देश की एकता को मजबूत करने और समाज को नशामुक्त बनाने के दोहरे संकल्प के साथ अगरतला से एक खास बाइक अभियान की शुरुआत हुई है। राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित नेशनल मोटरसाइकिल रैली 2026 में भाग लेते हुए त्रिपुरा पुलिस का एक दस्ता गुरुवार को गुजरात के लिए रवाना हुआ। यह यात्रा लगभग 3,000 किलोमीटर का सफर तय करते हुए देश के अलग-अलग राज्यों और इलाकों से गुजरेगी और अंत में एकता नगर पहुंचेगी।
अगरतला पुलिस ग्राउंड से शुरू हुआ सफर
इस साहसिक और संदेशवाहक अभियान की रवानगी अगरतला स्थित ए.डी. नगर पुलिस ग्राउंड से हुई। सुबह ठीक 8:45 बजे त्रिपुरा पुलिस के जवानों का यह जत्था गुजरात के केवडिया स्थित एकता नगर के लिए रवाना हुआ। राज्य के पुलिस महानिदेशक (प्रभारी) जी.एस. राव ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बल के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में हरी झंडी दिखाकर इस बाइक रैली को औपचारिक रूप से विदा किया। इस मौके पर पुलिस विभाग के आला अफसर जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद रहे।
नशामुक्त समाज और राष्ट्रीय अखंडता का संकल्प
यह यात्रा केवल लंबी दूरी तय करने का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए लोगों को नशे के गंभीर खतरों से आगाह किया जा रहा है। बाइक सवार जवान अपने पूरे मार्ग में लोगों को जागरूक करेंगे और एकजुट होकर नशा मुक्ति के लिए काम करने की अपील करेंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर हर साल 31 अक्टूबर को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस के तहत यह देशव्यापी कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। सरदार पटेल को भारत के एकीकरण का प्रमुख शिल्पकार माना जाता है, और यह यात्रा उन्हीं के आदर्शों को समर्पित है।
सामूहिक भागीदारी से ही संभव है नशे पर रोक
ध्वजारोहण और रवानगी से पहले जी.एस. राव ने कहा कि इस राष्ट्रीय रैली में राज्य पुलिस का शामिल होना गर्व की बात है। उन्होंने रेखांकित किया कि यह अभियान एकता, अखंडता और राष्ट्रीय सौहार्द को बढ़ावा देने का एक प्रतीकात्मक मिशन है। उनके अनुसार नशा न केवल किसी व्यक्ति या परिवार को बर्बाद करता है, बल्कि पूरे समाज, युवा पीढ़ी और देश के भविष्य को अंधकार में धकेल देता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पुलिस कार्रवाई और कानून लागू करके नशे की समस्या से पूरी तरह नहीं निपटा जा सकता। इसके लिए परिवारों, शिक्षण संस्थानों, स्थानीय समुदायों और युवाओं को मिलकर आगे आना होगा।
जागरूकता, रोकथाम और पुनर्वास पर जोर
राव ने जोर देकर कहा कि सख्त कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियानों, निवारक कदमों, सामाजिक भागीदारी और पुनर्वास से जुड़े नजरिए को मजबूत करना बेहद जरूरी है। इस अखिल भारतीय अभियान में देश भर के विभिन्न राज्यों के पुलिस बल, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), सुरक्षा एजेंसियां और केंद्रीय पुलिस संगठन हिस्सा ले रहे हैं। विभिन्न सुरक्षा बलों की यह संयुक्त भागीदारी दिखाती है कि देश की अखंडता की रक्षा और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में पूरा प्रशासनिक तंत्र एक साथ खड़ा है।





















