनती है, जो बच्चों के बड़े होने पर भी बनी रहती है।
लीग्स और ब्रांड्स के लिए आगे क्या
खेल लीग्स, ब्रांड्स और नीति निर्माताओं के लिए रिपोर्ट के निष्कर्ष साफ इशारा करते हैं कि उन्हें एक्सेसिबिलिटी, युवा भागीदारी, विविध नेतृत्व और पर्सनलाइज्ड फैन अनुभवों में ज्यादा निवेश करने की जरूरत है। रिपोर्ट का मूल संदेश सीधा है, भविष्य का खेल फैन आज ही मौजूद है, और लैटिनो उपभोक्ता किसी छोटे-मोटे तबके की बजाय एक मुख्यधारा की ग्रोथ अवसर बन चुके हैं।


















