अयोध्या में सरयू नदी के किनारे बने घाटों पर प्रशासन ने बैरिकेडिंग करा दी है और श्रद्धालुओं को गहरे पानी से दूर रहने की सलाह दी जा रही है। वजह है नदी का बढ़ता जलस्तर, जो अब चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही तेज बारिश का पानी उतरकर रामनगरी की ओर बढ़ रहा है, जिससे जिला प्रशासन ने सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को पहले से कहीं ज्यादा सख्त कर दिया है।
24 घंटे नजर रख रही प्रशासन की टीमें
जलस्तर में लगातार हो रहे इजाफे को देखते हुए संवेदनशील घाटों और नदी किनारे के इलाकों में चौबीसों घंटे चौकसी बरती जा रही है। जल पुलिस, एनडीआरएफ के जवान और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मिलकर हालात का जायजा ले रहे हैं, ताकि कोई भी आपात स्थिति सामने आए तो फौरन कदम उठाए जा सकें। घाटों पर लगाई गई बैरिकेडिंग श्रद्धालुओं को नदी के ज्यादा गहरे हिस्सों में जाने से रोक रही है, और तैनात सुरक्षाकर्मी बार-बार लोगों को तेज बहाव को लेकर सचेत कर रहे हैं।
जल आयोग के इंजीनियर ने बताई जलस्तर बढ़ने की वजह
केंद्रीय जल आयोग के जूनियर इंजीनियर आकाश प्रताप सिंह के मुताबिक उत्तराखंड और आसपास के पहाड़ी इलाकों में हो रही भारी बारिश के चलते सरयू में पानी का बहाव बढ़ गया है, और यही वजह है कि अयोध्या में जलस्तर तेजी से चढ़ा है। उन्होंने बताया कि उनका विभाग जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है और समय-समय पर मिलने वाले आंकड़े जिला प्रशासन के साथ साझा किए जा रहे हैं, जिससे जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा सकें।
मोटरबोट के साथ तैनात रहीं बचाव टीमें
घाटों पर जल पुलिस और एनडीआरएफ के जवान मोटरबोट और अन्य बचाव उपकरणों के साथ मुस्तैद खड़े हैं, ताकि किसी भी अनहोनी की सूरत में राहत कार्य में देरी न हो। प्रशासन ने साफ किया है कि लोग किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें और सिर्फ प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों पर अमल करें। जिला प्रशासन के मुताबिक फिलहाल हालात काबू में हैं, लेकिन जलस्तर में हो रही लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
श्रावण में उमड़ती भीड़ के बीच सुरक्षा पर जोर
नदी किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने को कहा गया है। श्रावण महीने में बड़ी तादाद में श्रद्धालु सरयू में स्नान करने अयोध्या पहुंचते हैं, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश न करें, गहरे पानी में उतरने से परहेज करें और पुलिस-प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। लगातार निगरानी के जरिए प्रशासन की कोशिश है कि किसी भी तरह की जनहानि न हो।



















