उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक युवा किसान ने परंपरागत हरी भिंडी की जगह लाल भिंडी उगाकर बाजार में अच्छी कमाई की राह खोज ली है। रामसागर नाम के इस किसान ने महज एक बीघा जमीन पर प्रयोग किया और पहली ही फसल में हजारों रुपये का मुनाफा कमाया। खेती में नएपन को पसंद करने वाले रामसागर की यह पहल अब इलाके के दूसरे किसानों के लिए भी मिसाल बन रही है।
यूट्यूब से मिला आइडिया, दिल्ली से मंगाए बीज
रामसागर को शुरू से ही खेती में नए-नए तरीके आजमाने का शौक रहा है। उन्होंने ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म पर लाल भिंडी की खेती से जुड़ी जानकारी जुटाई और इसके फायदों के बारे में पढ़ने के बाद इसे अपनाने का मन बना लिया। इसके बाद उन्होंने इसके उन्नत किस्म के बीज सीधे दिल्ली से मंगवाए। अपने खेत के करीब एक बीघा हिस्से में उन्होंने लाल भिंडी की बुवाई की। इस पूरी प्रक्रिया में उनकी लागत लगभग ₹6,000 से ₹7,000 के बीच रही। पहली ही बार की खेती में रामसागर को करीब ₹20,000 का मुनाफा हासिल हुआ, जो उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि रही।
हरी भिंडी के मुकाबले लाल भिंडी का दाम क्यों नहीं गिरता
रामसागर बताते हैं कि बाजार में लाल भिंडी की पकड़ हरी भिंडी से कहीं ज्यादा मजबूत है। आम तौर पर जब हरी भिंडी की पैदावार बंपर होती है, तो मंडी में उसका भाव तेजी से नीचे गिर जाता है और किसानों को नुकसान झेलना पड़ता है। लेकिन लाल भिंडी के साथ ऐसा नहीं होता, इसका दाम ऊंचा बना रहता है और इसमें बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिलती। रामसागर के मुताबिक लाल भिंडी देखने में जितनी आकर्षक लगती है, सेहत के लिहाज से उतनी ही पौष्टिक भी है और खाने में भी इसका स्वाद बेहतरीन होता है। यही वजह है कि यह मंडी में प्रीमियम रेट पर हाथों-हाथ बिक जाती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छा और तुलनात्मक रूप से सुरक्षित मुनाफा मिल जाता है।
दूसरे किसानों के लिए क्या है सीख
यूपी में जो किसान हरी भिंडी की खेती में कम मुनाफे से जूझ रहे हैं, उनके लिए रामसागर की सलाह है कि वे एक बार लाल भिंडी की खेती जरूर आजमाएं। उनका कहना है कि इसकी खेती कोई मुश्किल प्रक्रिया नहीं है और इसे भी हरी भिंडी की तरह ही उगाया जा सकता है। बस पहली बार किसानों को बाहर से बीज मंगवाने की जरूरत पड़ती है। इसके बाद वे अपने ही खेत में कुछ भिंडी के पौधों को बीज तैयार करने के लिए छोड़ सकते हैं और आगे से खुद अपने बीज तैयार कर सकते हैं, जिससे लागत भी घटती जाती है।













