रांची की कॉमर्स छात्रा अवनी केजरीवाल ने सीबीएसई 12वीं में 500 में से पूरे 500 अंक हासिल कर एक खास कामयाबी दर्ज की है। यह उपलब्धि सीधे परीक्षा में नहीं, बल्कि पुनर्मूल्यांकन यानी स्क्रूटनी की प्रक्रिया के बाद मिली। अंग्रेजी और बिजनेस स्टडीज में पहले गलत तरीके से काटे गए 24 अंक वापस मिलने के बाद उनका स्कोर परफेक्ट हो गया।
धुर्वा की डीपीएस छात्रा का सफर
अवनी केजरीवाल धुर्वा स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) एसएआईएल टाउनशिप में कॉमर्स स्ट्रीम में पढ़ती हैं। 13 मई को जब सीबीएसई कक्षा 12 के नतीजे घोषित हुए, तब उन्हें 95.2 प्रतिशत अंक मिले थे। लेकिन अवनी को अपनी अंग्रेजी की कॉपी को लेकर शक था, क्योंकि अंग्रेजी उनका सबसे पसंदीदा और सबसे मजबूत विषय है। जांच में सामने आया कि परीक्षकों ने अंग्रेजी के लगभग सभी व्यक्तिपरक प्रश्नों में करीब 0.5 अंक की कटौती की थी, जिस वजह से पूरे 19 अंक घट गए। बिजनेस स्टडीज में भी 5 अंक काट लिए गए थे।
स्क्रूटनी ने बदली तस्वीर
अवनी ने सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के लिए आवेदन किया। स्क्रूटनी के नतीजे आने के बाद दोनों विषयों के काटे गए अंक वापस मिल गए और कुल 24 अंकों का फायदा हुआ। इससे पहले अवनी तीन विषयों में 100 में से 100 अंक हासिल कर चुकी थीं। अब सभी पांचों विषयों में पूरे अंक आने के बाद उनका कुल स्कोर 500 में से 500 हो गया।
अवनी की अपनी जुबानी
नतीजे सामने आने के बाद अवनी ने अपनी भावनाएं साझा कीं।
"अभी सभी बहुत खुश हैं। हमें 500 अंकों की उम्मीद नहीं थी, लेकिन सभी बहुत खुश हैं। अंग्रेजी में मेरे 19 अंक काटे गए, जिसकी मुझे उम्मीद नहीं थी। अंग्रेजी मेरा पसंदीदा विषय है और मेरा सबसे मजबूत विषय भी। इसीलिए मैंने पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया था। बिजनेस स्टडीज में भी 5 अंक काटे गए। मुझे पहले ही 3 विषयों में 100/100 अंक मिल चुके थे। अब मेरे अंकों में 24 अंकों की वृद्धि हुई है।"
उन्होंने यह भी बताया कि अंग्रेजी पेपर में लगभग सभी व्यक्तिपरक प्रश्नों के लिए करीब 0.5 अंक निर्धारित किए गए थे, जो उन्हें असामान्य लगा।
घंटे नहीं, लक्ष्य पर था ध्यान
अवनी की सफलता के पीछे उनका अनुशासित और लक्ष्य-उन्मुख अध्ययन दृष्टिकोण है। उन्होंने बताया कि उनकी पढ़ाई की दिनचर्या पढ़ाई के घंटे गिनने पर नहीं, बल्कि रोज के तय लक्ष्य पूरे करने पर टिकी थी। हर दिन दो या तीन विषयों को पूरा करना उनकी आदत थी, चाहे उसमें जितना भी वक्त लगे। यही अनुशासित नजरिया उनकी तैयारी की असली नींव बना।
आगे बिजनेस और फाइनेंस की राह
अपने भविष्य के बारे में अवनी ने बताया कि वे व्यापार जगत में कदम रखना चाहती हैं। उन्होंने कहा, "मैंने कॉमर्स किया है। तो, बिजनेस लाइन, फाइनेंस साइड और कॉलेज के बारे में अभी फैसला नहीं हुआ है।" कॉलेज का चुनाव भले ही अभी बाकी है, लेकिन उनकी दिशा बिल्कुल साफ है।













