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पश्चिम बंगाल में बीएसएफ और एसएसबी जवानों के लिए नए 'सीमा मित्र' पुरस्कार का ऐलान, सीएम शुभेंदु अधिकारी की घोषणापश्चिम बंगाल
8 नव॰ 2026, 5:10 pm (6 मिनट पहले)· 0

पश्चिम बंगाल में बीएसएफ और एसएसबी जवानों के लिए नए 'सीमा मित्र' पुरस्कार का ऐलान, सीएम शुभेंदु अधिकारी की घोषणा

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने वर्ष 2027 से सीमा सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों के लिए 'सीमा मित्र' पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने हिंगलगंज में जवानों को संबोधित करते हुए पिछली सरकार पर सुरक्षा बलों की अनदेखी का आरोप भी लगाया।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सीमा सुरक्षा के मोर्चे पर असाधारण सेवा और समर्पण दिखाने वाले सुरक्षा कर्मियों को सम्मानित करने के लिए एक नए पुरस्कार की शुरुआत करने का ऐलान किया है। राज्य में वर्ष 2027 से 'सीमा मित्र' पुरस्कार की शुरुआत की जाएगी, जिसके तहत उन जवानों और अधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा जो देश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की रक्षा में उत्कृष्ट योगदान दे रहे हैं। इस पुरस्कार के दायरे में सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और पश्चिम बंगाल पुलिस के कर्मी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले और बांग्लादेश सीमा के बेहद करीब स्थित हिंगलगंज इलाके की एक सीमा चौकी का दौरा किया। वहां तैनात बीएसएफ के जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने इस पुरस्कार की रूपरेखा स्पष्ट की और कहा कि योग्य कर्मियों का चयन करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा जो पूरी पारदर्शिता के साथ विजेताओं का चुनाव करेगी।

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दिवाली और काली पूजा के मौके पर सीमा पहुंचे मुख्यमंत्री

दीपावली और काली पूजा के पावन पर्व पर मुख्यमंत्री जवानों का हौसला बढ़ाने के लिए सीधे सीमा चौकियों पर पहुंचे थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने साफ कहा कि उनकी सरकार सुरक्षा बलों के सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने घोषणा की कि अगले साल से बीएसएफ, एसएसबी और पश्चिम बंगाल पुलिस के उन कर्मियों को 'सीमा मित्र' से नवाजा जाएगा जिन्होंने अपनी ड्यूटी के दौरान अनुकरणीय कार्य किया है।

इस अवसर पर उन्होंने देश की सीमाओं के सामरिक महत्व का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह बीएसएफ भारत और बांग्लादेश की सीमा की सुरक्षा का कड़ा दायित्व निभाती है, जबकि एसएसबी के जवान नेपाल और भूटान से लगी हुई भारतीय सीमाओं पर मुस्तैद रहकर देश की रक्षा करते हैं।

पिछली सरकार पर सुरक्षा बलों के अपमान का आरोप

हिंगलगंज में जवानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली ममता बनर्जी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल के दौरान बीएसएफ और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों के साथ उचित बर्ताव नहीं किया गया और उनके प्रति अनुचित रवैया अपनाया गया।

मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक रूप से कहा कि पिछली सरकार द्वारा सुरक्षा बलों के खिलाफ की गई अपमानजनक टिप्पणियों और उनके साथ हुए व्यवहार के लिए वह राज्य के मुखिया के तौर पर जवानों से माफी मांगते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार केंद्रीय बलों का पूरा सम्मान करती है और उनके मनोबल को बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाएगी।

सीमा पर बाड़ लगाने में बाधा डालने का भी दावा

अपने संबोधन में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस सरकार पर एक और गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा के पश्चिम बंगाल से गुजरने वाले लगभग 600 किलोमीटर लंबे हिस्से पर फेंसिंग यानी बाड़ लगाने के लिए बीएसएफ को जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में असहयोग किया था।

मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया कि राज्य में भाजपा सरकार के सत्ता संभालने के तुरंत बाद उस खुली सीमा पर बाड़ लगाने का रास्ता साफ किया गया। इसके तहत बीएसएफ को तुरंत जरूरी जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को पूरी तरह सुनिश्चित किया गया, जिससे सीमा पार से होने वाली घुसपैठ और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके। इस पूरी पहल को सुरक्षा बलों के अमूल्य योगदान को औपचारिक मान्यता देने और राज्य में सीमा प्रबंधन को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

'सीमा मित्र' पुरस्कार की घोषणा किसने की है?
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस पुरस्कार की घोषणा की है।
यह पुरस्कार किस वर्ष से दिया जाएगा?
यह पुरस्कार वर्ष 2027 से दिया जाना शुरू किया जाएगा।
इस पुरस्कार के लिए कौन से बल पात्र होंगे?
सीमा सुरक्षा बल (BSF), सशस्त्र सीमा बल (SSB) और पश्चिम बंगाल पुलिस के कर्मी इस पुरस्कार के पात्र होंगे।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणा कहाँ की?
मुख्यमंत्री ने उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज इलाके में सीमा चौकी पर जवानों को संबोधित करते हुए यह घोषणा की।
पिछली सरकार पर क्या आरोप लगाया गया?
पिछली सरकार पर बीएसएफ और सीआरपीएफ के साथ अनुचित व्यवहार करने तथा बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध न कराने का आरोप लगाया गया।
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