उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उपजे विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। अहरौला थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले शंभूपुर गाँव में एक निजी आवास पर चल रहे पूजा-पाठ के बीच अचानक हुई गोलीबारी में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जान गंवाने वालों में आरोपी की अपनी पत्नी और दो पुरोहित शामिल हैं। गोलीबारी के तत्काल बाद आरोपी अपने तीन नाबालिग बच्चों के साथ मकान के अंदर बंद हो गया, जिसके चलते पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
पारिवारिक इतिहास और अनुष्ठान को लेकर असहमति
इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि करीब दो वर्ष पुरानी रंजिश और दुखद घटना से जुड़ी हुई है। प्राप्त विवरण के अनुसार, लगभग 2 साल पहले आरोपी अरविंद सिंह के सगे भाई गुड्डू सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिवार के अन्य सदस्य दिवंगत गुड्डू सिंह की आत्मा की शांति के लिए पारंपरिक नारायणी बली पूजा का आयोजन कराना चाहते थे। दूसरी ओर, अरविंद सिंह इस अनुष्ठान के पूरी तरह खिलाफ था। उसने अपने परिवार, विशेष रूप से अपनी पत्नी और माता को स्पष्ट चेतावनी दी थी कि घर में यह अनुष्ठान कतई न कराया जाए।
अरविंद के कड़े विरोध के बावजूद परिजनों ने उसकी अनुपस्थिति में यह धार्मिक अनुष्ठान आयोजित करने का निर्णय लिया। सोमवार से ही घर की महिलाओं ने पुरोहितों को आमंत्रित करके विधिवत पूजा शुरू करवा दी थी। उस दौरान अरविंद ने पुरोहितों को भी मंगलवार को दोबारा घर पर न आने की सीधी चेतावनी दी थी। इसके बावजूद मंगलवार को धार्मिक क्रियाएं संपन्न कराने के लिए पुरोहित पुनः शंभूपुर स्थित आवास पर उपस्थित हुए थे।
आधार कार्ड मांगने पर गरमाया विवाद और चली गोली
मंगलवार शाम लगभग 6 बजे जब अरविंद सिंह स्थानीय बाजार से अपने घर लौटा, तो उसने देखा कि उसकी सख्त मनाही के बावजूद आंगन में पूजा-पाठ चल रहा था। घर के भीतर अनुष्ठान जारी देख वह आगबबूला हो गया। उसने पूजा करा रहे पुरोहितों से सवाल-जवाब शुरू कर दिया और उनसे पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड दिखाने की मांग करने लगा।
पुरोहितों द्वारा पहचान पत्र न दिखाए जाने और अनुष्ठान रोके जाने के मुद्दे पर अरविंद की अपनी पत्नी से भी तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। विवाद कुछ ही पलों में बेकाबू हो गया। आक्रोश में आकर अरविंद ने कथित तौर पर घर में रखी पिस्टल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। गोलीबारी में अरविंद की पत्नी बबिता सिंह के अलावा दोनों पुरोहित, पंडित महेंद्र पाठक और पंडित अखिलेश मिश्रा गंभीर रूप से घायल हो गए और तीनों ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।
आरोपी ने बच्चों संग खुद को किया बंद, भारी पुलिस बल तैनात
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद आरोपी अरविंद सिंह अपने तीन मासूम बच्चों को लेकर कमरे के अंदर चला गया और भीतर से दरवाजा बंद कर लिया। गाँव में तीन लोगों की हत्या की सूचना फैलते ही हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों ने तुरंत प्रशासन को सूचित किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन तथा तीन थानों की भारी पुलिस टीम तुरंत शंभूपुर गाँव पहुंची।
सुरक्षा बलों ने मकान को चारों तरफ से घेर लिया है। प्राथमिक स्तर पर पुलिस अधिकारियों का पूरा ध्यान अंदर मौजूद तीनों बच्चों को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित बाहर निकालने पर टिका हुआ है। पुलिस कर्मी लाउडस्पीकर और अन्य माध्यमों से आरोपी को समझाने और आत्मसमर्पण कराने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल का गहन मुआयना किया है और बैलिस्टिक साक्ष्य सहित अन्य महत्वपूर्ण फिंगरप्रिंट जुटाए हैं ताकि कानूनी कार्रवाई को मजबूती दी जा सके।




















