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ऑटो ड्राइवर से ₹900 करोड़ साम्राज्य के मालिक: सत्य शंकर की कोका-कोला, पेप्सी को टक्कर देने वाली कहानीसक्सेस स्टोरी
19 जून 2026, 8:07 pm (45 दिन पहले)· 3

ऑटो ड्राइवर से ₹900 करोड़ साम्राज्य के मालिक: सत्य शंकर की कोका-कोला, पेप्सी को टक्कर देने वाली कहानी

कर्नाटक के सत्य शंकर, जो कभी ऑटो चलाते थे, अब ₹900 करोड़ के एसजी कॉर्पोरेट्स समूह के मालिक हैं और कोका-कोला व पेप्सी जैसी कंपनियों को सीधी टक्कर दे रहे हैं।

बड़ी डिग्री और मोटी पूंजी के बिना भी एक विशाल व्यापार साम्राज्य खड़ा किया जा सकता है, यह बात कर्नाटक के सत्य शंकर ने साबित कर दी है। कभी सड़कों पर ऑटो रिक्शा चलाने वाले सत्य शंकर आज 900 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाले एसजी कॉर्पोरेट्स समूह के मालिक हैं। उनका स्वदेशी व्यवसाय कोका-कोला और पेप्सी जैसी बहुराष्ट्रीय पेय कंपनियों को कड़ी चुनौती दे रहा है।

55 से अधिक उत्पाद, ₹900 करोड़ का कारोबार

सत्य शंकर के समूह में दो प्रमुख कंपनियां शामिल हैं। हाउस ऑफ बिंदु, जो पेय और स्नैक्स का व्यवसाय संभालती है, का मूल्यांकन लगभग 570 करोड़ रुपये है। वहीं, प्रवीण कैपिटल, जो वित्तीय क्षेत्र में सक्रिय है, का मूल्यांकन लगभग 330 करोड़ रुपये आंका गया है। आज, उनके समूह के 55 से अधिक उत्पाद बाजार में उपलब्ध हैं, जिनमें जीरा मसाला, मैंगो जूस और स्नैक्स शामिल हैं। उनका 'बिंदु फ़िज़ जीरा मसाला' दक्षिण भारत में खासी लोकप्रियता हासिल कर चुका है, और कंपनी कर्नाटक व तेलंगाना के बाद अब आंध्र प्रदेश में भी नई उत्पादन इकाइयां स्थापित कर रही है।

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आर्थिक तंगी में ऑटो रिक्शा का सहारा

सत्य शंकर का जन्म एक अत्यंत साधारण परिवार में हुआ था। 1984 में, 18 साल की उम्र में पढ़ाई बीच में ही छूट जाने पर, उन्होंने एक सरकारी योजना के तहत ऋण लेकर एक ऑटो रिक्शा खरीदा। दिन-रात कड़ी मेहनत करके उन्होंने एक साल के भीतर ही अपना कर्ज चुका दिया। इसके बाद, उन्होंने ऑटो बेचकर एक एंबेसडर कार खरीदी और अक्सर विदेशी पर्यटकों को घुमाने लगे। इसी दौरान उन्होंने एक महत्वपूर्ण बात पर ध्यान दिया: पर्यटक सबसे पहले पानी की बोतलें खरीदते थे। यहीं से उनके मन में यह विचार पनपने लगा कि भविष्य में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल बाजार एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है।

गैरेज, टायर और फाइनेंस: विभिन्न व्यवसायों में आजमाई किस्मत

1988 में कार बेचकर सत्य शंकर ने पुत्तूर में एक छोटी स्पेयर पार्ट्स की दुकान खोली और जल्द ही टायर बेचने का काम भी शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी देखा कि ग्रामीण लोग और किसान अक्सर सामान उधार पर लेते थे और किश्तों में भुगतान करते थे। उन्होंने सोचा कि जब लोग छोटी किश्तों में भुगतान कर सकते हैं, तो उन्हें ऋण क्यों न दिया जाए? इसी विचार ने 1994 में प्रवीण कैपिटल की स्थापना को प्रेरित किया, जो सेकंड-हैंड वाहनों के लिए ऋण प्रदान करती थी। उस समय यह एक नया और साहसिक कदम था, क्योंकि अधिकांश वित्तीय संस्थान पुरानी गाड़ियों पर ऋण देने से हिचकिचाते थे।

साल 2000: 'बिंदु' ब्रांड की शुरुआत

वर्ष 2000 में, सत्य शंकर ने अपने सबसे प्रिय व्यवसाय, यानी जल व्यवसाय को हकीकत में बदलने का निर्णय लिया। भारी वर्षा वाले नरिमोगेरू गांव में उन्होंने अपनी पहली फैक्ट्री स्थापित की और ब्रांड का नाम 'बिंदु' रखा, जिसका कन्नड़ भाषा में अर्थ होता है 'बूंद'। उत्तर भारत की एक यात्रा के दौरान, उन्होंने एक दुकान पर देखा कि सोडा में जीरा पाउडर और नमक मिलाकर बेचा जा रहा है। लोगों को इसका आनंद लेते देख, उन्हें यह विचार आया कि इसी अनोखे स्वाद को एक बेहतर, ब्रांडेड और पैक उत्पाद के रूप में पेश किया जा सकता है। यहीं से उनके सबसे लोकप्रिय उत्पाद, 'बिंदु फ़िज़ जीरा मसाला' का जन्म हुआ।

देसी स्वाद को बाजार में स्थापित करने की चुनौती

यह सफर बिल्कुल भी आसान नहीं था। बाजार पर पहले से ही कोका-कोला और पेप्सी जैसी दिग्गज कंपनियों का प्रभुत्व था। शुरुआत में, जब बिंदु फ़िज़ के 200 बॉक्स बाजार में भेजे जाते थे, तो दुकानदार लगभग आधे, यानी 100 बॉक्स वापस कर देते थे। बड़ी कंपनियों की तरह विज्ञापनों पर खर्च करने के लिए सत्य शंकर के पास पर्याप्त धन नहीं था। इसलिए, उन्होंने प्रचार का एक अनूठा, देसी तरीका अपनाया: उन्होंने ब्रांड को लोगों तक पहुंचाने के लिए हाईवे की दीवारों पर पेंटिंग करवाई। धीरे-धीरे, यह अथक प्रयास रंग लाया। बिंदु फ़िज़ जीरा मसाला का स्वाद लोगों की जुबान पर ऐसा चढ़ा कि यह पेय सुपर हिट हो गया।

सवाल-जवाब

सत्य शंकर का व्यवसाय समूह कौन सा है?
सत्य शंकर एसजी कॉर्पोरेट्स समूह के मालिक हैं, जिसमें हाउस ऑफ बिंदु (पेय और स्नैक्स) और प्रवीण कैपिटल (वित्त) जैसी कंपनियां शामिल हैं।
एसजी कॉर्पोरेट्स समूह का सालाना टर्नओवर कितना है?
एसजी कॉर्पोरेट्स समूह का सालाना टर्नओवर लगभग ₹900 करोड़ है।
सत्य शंकर का सबसे लोकप्रिय उत्पाद कौन सा है?
सत्य शंकर का सबसे लोकप्रिय उत्पाद 'बिंदु फ़िज़ जीरा मसाला' है।
सत्य शंकर ने अपना करियर कैसे शुरू किया?
सत्य शंकर ने अपनी पढ़ाई पूरी न कर पाने के बाद, 18 साल की उम्र में एक सरकारी योजना के तहत लोन लेकर ऑटो रिक्शा चलाया।
प्रवीण कैपिटल की स्थापना कब हुई?
प्रवीण कैपिटल की स्थापना 1994 में हुई थी, जो सेकंड-हैंड वाहनों के लिए लोन प्रदान करती है।
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