अमेठी जिले में बेरोजगार युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समय-समय पर विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बड़ौदा स्वरोजगार संस्थान (आरसेटी) द्वारा महिलाओं के लिए एक विशेष कौशल विकास पहल की शुरुआत की गई है। संस्थान की ओर से इच्छुक अभ्यर्थियों को सॉफ्ट टॉय बनाने का निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य ध्येय स्थानीय निवासियों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने का अवसर देना है, ताकि वे दूसरों पर निर्भर रहने या रोजगार के लिए भटकने के बजाय खुद का व्यवसाय स्थापित कर सकें और सम्मानजनक आय अर्जित कर सकें।
सॉफ्ट टॉय निर्माण का 15 दिवसीय निशुल्क प्रशिक्षण
आरसेटी की ओर से आयोजित किया जाने वाला यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह से निशुल्क है और इसकी कुल अवधि 15 दिनों की रखी गई है। इस अल्पकालिक पाठ्यक्रम के दौरान प्रशिक्षार्थियों को सॉफ्ट टॉय निर्माण से जुड़ी हर छोटी-बड़ी तकनीक की जानकारी व्यावहारिक तरीके से दी जाएगी। प्रशिक्षण मॉड्यूल में कपड़े की कटिंग, सिलाई, गद्देदार सामग्री भरना, फिनिशिंग और आकर्षक पैकिंग शामिल है। इसके अतिरिक्त, उत्पाद की बिक्री के लिए मार्केटिंग रणनीतियों और व्यापार में होने वाले लाभ-हानि का सही आकलन करने के तरीके भी सिखाए जाएंगे, जिससे नए उद्यमी व्यावसायिक जोखिमों से बच सकें। संस्थान की फैकल्टी महिमा सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय युवाओं के कौशल में सुधार लाने के लिए आरसेटी नियमित अंतराल पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित करता है, और इस बार खिलौना निर्माण में रुचि रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
पात्रता नियम और आवेदन प्रक्रिया
इस कौशल विकास प्रशिक्षण में हिस्सा लेने के लिए अभ्यर्थियों की आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह अवसर विशेष रूप से बेरोजगार युवाओं और महिलाओं के लिए तैयार किया गया है जो अपना खुद का काम शुरू करना चाहते हैं। संस्थान द्वारा आवेदनों की स्वीकृति पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर की जा रही है। प्रशिक्षण में प्रवेश पाने के लिए अभ्यर्थियों को आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करनी होगी। इसके लिए आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की छायाप्रति, पासपोर्ट आकार की फोटो और चालू मोबाइल नंबर जमा करना अनिवार्य है। सीटें सीमित होने के कारण संस्थान ने इच्छुक उम्मीदवारों से समय रहते आवेदन करने का आह्वान किया है।
मुसाफिरखाना की महिला उद्यमी की सफलता की कहानी
आरसेटी से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी मुसाफिरखाना क्षेत्र की एक स्थानीय महिला ने इस कार्यक्रम की उपयोगिता पर अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि आरसेटी से सॉफ्ट टॉय बनाने की बारीकियां सीखने के बाद उन्होंने अपना खुद का स्वरोजगार स्थापित किया है। आज वे सफलतापूर्वक इस काम को चला रही हैं और इससे उन्हें नियमित आमदनी का एक मजबूत जरिया मिला है। उनका मानना है कि यह प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और अपने पैरों पर खड़े होने में बेहद मददगार साबित होता है। उन्होंने अन्य महिलाओं को भी इस निशुल्क अवसर का लाभ उठाकर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाने की सलाह दी है।



















