उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बिजली व्यवस्था और विभागीय अधिकारियों के रवैये को लेकर जनप्रतिनिधि का गुस्सा खुलकर सामने आया है। सेउता विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय जनता पार्टी के विधायक ज्ञान तिवारी का एक वीडियो इन दिनों खूब चर्चा बटोर रहा है। इस वीडियो में विधायक विद्युत विभाग के एक शीर्ष अधिकारी से फोन पर बेहद तल्ख लहजे में बात करते हुए कर्मचारियों की कथित मनमानी और वसूली पर कड़ा ऐतराज जता रहे हैं।
रिश्वत लेकर बिजली बहाल करने और खंभे लगाने की शिकायतें
वायरल बातचीत के दौरान ज्ञान तिवारी ने विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता से सीधे तौर पर उपखंड अधिकारी (SDO) की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। विधायक का साफ आरोप है कि इलाके में बिजली विभाग के कर्मचारी और अधिकारी आम लोगों से अवैध वसूली में लगे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि जो उपभोक्ता घूस दे रहे हैं केवल उन्हीं के घरों और मोहल्लों में बिजली की आपूर्ति बहाल की जा रही है, जबकि पैसे न दे पाने वाले ग्रामीणों को अंधेरे में रहने पर मजबूर किया जा रहा है। विधायक ने यह गंभीर आरोप भी लगाया कि हाल ही में बाढ़ से प्रभावित हुए क्षेत्रों में टूटे बिजली के खंभे दोबारा लगाने के एवज में भी नागरिकों से पैसों की मांग की जा रही है।
अधिकारियों को दी तबादला कराने और जनआक्रोश की चेतावनी
क्षेत्र की बदहाल बिजली व्यवस्था से त्रस्त नागरिकों के समर्थन में बोलते हुए विधायक ने कहा कि लोगों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। अगर विभाग के अफसरों ने अपने तौर-तरीके नहीं सुधारे तो हालात काबू से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने अफसरों को स्पष्ट शब्दों में चेताया कि यदि उनसे अपने क्षेत्र में निष्पक्ष रूप से काम नहीं संभल रहा है, तो वे इटावा, मैनपुरी, आजमगढ़, औरैया, कन्नौज या रामपुर जैसे अन्य जिलों में अपना तबादला करा लें।
बाढ़ पीड़ितों को धमकी और सरकार की छवि खराब करने का दावा
विधायक ज्ञान तिवारी ने बातचीत में यह भी जोड़ा कि विभागीय लापरवाही से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की साख पर बट्टा लग रहा है। उनके मुताबिक बाढ़ की मार झेल रहे गांवों की स्थिति यह है कि आधे इलाके में बिजली पहुंच रही है और बाकी आधा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। जब परेशान ग्रामीण शिकायत दर्ज कराते हैं, तो अधिकारी समाधान देने के बजाय उल्टे उन पर कानूनी मुकदमे दर्ज कराने का खौफ दिखाकर डराने का प्रयास करते हैं। विधायक ने चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि वे अब तक हाथ जोड़कर जनता को समझा-बुझाकर शांत रखे हुए हैं, लेकिन अगर लोगों का गुस्सा भड़का तो अफसरों के लिए अपना बचाव करना मुश्किल हो जाएगा।





















