संतकबीरनगर के बभनी गांव में खूनी संघर्ष
संतकबीरनगर जिले के बखिरा थाना क्षेत्र स्थित बभनी गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां आपसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। गांव के एक युवक की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद गांव में तनाव फैल गया और गुस्साए ग्रामीणों ने कथित आरोपी की दुकान में आग लगा दी। फिलहाल, गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है।
आपसी विवाद ने ली जान
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी 33 वर्षीय आनंद कुमार की हत्या की गई है। मृतक अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित थे। आरोप है कि गांव के ही नासिर अली ने धारदार हथियार से आनंद कुमार की गला काटकर हत्या कर दी। यह घटना गुरुवार देर शाम हुई, जिसके बाद पूरे बभनी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और सुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
ग्रामीणों का गुस्सा और आगजनी
आनंद कुमार की हत्या की खबर फैलते ही ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया। इस गुस्से का परिणाम यह हुआ कि लोगों ने एकजुट होकर आरोपी नासिर अली की दुकान को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद बिगड़ती स्थिति को नियंत्रित करने और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत पुलिस बल को गांव में बुलाया गया।
प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई
हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक संदीप मीना गुरुवार रात को ही मौके पर पहुंच गए थे। अगले दिन, शुक्रवार को जिलाधिकारी आलोक कुमार और एसपी मीना ने भी गांव का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। गांव में शांति सुनिश्चित करने के लिए तीन थानों की पुलिस बल को बभनी में तैनात किया गया है, जो लगातार निगरानी कर रही है। मुख्य आरोपी नासिर अली अपने परिवार के साथ घटना के बाद से ही फरार बताया जा रहा है।
साम्प्रदायिक रंग देने से इनकार और सहायता का आश्वासन
मृतक पक्ष की शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें तीन नामजद और एक अज्ञात आरोपी शामिल हैं। जिलाधिकारी आलोक कुमार ने स्पष्ट किया है कि गांव में पूरी तरह शांति है और पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। उन्होंने इस घटना को साम्प्रदायिक रंग देने से साफ इनकार करते हुए कहा कि यह आपसी विवाद में हुई हत्या का मामला है। प्रशासन पीड़ित परिवार को नियमानुसार मिलने वाली आर्थिक और अन्य सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।
आरोपियों की तलाश जारी
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने विशेष टीमें गठित की हैं। संतकबीरनगर, गोरखपुर और बस्ती की एसओजी टीम, सर्विलांस टीम तथा स्थानीय पुलिस को इस काम में लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और न्याय सुनिश्चित हो सके।













