चक्रवात अर्नब का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी तबाही पर राहुल गांधी ने जताई गहरी चिंतामेघालय के दक्षिण गारो हिल्स में नेशनल हाईवे-62 के निर्माण में देरी से आक्रोश, प्रशासन ने लगाया प्रदर्शन पर प्रतिबंधराजस्थान में बदला मौसम का मिजाज, अर्नब तूफान और पश्चिमी विक्षोभ के असर से झमाझम बारिशअलवर में घरों से गायब रहा करवा चौथ का चांद, फिर पुलिया पर पहुंची महिलाओं ने ऐसे खोला व्रत1 नवंबर से चमक जाएगी इन 6 राशियों की किस्मत, मंगल, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा बरसाएंगे विशेष कृपाऑनलाइन बेटिंग और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बाद नई शिकायत, कई नाम आए सामनेकर्नाटक में बस यात्रा जल्द हो सकती है महंगी, 4 नवंबर को हो सकता है किराए में बढ़ोतरी का ऐलानहमीरपुर पॉलीटेक्निक छात्र का मामला: ड्रोन ग्रांट का दावा निकला फर्जी, तीसरी मंजिल से गिरने की जांच में जुटी पुलिसअमित शाह ने की राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की महापरिषद की 93वीं बैठक की अध्यक्षताशंकराचार्य मंदिर मार्ग पर मजार के जीर्णोद्धार पर गरमाई सियासत, उठे गंभीर सवाल
अमेठी में महिलाओं के लिए निशुल्क सॉफ्ट टॉय ट्रेनिंग शुरू, 15 दिनों में सीखें अपना बिजनेस शुरू करने का तरीकासक्सेस स्टोरी
8 अग॰ 2026, 11:39 am (83 दिन पहले)· 0

अमेठी में महिलाओं के लिए निशुल्क सॉफ्ट टॉय ट्रेनिंग शुरू, 15 दिनों में सीखें अपना बिजनेस शुरू करने का तरीका

अमेठी में बड़ौदा आरसेटी द्वारा महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को 15 दिनों का सॉफ्ट टॉय मेकिंग प्रशिक्षण मुफ्त में दिया जा रहा है। 18 से 40 वर्ष के अभ्यर्थी आधार, पैन और बैंक पासबुक के साथ आवेदन कर अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकते हैं।

अमेठी जिले में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बड़ौदा स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी) द्वारा महिलाओं के लिए एक विशेष कौशल विकास पहल की शुरुआत की गई है। संस्थान की ओर से इच्छुक अभ्यर्थियों को सॉफ्ट टॉय बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य ध्येय स्थानीय निवासियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने का अवसर देना है, ताकि वे दूसरों पर निर्भर रहने या रोजगार के लिए भटकने के बजाय खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकें और सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें।

सॉफ्ट टॉय निर्माण का 15 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण

आरसेटी की ओर से आयोजित किया जाने वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है और इसकी कुल अवधि 15 दिनों की रखी गई है। इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को सॉफ्ट टॉय निर्माण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी तकनीक की जानकारी व्यावहारिक तरीके से दी जाएगी। प्रशिक्षण मॉड्यूल में कपड़े की कटिंग, सिलाई, गद्देदार सामग्री भरना, फिनिशिंग और आकर्षक पैकिंग शामिल है। इसके अतिरिक्त, उत्पाद की बिक्री के लिए मार्केटिंग रणनीतियों और व्यापार में होने वाले लाभ-हानि का सही आकलन करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे, जिससे नए उद्यमी व्यावसायिक जोखिमों से बच सकें। संस्थान की फैकल्टी महिमा सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय युवाओं के कौशल में सुधार लाने के लिए आरसेटी नियमित अंतराल पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, और इस बार खिलौना निर्माण में रुचि रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

ये भी पढ़ें

पात्रता नियम और आवेदन प्रक्रिया

इस कौशल विकास प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह अवसर विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं। संस्थान द्वारा आवेदनों की स्वीकृति पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर की जा रही है। प्रशिक्षण में प्रवेश पाने के लिए अभ्यर्थियों को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसके लिए आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, पासपोर्ट आकार की फोटो और चालू मोबाइल नंबर जमा करना अनिवार्य है। सीटें सीमित होने के कारण संस्थान ने इच्छुक उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन करने का आह्वान किया है।

मुसाफिरखाना की महिला उद्यमी की सफलता की कहानी

आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी मुसाफिरखाना क्षेत्र की एक स्थानीय महिला ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता पर अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि आरसेटी से सॉफ्ट टॉय बनाने की बारीकियां सीखने के बाद उन्होंने अपना खुद का स्वरोजगार स्थापित किया है। आज वे सफलतापूर्वक इस काम को चला रही हैं और इससे उन्हें नियमित आमदनी का एक मजबूत जरिया मिला है। उनका मानना है कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और अपने पैरों पर खड़े होने में बेहद मददगार साबित होता है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी इस निशुल्क अवसर का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने की सलाह दी है।

सवाल-जवाब

अमेठी में सॉफ्ट टॉय बनाने का प्रशिक्षण कौन दे रहा है?
यह निशुल्क प्रशिक्षण बड़ौदा स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी), अमेठी द्वारा बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है।
सॉफ्ट टॉय ट्रेनिंग की अवधि कितनी है और इसकी फीस क्या है?
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है और इसकी कुल अवधि 15 दिनों की है।
इस कौशल विकास कार्यक्रम के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
18 वर्ष से 40 वर्ष की आयु के कोई भी बेरोजगार युवा या महिलाएं इस प्रशिक्षण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
आरसेटी प्रशिक्षण में आवेदन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं?
आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति, फोटो और चालू मोबाइल नंबर आवश्यक है।
प्रशिक्षण में अभ्यर्थियों का चयन किस आधार पर होगा?
आवेदन पत्रों की स्वीकृति और प्रशिक्षण में प्रवेश 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर किया जाएगा।
इस 15 दिवसीय पाठ्यक्रम में क्या-क्या सिखाया जाएगा?
इसमें टॉय कटिंग, सिलाई, फिनिशिंग, पैकिंग, मार्केटिंग रणनीति तथा व्यापारिक नुकसान से बचने की पूरी जानकारी दी जाएगी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp