थार के द्वार पर बसा जोधपुर सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि मारवाड़ की शाही विरासत का जीता-जागता संग्रहालय है। इसे सूर्यनगरी यूं ही नहीं कहते — यहां की धूप किलों के बलुआ पत्थरों पर पड़कर उन्हें सोने जैसा चमका देती है। हर साल लाखों की संख्या में देसी और विदेशी सैलानी इस शहर की संस्कृति, स्थापत्य कला और राजसी ठाठ-बाट को नजदीक से महसूस करने पहुंचते हैं। अगर आप भी यहां घूमने की तैयारी कर रहे हैं, तो ये सात जगहें आपकी सूची में जरूर होनी चाहिए, वरना ट्रिप अधूरी रह जाएगी।
मेहरानगढ़ किला — नीले शहर का ताज
जोधपुर की पहचान बन चुका मेहरानगढ़ किला शहर की सबसे ऊंची पहाड़ी पर खड़ा है। करीब 400 फीट की ऊंचाई से देखने पर पूरा नीला शहर इसके आगोश में सिमटा हुआ नजर आता है। इसकी विशाल प्राचीरें, भीतर बने भव्य महल, संग्रहालय और संजोई गई ऐतिहासिक धरोहरें आने वाले हर पर्यटक को मंत्रमुग्ध कर देती हैं। देश ही नहीं, विदेशों से भी हजारों सैलानी हर साल इसकी भव्यता निहारने आते हैं, और यही वजह है कि कई फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री में इस किले की झलक देखी जा चुकी है।
उम्मेद भवन पैलेस — दुनिया के सबसे बड़े निजी महलों में शुमार
सुनहरे बलुआ पत्थरों से तराशा गया उम्मेद भवन पैलेस आज भी राजसी वैभव की एक बेमिसाल मिसाल माना जाता है। यह दुनिया के सबसे बड़े निजी महलों में गिना जाता है और अपनी भव्य वास्तुकला के लिए मशहूर है। खास बात यह है कि महल का एक हिस्सा संग्रहालय के रूप में और दूसरा हिस्सा एक लग्जरी होटल के तौर पर चलता है। देश-विदेश की कई नामी हस्तियां यहां ठहर चुकी हैं, और इसका शाही अंदाज पर्यटकों को बरबस अपनी ओर खींच लेता है।
जसवंत थड़ा — संगमरमर में ढला सुकून
मेहरानगढ़ किले के पास ही बना जसवंत थड़ा अपनी नाजुक स्थापत्य कला के लिए जाना जाता है। सफेद संगमरमर से बना यह स्मारक जब सूरज की रोशनी में नहाता है, तो एक अलग ही चमक बिखेरता है। पास की खूबसूरत झील और चारों ओर पसरा शांत वातावरण इसके आकर्षण को कई गुना बढ़ा देता है। यहां खड़े होकर किले और शहर का जो नजारा दिखता है, वह देखने लायक होता है — यही वजह है कि पर्यटक इसे जोधपुर की सबसे सुंदर विरासत जगहों में गिनते हैं।
मंडोर गार्डन — मारवाड़ की पुरानी राजधानी की निशानी
एक दौर में मंडोर मारवाड़ की राजधानी हुआ करता था। आज यहां बने स्मारक, छतरियां और ऐतिहासिक संरचनाएं राजस्थान के उस गौरवशाली अतीत की कहानी खुद-ब-खुद बयां करती हैं। हरे-भरे बगीचे और शांति इसे परिवारों और सैलानियों के लिए एक पसंदीदा ठिकाना बना देते हैं। सुबह और शाम के वक्त यहां का दृश्य खास तौर पर मनमोहक लगता है। इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए तो यह जगह किसी खजाने से कम नहीं।
रेगिस्तानी पार्क — प्रकृति और जैव विविधता का संगम
मेहरानगढ़ किले के नजदीक बना यह पार्क मरुस्थलीय वनस्पतियों और प्राकृतिक जैव विविधता को बचाए रखने के मकसद से तैयार किया गया है। यहां की पगडंडियों पर टहलते हुए पर्यटक राजस्थान की प्राकृतिक खूबसूरती को बेहद करीब से महसूस कर सकते हैं। चट्टानी भूभाग और दुर्लभ पौधों की प्रजातियां इस जगह को बाकी सबसे अलग बनाती हैं। प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक शानदार ठिकाना है, और विदेशी पर्यटकों को भी यह खूब भाता है।
कायलाना झील — सूर्यास्त और प्रवासी पक्षियों का संसार
जोधपुर के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में कायलाना झील का नाम बड़े आदर से लिया जाता है। यहां का शांत माहौल और मनमोहक सूर्यास्त पर्यटकों को अपनी ओर खींच लाता है। सर्दियों के मौसम में तो यहां कई प्रवासी पक्षी भी डेरा डालते हैं। शाम ढलते ही झील के किनारे बैठकर प्रकृति के अद्भुत नजारों का आनंद लेना अपने आप में एक यादगार अनुभव है। घूमने और तस्वीरें खींचने के शौकीनों के लिए यह जगह बेहद खास मानी जाती है।
तूरजी का झालरा — पुनर्जीवित हुई ऐतिहासिक बावड़ी
पुराने शहर के बीचोंबीच बसा तूरजी का झालरा राजस्थान की ऐतिहासिक बावड़ियों की एक शानदार बानगी है। वर्षों पुराने इस जलस्रोत का जब पुनरुद्धार हुआ, तो यह पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया। इसकी सीढ़ीनुमा बनावट और दीवारों पर उकेरी गई कलात्मक नक्काशी देखने वालों को सहज ही प्रभावित कर देती है। चारों ओर फैला हेरिटेज इलाका इसकी सुंदरता में और रंग भर देता है। यही वजह है कि आज यह जोधपुर की उन जगहों में शामिल है, जिनकी सबसे ज्यादा तस्वीरें कैमरे में कैद की जाती हैं।













