जयपुर के जगतपुरा में ट्रैफिक सुधार की तैयारी, महल रोड के तीन चौराहे बनेंगे सिग्नल फ्रीभरतपुर में लंपी वायरस का प्रकोप, अस्सी फीसदी टीकाकरण के बावजूद तीन हजार से अधिक मामले आए सामनेचिकन-मटन के साथ रोटी की जगह बनाएं झारखंडी चावल का छिलका, दोगुना हो जाएगा जायकापार्टी चोरी के बाद राहुल गांधी का तीखा हमला, चुनाव आयोग और बीजेपी पर गंभीर आरोपहोर्मुज में तनाव के बीच भारत में डटा है ईरानी नौसेना का जहाज, छह महीने से कोच्चि में रुका है IRIS लवनरैपर बादशाह के गाने पर चुनौती देने वाली हरियाणवी सिंगर सुदेश रोहिला को लॉरेंस गैंग के नाम से धमकीबहराइच की लालपरी ने रासायनिक यूरिया को किया किनारा, जैविक घनजीवामृत से बदल रही खेती की तस्वीरममता बनर्जी और कनिमोझी की सीक्रेट मीटिंग से INDIA गठबंधन में हलचल, क्या कांग्रेस को छोड़कर बनेगा थर्ड फ्रंट?लवकुमार ने छोड़ी सीए की पढ़ाई, स्कूल के मंच से बॉलीवुड और राजस्थानी सिनेमा तक तय किया सफरविविधता और फीचर्स से भरपूर विवलडी ब्राउज़र के ये 10 बेहतरीन ट्रिक्स
भाखड़ा नांगल बांध में 1.77 इंच झुकाव का वायरल दावा निकला गलत, पीआईबी ने सुरक्षित बताए आंकड़ेट्रेंड्स
28 अग॰ 2026, 10:38 pm (21 दिन पहले)· 3

भाखड़ा नांगल बांध में 1.77 इंच झुकाव का वायरल दावा निकला गलत, पीआईबी ने सुरक्षित बताए आंकड़े

सोशल मीडिया पर भाखड़ा नांगल बांध में 1.77 इंच के झुकाव और दिल्ली में बाढ़ के खतरे का दावा वायरल हो रहा था। पीआईबी फैक्ट चेक ने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि 27 अगस्त को वास्तविक झुकाव केवल 0.86 इंच था और बांध पूरी तरह सुरक्षित है।

सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर पिछले कुछ दिनों से भाखड़ा नांगल बांध की सुरक्षा को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर तेजी से वायरल हो रही है। इंटरनेट पर साझा किए जा रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि भाखड़ा नांगल बांध की मुख्य दीवार में 1.77 इंच का खतरनाक झुकाव आ चुका है। वीडियो पोस्ट करने वाले यूजर यह दावा कर रहे हैं कि यदि बांध की दीवार टूटी तो भारत की राजधानी दिल्ली सहित उत्तर भारत के कई प्रमुख शहरों में विनाशकारी बाढ़ आ जाएगी। इस प्रकार की भ्रामक खबरों के कारण आम लोगों और जलसंभर क्षेत्रों के निवासियों के बीच काफी डर और असुरक्षा का वातावरण बन गया था।

सोशल मीडिया के बढ़ा-चढ़ाकर पेश किए गए दावों की असलियत

प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की फैक्ट चेक इकाई ने इस पूरे मामले की गहनता से पड़ताल करने के बाद इंटरनेट पर तैर रहे इन दावों को पूरी तरह से भ्रामक और गलत ठहराया है। आधिकारिक आंकड़ों की जांच में पाया गया कि 27 अगस्त को भाखड़ा नांगल बांध की संरचना में दर्ज किया गया वास्तविक झुकाव 1.77 इंच नहीं, बल्कि मात्र 0.86 इंच था। पीआईबी ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर आंकड़े को काफी बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है ताकि लोगों के बीच बेवजह सनसनी और घबराहट फैलाई जा सके।

ये भी पढ़ें

वैज्ञानिक मानकों और बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था की स्थिति

जल संसाधन प्रबंधन और बांध सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार किसी भी विशाल बांध की स्थिति का आकलन केवल दीवार के झुकाव के किसी एक आंकड़े के आधार पर नहीं किया जा सकता। बड़े बांधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों और टेलीमेट्री उपकरणों के जरिए निगरानी की जाती है। बांध की सुरक्षा जांचने के लिए चार मुख्य मानकों को आधार बनाया जाता है। इनमें बांध के ढांचे पर पड़ने वाला तनाव, संरचना में होने वाला खिंचाव, जलभराव के कारण अंदरूनी जल दाब और पानी का सूक्ष्म रिसाव शामिल हैं। पीआईबी के फैक्ट चेक में यह साबित हुआ है कि 27 अगस्त की माप के दौरान ये सभी चारों सुरक्षा मानक सरकार द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा के बिल्कुल भीतर पाए गए हैं।

उत्तर भारत की जीवनरेखा और आधारभूत ढांचा

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी के प्रवाह पर स्थित भाखड़ा बांध स्वतंत्र भारत की सबसे महत्वपूर्ण बहुउद्देशीय परियोजनाओं में से एक है। यह विशाल बांध उत्तरी राज्यों के विस्तृत कृषि क्षेत्रों को सिंचाई का पानी उपलब्ध कराने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर जल विद्युत ऊर्जा का उत्पादन भी करता है। देश की ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा में इस परियोजना के बेहद महत्वपूर्ण योगदान को देखते हुए इससे संबंधित किसी भी भ्रामक या भड़काऊ अफवाह का समाज पर गहरा प्रभाव पड़ता है।

भ्रामक जानकारियों से बचने और सतर्क रहने की सलाह

सरकारी तंत्र और विषय विशेषज्ञों ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित होने वाले ऐसे किसी भी सनसनीखेज दावे पर बिना आधिकारिक पुष्टि के विश्वास न करें। बिना तथ्यों की पड़ताल किए आपदा से जुड़ी अफवाहों को आगे शेयर या फॉरवर्ड करना कानून व्यवस्था और सामाजिक शांति के लिए हानिकारक हो सकता है। नागरिकों को यह सलाह दी गई है कि वे राष्ट्रीय बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी खबरों के लिए केवल प्रामाणिक सरकारी बुलेटिन और विश्वसनीय समाचार माध्यमों पर ही भरोसा करें।

सवाल-जवाब

क्या भाखड़ा बांध की दीवार में 1.77 इंच का झुकाव आया है?
नहीं, पीआईबी फैक्ट चेक के अनुसार 27 अगस्त को दर्ज किया गया वास्तविक झुकाव केवल 0.86 इंच था, न कि 1.77 इंच।
क्या भाखड़ा नांगल बांध टूटने से दिल्ली में बाढ़ आने का खतरा है?
नहीं, बांध पूरी तरह सुरक्षित है और इसके टूटने या दिल्ली तथा अन्य शहरों में बाढ़ आने का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।
भाखड़ा बांध की सुरक्षा की जांच किन मानकों पर की जाती है?
सरकार बांध के तनाव, खिंचाव, अंदरूनी जल दाब और पानी के रिसाव की दर जैसे चार प्रमुख मानकों पर लगातार नजर रखती है।
भाखड़ा बांध किस राज्य में और किस नदी पर स्थित है?
भाखड़ा बांध हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित है।
पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट ने इस वायरल वीडियो के बारे में क्या कहा है?
पीआईबी ने इस दावे को पूरी तरह भ्रामक बताया है और नागरिकों से असत्यापित खबरों पर विश्वास न करने की अपील की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp