कानपुर के काकादेव थाना क्षेत्र स्थित मतैयापुरवा में सगे संबंधियों के बीच भड़की मामूली तकरार खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। रिश्तेदारों के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए एक मजदूर ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। इस हिंसक वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया और पीड़ित परिवार में चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई है, वहीं मौके से तीन महिलाओं को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। मुख्य हमलावर अभी कानून की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
कहासुनी के बाद हाथापाई और लाठियों से वार
मतैयापुरवा निवासी 37 वर्षीय राकेश कुमार प्रजापति दैनिक मजदूरी कर किसी तरह अपने घर का खर्च चलाते थे। सोमवार दोपहर वह शराब के नशे की हालत में अपने मोहल्ले पहुंचे थे। वहां उनका सामना पड़ोस में रहने वाली उनकी चचेरी बहन सुमन से हुआ, जो शादीशुदा हैं। दोनों के बीच किसी बात को लेकर तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि सुमन ने अपना आपा खो दिया और राकेश को एक थप्पड़ जड़ दिया। इस तकरार की आवाज सुनकर सुमन का भाई रवि भी अपने परिजनों के साथ बाहर निकल आया।
रवि के साथ उसकी पत्नी अनीता और मां पप्पी भी मौके पर आ गईं। इसके बाद विवाद शांत होने के बजाय और ज्यादा उग्र हो गया। रवि और उसके परिवार के सदस्यों ने तैश में आकर लाठी-डंडों से राकेश पर ताबड़तोड़ प्रहार करने शुरू कर दिए। अचानक हुए इस जानलेवा हमले से राकेश संभल नहीं सके और गंभीर चोटें लगने के कारण सड़क पर ही गिर पड़े।
सड़क पर बेसुध गिरे मजदूर ने अस्पताल में तोड़ा दम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लहूलुहान होकर जमीन पर गिर जाने के बावजूद हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और वे लगातार डंडों से प्रहार करते रहे। बेरहमी से हुई इस मारपीट के चलते कुछ ही पलों में राकेश अचेत हो गए। चीख-पुकार और विवाद देखकर आसपास के स्थानीय निवासियों ने तुरंत राकेश की पत्नी मोनी को घटना की जानकारी दी।
सूचना पाते ही बदहवास हालत में मोनी मौके पर पहुंचीं। स्थानीय पड़ोसियों के सहयोग से गंभीर रूप से जख्मी राकेश को आनन-फानन में हैलट अस्पताल पहुंचाया गया। वहां आपातकालीन वार्ड के चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत राकेश को मृत घोषित कर दिया। पति के निधन की खबर मिलते ही मोनी बेसुध हो गईं और पूरे परिवार में मातम छा गया।
पुलिस ने शुरू की कानूनी कार्रवाई, दो टीमें गठित
वारदात की सूचना मिलते ही काकादेव के थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने घटनास्थल की जांच-पड़ताल की और प्रत्यक्षदर्शियों एवं परिजनों से पूरे घटनाक्रम का विवरण जुटाया। इसके बाद मृतक की पत्नी ने नामजद तहरीर सौंपकर आरोपियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की।
सेंट्रल क्षेत्र के डीसीपी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने घटना के संबंध में बताया कि पत्नी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया जा रहा है। त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सुमन, अनीता और पप्पी को हिरासत में ले लिया है और उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है। वहीं घटना को अंजाम देने के बाद फरार हुए मुख्य अभियुक्त रवि की धरपकड़ के लिए पुलिस की दो विशेष टीमें लगाई गई हैं, जो संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।
मासूम बच्चों के सामने खड़ा हुआ आजीविका का संकट
राकेश की असमय मौत ने उनके पूरे परिवार को गहरे संकट में धकेल दिया है। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पेट भरते थे, जबकि उनकी पत्नी मोनी भी घरेलू आर्थिक तंगी दूर करने के लिए दूसरे घरों में बर्तन और साफ-सफाई का कार्य करती हैं। राकेश अपने पीछे पत्नी के अलावा चार संतानों को छोड़ गए हैं, जिनमें दो पुत्रियां तमन्ना व चाहत और दो पुत्र आर्यन व डुग्गू शामिल हैं। पिता का साया छिन जाने से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और परिजनों के सामने भविष्य के भरण-पोषण की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है।



















