कोटा के रहने वाले उदय तिवारी ने दैनिक जीवन की एक बड़ी उपभोक्ता समस्या का समाधान तलाशते हुए अपना खुद का स्टार्ट-अप स्थापित किया है। रोजाना 15 से 16 घंटे की कड़ी नौकरी करने वाले इस युवा ने दूसरों के उत्पाद बेचने के बजाय अपना खुद का ब्रांड बनाने का फैसला लिया। आज वह 'क्लाउडकुश' नाम से प्रीमियम क्वालिटी के डायपर तैयार कर रहे हैं और जल्द ही अपने उत्पादों को विदेशी बाजारों में भी भेजने की तैयारी में जुटे हैं।
16 घंटे की नौकरी से मिली अपना बिजनेस शुरू करने की सीख
उदय तिवारी का शुरुआती सफर काफी संघर्षपूर्ण रहा। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने फार्मास्यूटिकल सेक्टर में एक सेल्स और मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। इस नौकरी के दौरान उन्हें हर रोज सुबह 7 बजे घर से निकलना पड़ता था और रात को 10 से 11 बजे वापसी होती थी। वह दिन भर डॉक्टरों और मेडिकल स्टोर संचालकों से मिलकर दवाइयों की बिक्री और प्रचार-प्रसार का जिम्मा संभालते थे।
लगातार 12 से 16 घंटे तक दूसरों के ब्रांड को आगे बढ़ाने के लिए पसीना बहाने के बाद, उदय के मन में यह विचार आया कि यदि वह इतनी मेहनत किसी दूसरे के कारोबार के लिए कर सकते हैं, तो वही ऊर्जा अपने खुद के उत्पाद को खड़ा करने में क्यों नहीं लगा सकते। उन्होंने महसूस किया कि दूसरों के लिए काम करके अनुभव हासिल करना अच्छा है, लेकिन बाजार की वास्तविक जरूरतों को समझकर अपना कदम आगे बढ़ाना अधिक महत्वपूर्ण है। इस मोड़ पर उनके पिता और परिवार ने उनके इस विचार का पूरा समर्थन किया।
6 महीने की मार्केट रिसर्च और 'क्लाउडकुश' की शुरुआत
अपनी नौकरी छोड़ने के बाद उदय तिवारी ने जल्दबाजी में कोई कदम उठाने के बजाय बाजार की बारीकियों को समझने पर ध्यान दिया। उन्होंने लगभग 6 महीने तक डायपर इंडस्ट्री की व्यापक रिसर्च की। इस अध्ययन के दौरान उन्हें समझ आया कि बाजार में उपलब्ध प्रीमियम डायपर की कीमतें काफी अधिक होती हैं, जिसका मुख्य कारण भारी-भरकम विज्ञापन और मार्केटिंग पर होने वाला खर्च है। कंपनियां मार्केटिंग का यह खर्च सीधे ग्राहकों की जेब से वसूलती हैं।
इसी समस्या को भांपते हुए उदय ने 'क्लाउडकुश' ब्रांड की नींव रखी। उनका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहद किफायती कीमत पर प्रीमियम गुणवत्ता वाले डायपर उपलब्ध कराना था। उन्होंने मार्केटिंग के फिजूल खर्चों को खत्म किया और इसके बजाय उत्पाद की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान केंद्रित किया। इस रणनीति के सकारात्मक परिणाम मिले और संतुष्ट ग्राहक खुद ही माउथ पब्लिसिटी के जरिए उनके उत्पाद की सिफारिश दूसरों से करने लगे, जिससे एक परिवार से दूसरे परिवार तक ब्रांड की पहुंच बनती चली गई।
ग्लोबल मार्केट में कोटा की नई पहचान बनाने का लक्ष्य
राजस्थान का कोटा शहर अब तक मुख्य रूप से शिक्षा और कोचिंग संस्थानों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन उदय तिवारी इसे उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में भी एक नया मुकाम देना चाहते हैं। क्लाउडकुश के जरिए वह कोटा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के नक्शे पर लाने के लिए प्रयासरत हैं।
कंपनी अपने डायपर का उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ अब विदेशों में एक्सपोर्ट शुरू करने की योजना पर तेजी से काम कर रही है। उदय की योजना अपने उत्पादों को संयुक्त अरब अमीरात के शहर दुबई, सऊदी अरब और थाईलैंड जैसे प्रमुख विदेशी बाजारों तक पहुंचाने की है। उनका मानना है कि सही सोच, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद और कड़ी मेहनत के दम पर एक छोटे शहर से शुरू हुआ भारतीय ब्रांड भी दुनिया भर में अपनी अमिट छाप छोड़ सकता है।



















