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रांची के रोशन शाही ने इंडोनेशिया में रचा इतिहास, 100 देशों के 1500 डांसरों को पछाड़कर बने वर्ल्ड ऑफ डांस के रनर अपसक्सेस स्टोरी
15 जुल॰ 2026, 6:55 am (15 दिन पहले)· 2

रांची के रोशन शाही ने इंडोनेशिया में रचा इतिहास, 100 देशों के 1500 डांसरों को पछाड़कर बने वर्ल्ड ऑफ डांस के रनर अप

झारखंड के रांची निवासी डांसर रोशन शाही ने इंडोनेशिया में हुए वर्ल्ड ऑफ डांस मुकाबले में करीब 100 देशों के 1500 डांसरों को पछाड़कर पहला रनर अप खिताब जीता, यह उपलब्धि हासिल करने वाले वे झारखंड के इकलौते डांसर हैं।

झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले डांसर रोशन शाही ने इंडोनेशिया में हुए वर्ल्ड ऑफ डांस मुकाबले में पहला रनर अप खिताब अपने नाम कर लिया है। इस मुकाबले में करीब 100 देशों के लगभग 1500 डांसरों ने हिस्सा लिया था, और इन सबको पीछे छोड़ते हुए रोशन ने यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले वे जापान, वियतनाम समेत कई देशों में अपने डांस का हुनर दिखा चुके हैं।

संघर्ष से भरा बचपन

रोशन का बचपन आसान नहीं रहा। पिता का साया उनके सिर से जल्दी उठ गया था, जिसके बाद घर चलाने की पूरी जिम्मेदारी मां के कंधों पर आ गई। मां ने परिवार पालने के लिए सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी तक की। कई बार तो हालात इतने खराब हुए कि घर में एक वक्त की रोटी तक नहीं होती थी। रोशन खुद बताते हैं कि इस मुकाम तक पहुंचने का सबसे बड़ा श्रेय उनकी मां को ही जाता है, जिन्होंने खुद अभावों में जीकर भी बच्चों को कभी किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने दी।

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जापान से बॉलीवुड तक का सफर

रोशन ने जापान में मशहूर कोरियोग्राफर सीन लीव का कड़ा ऑडिशन पास करके एक शॉर्ट डांस फिल्म में जगह बनाई थी। इसके बाद उन्होंने बॉलीवुड में बैकस्टेज डांसर के तौर पर भी काम किया। अब इंडोनेशिया में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वर्ल्ड ऑफ डांस में अपनी अलग पहचान बनाने वाले रोशन झारखंड के इकलौते डांसर हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। रोशन कहते हैं कि वे हमेशा बैकस्टेज में सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि अपनी खुद की एक अलग पहचान बनाना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर भी वे काफी सक्रिय हैं, इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर हैं जहां वे अपने डांस के वीडियो शेयर करते रहते हैं।

गुरु और मां के सहारे मिली उड़ान

रोशन ने सिर्फ 7 साल की उम्र से डांस सीखना शुरू कर दिया था। बचपन से ही उन्हें डांस का जुनून था, और मां ने भी उनके इस जुनून को पूरा सहयोग दिया। उनके डांस गुरु ने ही उन्हें शुरुआत में डांस सिखाया। हालांकि जब वर्ल्ड ऑफ डांस जैसी बड़ी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की बारी आई, तब उनके पास इतने पैसे नहीं थे कि वे मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों तक जा सकें, और वे किसी से पैसे मांगने की स्थिति में भी नहीं थे। ऐसे में उनके डांस गुरु ही आगे आए, उन्होंने पैसों का इंतजाम किया और रोशन को मुंबई व दिल्ली भेजा। रोशन खुद मानते हैं कि उनकी इस सफलता में मां के साथ साथ उनके डांस गुरु का भी बहुत बड़ा योगदान रहा है।

युवाओं के लिए रोशन का संदेश

अपनी इस उपलब्धि के बाद रोशन युवाओं को एक खास संदेश देते हैं। उनका कहना है कि इंसान को बहाने बनाने की बजाय मेहनत करनी चाहिए। जो भी संसाधन आपके पास मौजूद हैं, उसी में अपना सबसे बेहतरीन देना चाहिए, आराम करने की गुंजाइश नहीं छोड़नी चाहिए। रोशन के मुताबिक, यह जिंदगी आराम करने के लिए नहीं बल्कि मेहनत करने और कुछ कर दिखाने के लिए मिली है।

सवाल-जवाब

रोशन शाही कौन हैं?
रोशन शाही झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले डांसर हैं जिन्होंने इंडोनेशिया में हुए वर्ल्ड ऑफ डांस मुकाबले में पहला रनर अप खिताब जीता है।
रोशन ने वर्ल्ड ऑफ डांस में क्या हासिल किया?
उन्होंने करीब 100 देशों के 1500 डांसरों को पीछे छोड़ते हुए पहला रनर अप खिताब अपने नाम किया।
यह प्रतियोगिता कहां आयोजित हुई थी?
यह वर्ल्ड ऑफ डांस प्रतियोगिता इंडोनेशिया में आयोजित हुई थी।
रोशन के करियर की शुरुआत कैसे हुई?
रोशन ने महज 7 साल की उम्र से डांस सीखना शुरू कर दिया था और उनके डांस गुरु ने उन्हें पहले डांस सिखाया।
प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पैसों की समस्या कैसे हल हुई?
उनके पास पैसे नहीं थे, तब उनके डांस गुरु ने पैसों का इंतजाम कर उन्हें मुंबई और दिल्ली भेजा।
रोशन की सफलता में किसका सबसे बड़ा योगदान रहा?
रोशन के मुताबिक उनकी मां और उनके डांस गुरु का इस सफलता में सबसे बड़ा योगदान रहा है।
रोशन ने जापान में क्या हासिल किया था?
उन्होंने जापान में मशहूर कोरियोग्राफर सीन लीव का कड़ा ऑडिशन पास करके एक शॉर्ट डांस फिल्म में जगह बनाई थी।
रोशन का यह खिताब झारखंड के लिए क्यों खास है?
यह उपलब्धि हासिल करने वाले रोशन झारखंड के इकलौते डांसर हैं।
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