तेलंगाना के राजन्ना सिर्सिला जिले में स्थित नाम्पल्ली गुट्टा पहाड़ी पर इन दिनों एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है। प्रसिद्ध तीर्थस्थल वेमुलावाड़ा के पास मौजूद इस पहाड़ी को पर्यटन का नया केंद्र बनाने की योजना पर काम जारी है। इसी पहल के तहत भारतीय वायुसेना का एक रिटायर्ड लड़ाकू विमान यहां लाया गया है, जिसे देखने के लिए रोजाना श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों का तांता लग रहा है।
पहाड़ी की चोटी पर जोड़े जा रहे हैं विमान के हिस्से
पहाड़ी के ऊपरी हिस्से पर बने खुले मैदान में लड़ाकू विमान की असेंबली का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। विशालकाय विमान के अलग-अलग अंगों, पंखों और ढांचे को सुरक्षित तरीके से जोड़ने के लिए क्रेन तथा भारी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों की देखरेख में कुशल कारीगर और तकनीकी टीमें दिन-रात इस काम को पूरा करने में जुटी हैं। विमान की बनावट और उसके तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए हर हिस्से को बारीकी से असेंबल किया जा रहा है।
ऊंचे प्लेटफॉर्म से दिखेगी वायुसेना की ताकत
इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे अहम पहलू यह है कि लड़ाकू विमान को एक विशेष रूप से निर्मित ऊंचे चबूतरे पर स्थापित किया जाएगा। इस खास जगह का चयन इसलिए किया गया है ताकि पहाड़ी पर कदम रखते ही यह विमान दूर से ही हर आने-जाने वाले का ध्यान अपनी ओर खींच सके। इस पहल के पीछे प्रशासन की सोच यह है कि यहां आने वाले बच्चों, विद्यार्थियों और युवाओं को भारतीय वायुसेना के गौरवशाली इतिहास, देश की सैन्य शक्ति और विमानन तकनीक की बुनियादी जानकारियां आसानी से मिल सकें।
धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अनोखा मेल
श्री राजा राजेश्वर स्वामी मंदिर से जुड़ी नाम्पल्ली गुट्टा पहाड़ी पहले से ही अपनी हसीन वादियों और धार्मिक महत्व के लिए मशहूर रही है। इस पहाड़ी का सबसे बड़ा आकर्षण पांच फनों वाले विशाल शेषनाग की अनोखी मंदिर संरचना है, जो दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनी रहती है। अब इस प्राकृतिक और पवित्र माहौल में भारतीय सेना की वीरता के प्रतीक इस लड़ाकू विमान के जुड़ जाने से जगह का आकर्षण कई गुना बढ़ गया है।
पर्यटन में बढ़ोतरी और नए रोजगार के अवसर
स्थानीय प्रशासन को पूरी उम्मीद है कि विमान का निर्माण कार्य संपन्न होने के बाद यहां पर्यटकों और दर्शनार्थियों की संख्या में भारी उछाल आएगा। वेमुलावाड़ा आने वाले तीर्थयात्री अब केवल मंदिर में दर्शन करके वापस नहीं लौटेंगे, बल्कि वे पास ही स्थित इस पहाड़ी पर जाकर देश के इस लड़ाकू विमान को बेहद नजदीक से निहार सकेंगे। अभी असेंबली का काम जारी होने के बावजूद लोगों की भीड़ जुटने लगी है। प्रशासन का मानना है कि इस पर्यटन स्थल के पूरी तरह शुरू होने से क्षेत्र के व्यापारियों, वाहन चालकों और होटल उद्योग से जुड़े लोगों को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।



















