करीब एक महीने तक चली सघन तलाशी के बाद पश्चिम बंगाल के बर्दवान रेलवे पुलिस यानी जीआरपी ने राजस्थान से दो लापता स्कूली छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया है। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सुरागों और अलग-अलग स्रोतों से मिली जानकारी को खंगालने के बाद पुलिस टीम 31 जुलाई को राजस्थान के फूलबाग इलाके तक पहुंची और वहां से दोनों छात्राओं को बरामद किया। जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 2 अगस्त को दोनों को उनके परिवार के हवाले कर दिया गया।
ऐसे शुरू हुई पूरी घटना
मामला 1 जुलाई का है, जब मेमारी इलाके की दो स्कूली छात्राएं रोज़ की तरह स्कूल के लिए घर से निकली थीं। पुलिस के मुताबिक उस दिन कुल पांच छात्राएं एक साथ घर से निकली थीं, जिनमें से तीन तो स्कूल पहुंच गईं, लेकिन बाकी दो मेमारी में ही रुक गईं और आगे नहीं बढ़ीं। आरोप है कि इन दोनों छात्राओं ने अपने पास रखे करीब दो हजार रुपये और कुछ चांदी के गहने बेचकर एक मोबाइल फोन खरीदा। इसके बाद बिना घरवालों को कुछ बताए वे पहले बिहार गईं और वहां से आगे राजस्थान पहुंच गईं।
परिवार की शिकायत पर जीआरपी ने संभाली जांच
बेटियों के लापता होने पर परिजनों ने सबसे पहले मेमारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन जांच के दौरान सामने आया कि मामला बर्दवान जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसलिए 14 जुलाई को परिवार ने बर्दवान जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दी। शिकायत मिलते ही जीआरपी ने अपनी जांच शुरू कर दी। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी विश्लेषण किया और अलग-अलग सुरागों को जोड़ते हुए आखिरकार दोनों छात्राओं का सुराग राजस्थान में ढूंढ निकाला।
डांट से नाराज होकर घर से निकली थीं दोनों
बरामदगी के बाद पूछताछ में दोनों छात्राओं ने पुलिस को बताया कि वे घर में हुई डांट-फटकार से नाराज होकर काम की तलाश में निकली थीं। राजस्थान पहुंचकर वे एक फैक्ट्री के गोदाम में रहने लगी थीं। पुलिस को शक है कि किसी ने वहां उनके रहने और काम की व्यवस्था कराई थी, इसी सिलसिले में पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
करीब एक महीने की मेहनत के बाद मिली कामयाबी
करीब एक महीने तक चली लगातार जांच और पड़ताल के बाद दोनों छात्राओं की सुरक्षित बरामदगी और परिवार को सौंपे जाने को बर्दवान जीआरपी की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि छात्राओं को घर से भागने में किसी और का हाथ तो नहीं था, और हिरासत में लिए गए व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच जारी है।



















