बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक ऐसी खेती की कहानी सामने आई है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कम जमीन में भी बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है। तुरकौलिया प्रखंड के अमवा गांव में रहने वाले युवा किसान रजनीश कुमार ने शिमला मिर्च की खेती करके अपनी लागत से पांच गुना ज्यादा कमाई की है। परंपरागत फसलों से हटकर उन्होंने जो प्रयोग किया, वह अब आसपास के किसानों के लिए मिसाल बन गया है।
नेट हाउस का सहारा क्यों लेना पड़ा
रजनीश बताते हैं कि शिमला मिर्च मूल रूप से पहाड़ी और ठंडे इलाकों की फसल मानी जाती है, जहां तापमान कम रहता है। चंपारण जैसे मैदानी इलाके में गर्मी ज्यादा होने की वजह से इसे खुले खेत में उगाना मुमकिन नहीं है। इस दिक्कत को दूर करने के लिए उन्होंने नेट हाउस तकनीक अपनाई, जिसकी मदद से खेत के भीतर के तापमान को नियंत्रित कर घटाया जा सकता है। यह नेट हाउस उन्हें जिले के कृषि विज्ञान केंद्र की मदद से मिला।
ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग पेपर बने सफलता की कुंजी
रजनीश के मुताबिक शिमला मिर्च की अच्छी फसल के लिए ड्रिप इरिगेशन यानी टपक सिंचाई प्रणाली और मल्चिंग पेपर का इस्तेमाल बेहद जरूरी है। मल्चिंग पेपर बिछाने से खेत में घास-फूस उगने की समस्या लगभग खत्म हो जाती है, जिससे पौधों पर कीड़ों का हमला भी कम होता है और उनकी सुरक्षा बनी रहती है। वहीं ड्रिप सिस्टम के जरिए पाइप से सीधे पौधों की जड़ों तक खाद और पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे किसान को खेत में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती और उनका काफी समय भी बच जाता है। रजनीश का कहना है कि सही तकनीक अपनाकर चंपारण की उपजाऊ दोमट मिट्टी में शिमला मिर्च आसानी से उगाई जा सकती है।
10 कट्ठा जमीन से 10 टन से ज्यादा पैदावार
इस सीजन में रजनीश ने करीब 5,000 शिमला मिर्च के पौधे लगाए थे। हर पौधे से 2 से 3 किलोग्राम तक फल मिला। लगभग 10 कट्ठा जमीन पर की गई इस आधुनिक खेती से कुल मिलाकर 10 टन से ज्यादा शिमला मिर्च की पैदावार हुई। बाजार में शिमला मिर्च के अच्छे दाम मिलने की वजह से रजनीश अपनी कुल लागत से पांच गुना ज्यादा मुनाफा कमाने में कामयाब रहे।
दूसरे किसानों को मिल रही प्रेरणा
रजनीश की इस कामयाबी ने चंपारण और आसपास के इलाकों के युवाओं को पारंपरिक फसलों की खेती छोड़कर नकदी फसलों और आधुनिक कृषि तकनीकों की ओर रुख करने के लिए प्रेरित किया है। नेट हाउस, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग जैसी तकनीकों का सही इस्तेमाल कर कम जमीन में भी किसान बड़ा मुनाफा कमा सकते हैं, यह उदाहरण इस बात की तस्दीक करता है।













