गंभीर आर्थिक संकट और अभावों के बीच जब रास्ते बंद नजर आने लगते हैं, तब संकल्प और लगन ही तकदीर बदलने का सबसे मजबूत जरिया बनते हैं. सीमित संसाधनों में पले-बढ़े शशांक अग्रवाल ने अपनी पढ़ाई और अटूट एकाग्रता के बल पर यह साबित कर दिखाया है. जहां परिवार का गुजर-बसर बेहद सीमित कमाई में होता था, वहीं से निकलकर उन्होंने इंजीनियरिंग के सबसे कठिन इम्तिहान में परचम लहराया और आज अंतरराष्ट्रीय स्तर के वित्तीय व तकनीकी क्षेत्र में करोड़ों का सालाना पैकेज हासिल किया है.
3000 रुपये की सीमित मासिक आय में बीता बचपन
शशांक अग्रवाल का प्रारंभिक जीवन गंभीर आर्थिक दिक्कतों के बीच गुजरा. उनके परिवार की पूरी आर्थिक धुरी उनके पिता की मासिक आय पर टिकी थी, जो महज 3,000 रुपये के करीब हुआ करती थी. इतने कम बजट में परिवार का भरण-पोषण करना और बुनियादी जरूरतों को पूरा करना ही एक बहुत बड़ी चुनौती साबित होता था. ऐसी तंगहाली में महंगे प्राइवेट कोचिंग संस्थानों में दाखिला लेने या बड़े संसाधनों की उम्मीद पालने की कोई गुंजाइश नहीं थी. इसके बावजूद उनके माता-पिता ने पढ़ाई के महत्व को समझा और तमाम वित्तीय संकटों को कभी भी अपने बेटे की शिक्षा के रास्ते में रुकावट नहीं बनने दिया. शशांक ने भी अपने परिजनों के इस त्याग और विश्वास को अपनी सबसे बड़ी प्रेरणा बना लिया.
जेईई मेन में 330 अंक और जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक 20
बचपन से ही असाधारण प्रतिभा के धनी शशांक ने अपनी तैयारी को पूरी तरह एकाग्र रखा. उन्होंने अपनी दिन-रात की मेहनत की बदौलत वर्ष 2018 की जेईई मेन परीक्षा में 330 अंक अर्जित किए. इसके फौरन बाद आयोजित हुई प्रतिष्ठित जेईई एडवांस्ड परीक्षा में उन्होंने पूरे देश में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 20 हासिल की. इस उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्हें देश के शीर्ष तकनीकी संस्थान आईआईटी बॉम्बे में बीटेक पाठ्यक्रम में प्रवेश मिला. आईआईटी बॉम्बे के परिसर में रहते हुए उन्होंने कंप्यूटर साइंस, कोडिंग तकनीकों और क्वांटिटेटिव फाइनेंस से जुड़े गहन विषयों में विशेषज्ञता विकसित की.
कॉलेज के दौरान इंटर्नशिप और पेशेवर सफर
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही शशांक ने खुद को कॉरपोरेट और वित्तीय बाजार की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करना शुरू कर दिया था. अपने बीटेक के दिनों में उन्होंने 'एपीटी पोर्टफोलियो प्राइवेट लिमिटेड' (A.P.T. Portfolio Pvt. Ltd.) जैसी प्रमुख फर्म में इंटर्नशिप की. इस अनुभव से उन्हें वित्तीय ट्रेडिंग और कॉरपोरेट रणनीतियों के व्यावहारिक पहलुओं की गहरी समझ मिली. इसके बाद उन्होंने क्वांटिटेटिव ट्रेडिंग फर्म 'क्वाडआई' (Quadeye) में बतौर सिस्टम इंजीनियर और क्वांटिटेटिव स्ट्रैटेजिस्ट जिम्मेदारी संभाली. इन तकनीकी भूमिकाओं ने उनके कौशल को तराशा और उन्हें हाई-एंड ट्रेडिंग टेक्नोलॉजी के दिग्गजों की कतार में ला खड़ा किया.
जांस्कर कॉरपोरेशन में 1.5 करोड़ रुपये से अधिक का पैकेज
मौजूदा समय में शशांक अग्रवाल 'जांस्कर कॉरपोरेशन' (Zanskar Corporation) में एक एनालिस्ट के पद पर सेवाएं दे रहे हैं. संस्थान में उनका कुल सालाना पैकेज 1.5 करोड़ रुपये से अधिक है. इस पैकेज संरचना के तहत 55 लाख रुपये की बेस सैलरी और 50 लाख रुपये का वेरिएबल पे या परफॉर्मेंस बोनस शामिल है, जिसके साथ अन्य वित्तीय लाभ और भत्ते भी जुड़े हैं. इस संरचना के आधार पर वे हर महीने लगभग 8.75 लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं. अभावों को पीछे छोड़ते हुए हासिल की गई उनकी यह उपलब्धि दर्शाती है कि दृढ़ संकल्प और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के दम पर पीढ़ियों की गरीबी को मात दी जा सकती है.



















