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ठुड्डी पर दिखने वाले सफेद दानों से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन से जानिए सेबेसियस फिलामेंट्स को कम करने का तरीकाट्रेंड्स
29 अग॰ 2026, 7:50 am (20 दिन पहले)· 3

ठुड्डी पर दिखने वाले सफेद दानों से हैं परेशान? डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन से जानिए सेबेसियस फिलामेंट्स को कम करने का तरीका

ठुड्डी और नाक पर नजर आने वाले छोटे सफेद दाने हमेशा पिंपल नहीं होते, बल्कि ये सेबेसियस फिलामेंट्स हो सकते हैं। डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन ने इन्हें सुरक्षित रूप से कम करने के लिए सल्फर और सैलिसिलिक एसिड का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

जब भी आप आईने में अपना चेहरा देखते हैं, तो ध्यान अक्सर ठुड्डी के आसपास मौजूद छोटे-छोटे सफेद या हल्के उभरे हुए दानों पर चला जाता है। ये दाने त्वचा की बनावट को प्रभावित करते हैं और चेहरे का आकर्षण कम कर देते हैं। अक्सर लोग इन्हें मुंहासे या पिंपल समझकर उंगलियों से दबाने लगते हैं या फिर किसी कठोर स्क्रब से रगड़कर साफ करने की कोशिश करते हैं। हालांकि, हर बार ये दाने पिंपल नहीं होते। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार, ठुड्डी और नाक के पास नजर आने वाले ऐसे छोटे बंप्स दरअसल सेबेसियस फिलामेंट्स होते हैं, जो त्वचा की प्राकृतिक संरचना का एक सामान्य हिस्सा हैं।

क्या होते हैं सेबेसियस फिलामेंट्स और क्यों दिखाई देते हैं?

ठुड्डी पर नजर आने वाले इन छोटे सफेद दानों को लोग अक्सर मिलिया या पिंपल समझ बैठते हैं। हमारी त्वचा के छिद्रों के भीतर मौजूद ऑयल ग्लैंड्स लगातार सीबम का निर्माण करती हैं। सेबेसियस फिलामेंट्स का मुख्य काम इस प्राकृतिक तेल को पोर्स के जरिए त्वचा की ऊपरी सतह तक पहुंचाना होता है। यह एक स्वाभाविक शारीरिक प्रक्रिया है, जो त्वचा की नमी को बनाए रखने में मदद करती है।

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यह प्रक्रिया विशेष रूप से चेहरे के टी-ज़ोन, जैसे नाक और ठुड्डी पर अधिक सक्रिय होती है। जिन लोगों की त्वचा ऑयली होती है, उनमें सीबम का उत्पादन अधिक होने के कारण ये फिलामेंट्स ज्यादा स्पष्ट और बड़े दिखाई देने लगते हैं। ऐसे में दानों को देखते ही किसी पिंपल रिमूवल टूल, चिमटी या कठोर स्क्रब का उपयोग करना आपकी त्वचा के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

कठोर स्क्रबिंग और दबाने से हो सकते हैं गंभीर नुकसान

चेहरे पर किसी भी प्रकार का दाना या बंप दिखने पर उसे तुरंत हटाने की इच्छा होना स्वाभाविक है। लेकिन नाखूनों से दबाकर सीबम निकालने या बार-बार एक्सफोलिएट करने से त्वचा की ऊपरी परत को भारी नुकसान पहुंचता है। जब आप इन बंप्स पर अत्यधिक दबाव डालते हैं, तो पोर्स के आसपास की त्वचा में जलन, लालिमा और सूजन आ सकती है।

इसके अलावा, बार-बार त्वचा को चोट पहुंचाने से वहां स्थायी दाग-धब्बे बनने का जोखिम भी बढ़ जाता है। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि सेबेसियस फिलामेंट्स त्वचा की बनावट का हिस्सा हैं, इसलिए इन्हें दबाकर हमेशा के लिए खत्म करना असंभव है। एक बार साफ करने के बाद ये कुछ ही समय में दोबारा बन जाते हैं। इसलिए आपका उद्देश्य इन्हें पूरी तरह मिटाना नहीं, बल्कि इनकी दृश्यता को कम करना होना चाहिए।

सल्फर वाले स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का असरदार उपयोग

डर्मेटोलॉजिस्ट नीरा नाथन के अनुसार, ठुड्डी के इन बंप्स की दृश्यता को कम करने के लिए सल्फर युक्त स्किनकेयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल किया जा सकता है। सल्फर त्वचा की सतह पर मौजूद अतिरिक्त तेल, चिपचिपाहट और जमा गंदगी को प्रभावी ढंग से सोखने का काम करता है।

यदि आपकी त्वचा सल्फर को आसानी से सहन कर लेती है, तो किसी एक्सपर्ट से परामर्श करने के बाद लगभग 10 प्रतिशत सल्फर की सांद्रता वाला प्रोडक्ट सप्ताह में एक बार लगाया जा सकता है। ऐसे प्रोडक्ट्स को लंबे समय तक चेहरे पर छोड़ने के बजाय, दिए गए निर्देशों के अनुसार निर्धारित समय बाद पानी से धो लेना चाहिए। जो लोग पहली बार सल्फर का प्रयोग कर रहे हैं, उन्हें चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लेना चाहिए।

सैलिसिलिक एसिड फेस वॉश का विकल्प

बंद पोर्स और अत्यधिक सीबम की समस्या से निपटने के लिए सैलिसिलिक एसिड एक बेहतरीन एक्टिव इंग्रेडिएंट माना जाता है। अगर आपकी ठुड्डी पर बार-बार सफेद बंप्स उभर आते हैं, तो सैलिसिलिक एसिड युक्त फेस वॉश का नियमित उपयोग आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। यह पोर्स के भीतर जाकर जमी हुई गंदगी को साफ करता है।

हालांकि, हर व्यक्ति की त्वचा का प्रकार अलग होता है। यदि आपकी स्किन पहले से ही शुष्क, संवेदनशील या जल्दी लाल होने वाली है, तो सैलिसिलिक एसिड का रोजाना इस्तेमाल करने से बचें। अत्यधिक एक्टिव प्रोडक्ट्स का प्रयोग करने से त्वचा में सुधार होने के बजाय जलन और सूखापन बढ़ सकता है।

दैनिक स्किनकेयर में रखें इन बातों का ध्यान

ठुड्डी पर सफेद दाने दिखने पर सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम यह है कि उन्हें दबाना और रगड़ना पूरी तरह बंद कर दें। अपने चेहरे को दिन में दो बार किसी माइल्ड क्लींजर से साफ करें और अपनी स्किन टाइप के अनुसार एक उपयुक्त मॉइस्चराइजर लगाएं।

यदि आप अपने रूटीन में सैलिसिलिक एसिड या सल्फर जैसे मजबूत इंग्रेडिएंट्स शामिल कर रहे हैं, तो एक साथ कई नए प्रोडक्ट्स शुरू करने की भूल न करें। अगर दाने लगातार बढ़ रहे हों, उनमें दर्द या अत्यधिक लालिमा हो, या खुजली महसूस हो रही हो, तो स्वयं इलाज करने के बजाय किसी डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए। एक विशेषज्ञ ही सही जांच के बाद यह तय कर सकता है कि समस्या सेबेसियस फिलामेंट्स की है, एक्ने की है या कोई अन्य स्किन कंडीशन है।

सवाल-जवाब

क्या ठुड्डी के सफेद दाने हमेशा पिंपल ही होते हैं?
नहीं, ठुड्डी पर दिखने वाले छोटे सफेद दाने हमेशा पिंपल नहीं होते। कई बार ये सेबेसियस फिलामेंट्स होते हैं, जो पोर्स में तेल पहुंचाने का काम करते हैं।
सेबेसियस फिलामेंट्स को दबाकर निकालना क्यों नहीं चाहिए?
इन्हें दबाने से त्वचा पर सूजन, लालिमा, जलन और स्थायी दाग-धब्बे हो सकते हैं। इसके अलावा ये प्राकृतिक संरचनाएं हैं, जो साफ करने के बाद दोबारा बन जाती हैं।
सल्फर वाले प्रोडक्ट का इस्तेमाल किस तरह करना चाहिए?
एक्सपर्ट की सलाह पर 10 प्रतिशत सल्फर वाला प्रोडक्ट सप्ताह में एक बार इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे चेहरे पर लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है।
क्या सैलिसिलिक एसिड फेस वॉश रोज इस्तेमाल किया जा सकता है?
यदि आपकी त्वचा संवेदनशील, शुष्क या जल्दी लाल होने वाली है, तो इसे रोजाना इस्तेमाल करने से बचें क्योंकि ज्यादा एक्टिव प्रोडक्ट्स जलन बढ़ा सकते हैं।
डर्मेटोलॉजिस्ट से कब संपर्क करना चाहिए?
अगर दानों में दर्द हो, लालिमा बढ़े, खुजली हो या लंबे समय तक सुधार न दिखे, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए।
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