भारतीय कृषि क्षेत्र में अब धीरे-धीरे एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। किसान अब पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर ऑर्गेनिक उत्पादों की तरफ रुख कर रहे हैं। वे न सिर्फ रसायन मुक्त फसलें उगा रहे हैं, बल्कि उनका प्रसंस्करण कर शुद्ध उत्पाद सीधे लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के एक प्रगतिशील किसान ने अपनी सूझबूझ से सफलता की नई इबारत लिखी है। वे दर्जनों प्रकार के ऑर्गेनिक अचार तैयार कर सीधे बाजार में बेच रहे हैं। उनके इस शुद्ध उत्पाद की लोकप्रियता इतनी अधिक है कि तैयार होते ही सारा स्टॉक हाथों-हाथ बिक जाता है।
पूरी तरह प्राकृतिक और केमिकल मुक्त तैयारी
किसान अंकुर त्यागी का यह अचार कारोबार पूरी तरह से पारंपरिक और शुद्धता पर आधारित है। TrendKia से बातचीत में उन्होंने बताया कि बाजार में मिलने वाले अचारों के विपरीत, वे अपने उत्पाद में किसी भी तरह के कृत्रिम प्रिजर्वेटिव या हानिकारक रसायनों का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं करते हैं। इस अचार को तैयार करने के लिए पूरी तरह से प्राकृतिक चीजों का मिश्रण काम में लिया जाता है। इसमें केवल शुद्ध तेल और घर पर ही पीसे गए मसालों का उपयोग किया जाता है, जिससे इसका स्वाद एकदम घरेलू और पारंपरिक रहता है। शुद्धता के इसी फॉर्मूले की वजह से इस उत्पाद की बाजार में भारी मांग बनी हुई है और वे इससे बेहतरीन मुनाफा कमा रहे हैं।
गर्मियों में आम और नींबू की भारी डिमांड
अंकुर त्यागी वैसे तो सालभर में दर्जनों प्रकार के अचार बनाते हैं, लेकिन मौसम के हिसाब से अपनी तैयारी बदलते रहते हैं। जून के महीने में जब आम की फसल पूरी तरह तैयार होती है, तब कच्चे और पक्के आमों का उपयोग कर विशेष अचार तैयार किया जाता है। फिलहाल गर्मी के मौसम में वे करीब 6 से 7 प्रकार के होममेड अचार तैयार कर रहे हैं। इस समय आम के अलावा नींबू के अचार की भी सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है। इसके अतिरिक्त उनके पास आंवला, हरी मिर्च, लाल मिर्च, मूली, गाजर और गोभी जैसी सब्जियों के भी शानदार अचार उपलब्ध हैं। ग्राहकों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए वे जल्द ही कटहल और कुछ अन्य नई चीजों का अचार भी बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे हैं, जिसकी एडवांस बुकिंग पहले ही शुरू हो चुकी है।
ग्रामीण महिलाओं को रोजगार और बंपर आमदनी
इस व्यवसाय की सबसे खास बात यह है कि यह केवल एक किसान की व्यक्तिगत तरक्की तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन भी हो रहा है। अंकुर त्यागी ने इस अचार निर्माण कार्य में ग्रामीण क्षेत्र की माताओं और बहनों को भी जोड़ा है। अचार बनाने की पारंपरिक विधि में इन महिलाओं की मदद ली जाती है, जिससे उन्हें अपने घर के पास ही सम्मानजनक रोजगार और कमाई का जरिया मिल गया है। मुनाफे और बिक्री की बात करें तो उनका यह ऑर्गेनिक अचार करीब 350 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है। शुद्धता और बेहतर स्वाद की गारंटी होने की वजह से अंकुर त्यागी को विपणन के लिए ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती, उत्पाद तैयार होते ही तुरंत बिक जाता है और इस काम से उन्हें बेहद शानदार आमदनी हो रही है।













