कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार की सुबह राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान उन्होंने लालू प्रसाद यादव से मिलकर उनकी सेहत की जानकारी ली और उनके कुशलक्षेम के बारे में बातचीत की। दोनों वरिष्ठ राजनेताओं ने इस मुलाकात में विभिन्न राजनीतिक व समसामयिक विषयों पर भी चर्चा की। इस दौरान लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेजस्वी यादव सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी वहां उपस्थित रहे।
पुराने दौर की योजनाओं और साझेदारी का हुआ स्मरण
इस मुलाकात के पश्चात लालू प्रसाद यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तस्वीरें साझा करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने बताया कि इस आत्मीय बैठक ने उनके पुराने दिनों की स्मृतियों को एक बार फिर ताजा कर दिया। दोनों नेताओं के बीच पूर्ववर्ती यूपीए (UPA) सरकार के कार्यकाल के दौरान किए गए नीतिगत फैसलों, पहलों और प्रशासनिक सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई।
लालू प्रसाद यादव ने एक्स पर अपनी बात रखते हुए कहा, "सोनिया गांधी ने आवास पहुंच स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की। इस दौरान पुराने दिनों की यादें ताजा हुई।"
यूपीए सरकार के जनकल्याणकारी कानून और बिहार को मिली सहायता
लालू प्रसाद यादव ने अपनी पोस्ट में इस बात को रेखांकित किया कि यूपीए शासनकाल के दौरान उनकी संयुक्त साझेदारी ने देश के आम नागरिकों, युवाओं, किसानों और जवानों के हित में पारदर्शी नीतियां लागू की थीं। उन्होंने विशेष रूप से मनरेगा (MGNREGA), शिक्षा का अधिकार (RTE) और सूचना का अधिकार (RTI) जैसे महत्वपूर्ण कानूनों का उल्लेख किया, जिनके माध्यम से देश की जनता को सीधे अधिकार संपन्न बनाया गया।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि सरदार मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली उस केंद्र सरकार ने बिहार के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी थी। उस ऐतिहासिक दौर में राज्य के बुनियादी ढांचे और विभिन्न विकास कार्यों के लिए 1 लाख 45 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक की भारी भरकम धनराशि स्वीकृत और प्रदान की गई थी।



















