पश्चिम बंगाल की राजनीति में रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार सखाराव सरकार के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित किया। मुस्लिम बहुल आबादी वाले इस इलाके में मतदाताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी राजनीति में हिंदू अथवा मुस्लिम के आधार पर ध्रुवीकरण करने के बजाय असल प्राथमिकता बुनियादी विकास और स्थानीय रोजगार के अवसरों पर होनी चाहिए। उन्होंने जनता से बंटे हुए विपक्ष के बहकावे में न आने और अपना बहुमूल्य वोट व्यर्थ न करने का आह्वान किया।
रेजीनगर को मॉडल विधानसभा के रूप में संवारने की रूपरेखा
चुनावी मंच से विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता से वादा किया कि यदि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार को जीत मिलती है, तो रेजीनगर को एक मॉडल विधानसभा क्षेत्र के रूप में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं की निगरानी वे स्वयं अपने स्तर पर करेंगे। उनके मुताबिक रेजीनगर के विकास का प्रारूप नंदीग्राम और भवानीपुर की तर्ज पर तैयार किया जाएगा। इसके अतिरिक्त प्रशासनिक कामकाज और नागरिकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए उन्होंने क्षेत्र में नेताजी सुभाष सेवा केंद्र की स्थापना करने का ऐलान किया, जिससे आम लोगों को सरकारी दस्तावेज और कल्याणकारी सेवाएं बिना किसी अड़चन के एक ही जगह सुलभ हो सकें।
प्रवासी श्रमिकों की घर वापसी और रोजगार सृजन की कार्ययोजना
क्षेत्र से रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर होने वाले पलायन का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने ठोस कदम उठाने की बात कही। उन्होंने कहा कि आगामी दो साल की समयावधि में बाहर काम कर रहे लगभग 40 हजार स्थानीय मजदूरों को वापस लाने का गंभीर प्रयास किया जाएगा। श्रमिकों को आजीविका की गारंटी देने के उद्देश्य से उन्होंने अगले छह महीने के भीतर 125 दिन का काम मुहैया कराने की प्रतिबद्धता जताई। रेजीनगर को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए यहां एक नया औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की योजना की जानकारी भी दी गई। उन्होंने बताया कि इसके लिए आवश्यक जमीन का मुआयना पहले ही पूरा कर लिया गया है और योजना के अनुसार आगामी डेढ़ साल के भीतर कारखानों में उत्पादन और कामकाज शुरू होने की संभावना है।
स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और महिला कल्याण योजनाओं का दायरा
अपने संबोधन में शुभेंदु अधिकारी ने वर्तमान में संचालित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के आंकड़ों का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि रेजीनगर इलाके के कुल 2,01,555 नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना के स्वास्थ्य सुरक्षा घेरे में लाया जा चुका है, जिसमें करीब 40 हजार प्रवासी कामगार भी शामिल हैं। महिला सशक्तीकरण के संदर्भ में उन्होंने रेखांकित किया कि लगभग 70 हजार स्थानीय महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना की सहायता मिल रही है। इस आंकड़े में तकरीबन 35 हजार लाभार्थी महिलाएं अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने दोहराया कि जनहित से जुड़ी सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का लाभ आम जनता तक पहुंचाने में किसी भी आधार पर कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा।
चुनावी सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने हुमायूं कबीर द्वारा हाल ही में दिए गए विवादित बयान पर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने अधिकारी के जल्द दुनिया से चले जाने की प्रार्थना करने की बात कही थी। इस पर पलटवार करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि स्वस्थ लोकतांत्रिक राजनीति में विभिन्न दलों के बीच गंभीर मतभेद और तीखी बहसें स्वाभाविक हैं, परंतु व्यक्तिगत स्तर पर किसी के खिलाफ अमर्यादित हमले स्वीकार्य नहीं हो सकते। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रेजीनगर के मतदाता मतदान के दिन ईवीएम का बटन दबाकर इस तरह की नकारात्मक टिप्पणियों का लोकतांत्रिक जवाब देंगे।
विपक्षी दलों की आंतरिक खींचतान और छहतरफा मुकाबला
विपक्षी खेमे पर राजनीतिक प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे गहरे विवाद, वाम दलों के सिमटते प्रभाव और कांग्रेस पार्टी की कमजोर जमीनी स्थिति का उल्लेख किया। उन्होंने तृणमूल सरकार के पूर्व कार्यकाल का हवाला देते हुए सरकारी नौकरियों में कथित विसंगतियों के साथ-साथ मनरेगा और आवास योजनाओं में हुई कथित वित्तीय व प्रशासनिक गड़बड़ियों का मुद्दा भी जोरदार ढंग से उठाया।
रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले इस मुकाबले में कुल छह प्रमुख पक्ष आमने-सामने हैं। इस बहुकोणीय चुनावी जंग में आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी), बीजेपी, ममता बनर्जी गुट वाली तृणमूल कांग्रेस, ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाला बागी तृणमूल गुट, कांग्रेस और माकपा मैदान में डटे हैं। उल्लेखनीय है कि पूर्व विधायक हुमायूं कबीर के त्यागपत्र देने के कारण यह सीट रिक्त हुई थी, जिस पर 6 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे। आम जनता उन्नयन पार्टी के संस्थापक हुमायूं कबीर ने अपने पुत्र गोलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है, जबकि ममता बनर्जी गुट से रबीउल आलम चौधरी और ऋतब्रत बनर्जी के गुट से सफीउद्दीन शेख (सफीउज्जमान शेख) किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी की तरफ से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी तथा लेफ्ट फ्रंट की तरफ से माकपा के सैयद असद अली चुनावी अखाड़े में ताल ठोक रहे हैं।
























