टेलीविजन के लोकप्रिय क्विज शो 'कौन बनेगा करोड़पति 18' के हालिया मंच पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से आईं प्रतिभागी कपिला तनेजा ने अपनी जिंदगी के संघर्षों की दिल दहला देने वाली सच्चाई सामने रखी। हॉटसीट पर बैठकर उन्होंने न सिर्फ अपने ज्ञान का शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि घरेलू हिंसा के खिलाफ अपनी लंबी और दर्दनाक लड़ाई से मंच पर मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया। उनकी इस आपबीती को सुनकर शो के प्रस्तोता अमिताभ बच्चन भी अपनी भावनाएं रोक नहीं पाए और बेहद भावुक हो गए।
घरेलू हिंसा और जानलेवा हमले का खौफनाक मंजर
कपिला तनेजा ने खेल के दौरान खुलासा किया कि प्रेम विवाह करने और दहेज की मांग पूरी न होने के कारण ससुराल पक्ष ने उन पर लगातार अत्याचार किए। प्रताड़ना की इंतहा तब हो गई जब उनकी सास ने उनके ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेल दिया और मोमबत्ती से आग लगा दी। यह भयानक वाकया सर्दियों के मौसम में हुआ था, जिसके चलते आग लगने पर उनकी साड़ी और ऊनी स्वेटर जलकर सीधे उनके शरीर से चिपक गए थे।
अपनी जिंदगी बचाने के लिए कपिला ने तुरंत पास मौजूद पानी की टंकी में छलांग लगा दी और खुद को पानी में डुबो दिया। इस जानलेवा हमले के बाद वह लगातार करीब दो हफ्तों तक बेहोशी की हालत में रहीं। जब उन्हें होश आया, तब डॉक्टरों ने उनके जले हुए अंगों के उपचार के लिए जरूरी सर्जरी का लंबा सिलसिला शुरू किया।
चौबीस वर्षों से अपनी बेटी से बिछड़ने की टीस
अग्निकांड की इस त्रासदी से उबरने के बाद कपिला के ससुराल वालों ने उन्हें उनकी नन्ही बेटी से भी पूरी तरह अलग कर दिया। कपिला ने बताया कि बीते 24 वर्षों से उन्होंने अपनी बच्ची की आवाज तक नहीं सुनी है और न ही उसका चेहरा देखा है। बाद में पड़ोसियों के जरिए उन्हें यह जानकारी मिली कि उनकी बेटी अब नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहर में रहने लगी है।
उनकी यह व्यथा सुनकर अमिताभ बच्चन ने कहा कि कपिला के साथ जो कुछ हुआ, उसे केवल अन्याय कहना बहुत छोटा शब्द होगा। उन्होंने कड़े शब्दों में जोर देकर कहा कि किसी भी महिला के साथ ऐसा बर्ताव कभी नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय मंच से अपील करते हुए उनकी बेटी से आग्रह किया कि वह आगे बढ़कर अपनी मां से संपर्क साधे।
जीती गई धनराशि और भविष्य की योजनाएं
वर्तमान समय में कपिला बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर आत्मनिर्भरता के साथ अपना जीवनयापन कर रही हैं। शो में उन्होंने 11 सवालों के सही उत्तर देकर 7.5 लाख रुपये जीते और साथ ही सुपर संदूक के जरिए 90 हजार रुपये का अतिरिक्त बोनस हासिल किया, जिससे उनकी कुल जीत 8.4 लाख रुपये रही। 12वें सवाल पर वह दुविधा में पड़ गईं, जिसमें 1930 के दशक में ब्रिटिश भारत से अलग हुए एक पश्चिम एशियाई शहर के बारे में पूछा गया था। सही उत्तर की पुष्टि न होने के कारण उन्होंने जोखिम लेने के बजाय खेल से हटने का निर्णय लिया।
कपिला ने अपनी जीती हुई रकम के उपयोग के बारे में बताते हुए कहा कि वह सबसे पहले अपने कृत्रिम कान के लिए आवश्यक सर्जरी करवाएंगी। इसके अतिरिक्त, वह समाज की अविवाहित माताओं को सुरक्षित सहारा देने के उद्देश्य से एक आश्रय गृह स्थापित करने की महत्वाकांक्षी योजना रखती हैं।



















