उत्तर प्रदेश के बलिया में सरकारी दफ्तरों की घूसखोरी पर एक बार फिर शिकंजा कसा गया है। यहां की सदर तहसील में तैनात राजस्व निरीक्षक (Revenue Inspector) राम प्रताप राम को जमीन की नाप कराने के बदले 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। यह कार्रवाई आजमगढ़ की एंटी करप्शन टीम ने पूरी योजना बनाकर अंजाम दी, जिसने पहले जाल बिछाया और फिर आरोपी को मौके पर ही धर दबोचा।
कैसे रची गई पकड़ की पूरी पटकथा
पूरे मामले की शुरुआत बलिया जिले के सोनवानी निवासी अशोक कुमार सिंह की शिकायत से हुई। उनका आरोप था कि उनकी जमीन की पैमाइश के एवज में राजस्व निरीक्षक ने उनसे 5 हजार रुपये की मांग की थी। शिकायत मिलते ही 14 सदस्यों वाली टीम हरकत में आ गई। बुधवार को इसी टीम ने तहसील परिसर के कमरा नंबर 22 में दबिश दी और जैसे ही आरोपी ने रकम अपने हाथ में ली, उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।
शिकायतकर्ता ने बताई पूरी बात
अशोक कुमार सिंह के मुताबिक राजस्व निरीक्षक राम प्रताप ने पैमाइश के लिए उनसे 5 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने आरोपी से कहा था कि ठीक है, तीन से चार दिन बाद पैसे लेकर आता हूं। इसके बाद वे सीधे एंटी करप्शन टीम के पास पहुंचे और तय रणनीति के तहत आज राजस्व निरीक्षक रिश्वत की रकम लेते ही दबोच लिए गए। फिलहाल आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलाई जा रही है।
लेखपाल संघ ने उठाए सवाल
दूसरी ओर इस गिरफ्तारी पर लेखपाल संघ के जिला अध्यक्ष निर्भय नारायण सिंह ने अलग दावा किया। उनका कहना है कि राम प्रताप को गलत तरीके से फंसाया गया है। यानी जहां एक तरफ शिकायतकर्ता रिश्वत मांगे जाने पर अड़ा है, वहीं संघ इसे साजिश बता रहा है।
तहसील परिसर में मच गई खलबली
टीम की इस कार्रवाई के बाद पूरे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। राजस्व विभाग के कर्मचारियों और दूसरे अफसरों के बीच दिनभर इसी गिरफ्तारी की चर्चा चलती रही। अधिकारियों ने साफ कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और सरकारी कामकाज के बदले घूस मांगने वाले किसी भी कर्मचारी या अफसर को बख्शा नहीं जाएगा।
आम लोगों से की गई अपील
एंटी करप्शन डिपार्टमेंट ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी किसी काम के लिए रिश्वत की मांग करे तो उसकी शिकायत तुरंत संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाई जाए, ताकि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई हो सके। इस पूरे एक्शन को बलिया में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़ी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि राजस्व विभाग से जुड़े कामों में घूसखोरी की शिकायतें अक्सर सामने आती रहती हैं, जिसकी वजह से आम नागरिकों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है।













