असम विमान हादसे ने छीने यूपी के दो होनहार लाल: अलीगढ़ के जितेंद्र की शादी की तैयारी अधूरी रह गई, बागपत के प्रशांत भी नहीं रहेuttar-pradesh
2 घंटे पहले· 0

असम विमान हादसे ने छीने यूपी के दो होनहार लाल: अलीगढ़ के जितेंद्र की शादी की तैयारी अधूरी रह गई, बागपत के प्रशांत भी नहीं रहे

जोरहाट में एएन-32 विमान के क्रैश में शहीद हुए पांच जवानों में अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और बागपत के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर भी शामिल हैं। जितेंद्र अभी आठ दिन पहले ही लड़की देखकर ड्यूटी पर लौटे थे।

देश की सेवा में जुटे दो नौजवान अफसरों के घर शनिवार को मातम पसर गया। असम के जोरहाट में हुए विमान हादसे में जान गंवाने वाले जवानों में उत्तर प्रदेश के दो लाल भी शामिल हैं — अलीगढ़ के सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और बागपत के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर। दोनों परिवारों के लिए यह खबर वज्रपात से कम नहीं रही।

कैसे हुआ हादसा

घटना शनिवार सुबह की है। करीब 10 बजे इंडियन एयरफोर्स का एएन-32 ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में कुल 5 जवान शहीद हुए, जिनमें जितेंद्र शर्मा और प्रशांत सिंह तोमर के नाम भी शामिल हैं।

शादी की तैयारी के बीच आई शहादत की खबर

31 वर्षीय सार्जेंट जितेंद्र शर्मा हाल ही में असम के जोरहाट में तैनात थे। उनके घर इन दिनों खुशियों की तैयारी चल रही थी — परिवार उनकी शादी का रिश्ता तय करने में जुटा हुआ था। बीते 5 जून को जितेंद्र अपने घरवालों के साथ लड़की देखने भी गए थे और उसी दिन छुट्टियां खत्म कर अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। जिस घर में चंद दिन पहले शहनाई की उम्मीद जगी थी, वहां अब मातम छा गया है। जितेंद्र की शहादत की खबर ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया।

2014 में थामी थी देश सेवा की राह

जितेंद्र शर्मा अलीगढ़ के सालपुर गांव के रहने वाले थे। उन्होंने 2014 में वायु सेना में भर्ती होकर देश की सेवा का संकल्प लिया था। जीवन उनके लिए आसान नहीं रहा — करीब 12 साल पहले ही उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। परिवार में अब उनकी मां और दो बड़े भाई — रमाकांत और भूपेंद्र — हैं। यही दोनों भाई हर मोड़ पर जितेंद्र को आगे बढ़ने की हिम्मत देते रहे।

बागपत के प्रशांत सिंह तोमर भी हुए शहीद

इसी हादसे में यूपी के बागपत जिले के रमाला थाना क्षेत्र स्थित कंडेरा गांव के फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रशांत सिंह तोमर ने भी अपने प्राण न्योछावर कर दिए। जैसे ही उनके बलिदान की सूचना गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई और परिजनों पर मानो दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

छह साल पहले बने थे पायलट

परिजनों के अनुसार, प्रशांत सिंह तोमर करीब 6 साल पहले भारतीय वायु सेना में पायलट के तौर पर चुने गए थे। अपनी मेहनत, अनुशासन और देश सेवा के जज्बे के दम पर उन्होंने बहुत कम समय में अपनी एक अलग पहचान कायम कर ली थी।

सेना से रिटायर हैं प्रशांत के पिता

प्रशांत के ताऊ प्रमोद तोमर ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर में मिली। प्रशांत के पिता उमेश तोमर सेना से सेवानिवृत्त हैं और इस समय देहरादून के सैलाकुई क्षेत्र में रहकर अपना कारोबार संभालते हैं।

देहरादून में बीती पढ़ाई-लिखाई

परिवार के मुताबिक, प्रशांत ने अपनी प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा तक का अधिकांश समय पिता के साथ देहरादून में ही गुजारा था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में बतौर पायलट सेवा शुरू की। दो भाई-बहनों में से एक प्रशांत का विवाह करीब दो साल पहले दिल्ली की रहने वाली ऐश्वर्या के साथ हुआ था।

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