संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से बसने की उम्मीद लगाए बैठे आवेदकों के लिए एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। एक अमेरिकी फेडरल अदालत ने ट्रंप प्रशासन को 2027 डाइवर्सिटी वीजा कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया फिर से शुरू करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद पंजीकरण की प्रक्रिया 1 नवंबर तक दोबारा खुलने की उम्मीद है। इस प्रक्रिया में हुई देरी के कारण दुनिया भर के योग्य उम्मीदवारों में भारी अनिश्चितता बनी हुई थी कि आखिर वार्षिक लॉटरी के लिए आवेदन कब से स्वीकार किए जाएंगे।
अदालती आदेश और अहम समय सीमा
14 अक्टूबर को यूएस डिस्ट्रिक्ट जज जिनसूक ओहता ने सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो और अमेरिकी विदेश विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी किए। अदालत ने विदेश विभाग से कहा कि वह पंजीकरण की तारीखों की घोषणा करे और 30 दिनों की अवधि के लिए आवेदन विंडो को दोबारा खोले। अदालत के इस आदेश के तहत 1 नवंबर तक हर हाल में रजिस्ट्रेशन शुरू होना चाहिए।
इसके साथ ही अदालत ने चयनित आवेदकों को परिणाम की सूचना देने की समय सीमा 3 दिसंबर तय की है। इससे पहले विदेश विभाग ने कहा था कि वह आवेदन प्रक्रिया में कुछ बदलाव कर रहा है और पंजीकरण की तारीखों की घोषणा बाद में की जाएगी। अदालत के इस कदम का मुख्य उद्देश्य रुकी हुई आधिकारिक प्रक्रिया को पटरी पर लाना है, ताकि आगे की चयन प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। फिर भी योग्य आवेदकों को आधिकारिक घोषणा की प्रतीक्षा करने और अमेरिकी सरकार द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जाती है।
कैलिफोर्निया की लॉ फर्म ने दायर की थी याचिका
यह अदालती आदेश कैलिफोर्निया स्थित आव्रजन फर्म रेड ईगल लॉ द्वारा दायर एक मुकदमे के बाद आया है। इस याचिका में 2027 की लॉटरी के लिए पंजीकरण शुरू करने में हो रही देरी को सीधे चुनौती दी गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि सरकार तय समय पर आवेदन प्रक्रिया शुरू न करके इस वार्षिक कार्यक्रम को प्रभावी रूप से ठंडे बस्ते में डाल रही है।
लॉटरी कार्यक्रम के नियमों के अनुसार 2027 डाइवर्सिटी वीजा कार्यक्रम का वीजा वर्ष 30 सितंबर 2027 को समाप्त हो जाएगा। इसका सीधा अर्थ यह है कि चयनित उम्मीदवारों के पास पूरी प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए बेहद सीमित समय बचेगा। यदि किसी चयनित आवेदक को निर्धारित अंतिम तारीख से पहले वीजा जारी नहीं किया जाता है, तो उस कार्यक्रम वर्ष के तहत बाद में वीजा हासिल नहीं किया जा सकता। पंजीकरण में पहले ही देरी हो चुकी है, इसलिए प्रक्रिया का समय पर आगे बढ़ना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि हर कदम अपने आप तय समय में पूरा हो जाएगा।
डाइवर्सिटी वीजा और ग्रीन कार्ड के नियम
डाइवर्सिटी वीजा कार्यक्रम, जिसे आमतौर पर ग्रीन कार्ड लॉटरी के रूप में जाना जाता है, अमेरिका में स्थायी निवास यानी परमानेंट रेजिडेंसी पाने का एक जरिया है। इस कार्यक्रम के तहत प्रत्येक वर्ष 55,000 अप्रवासी वीजा ऐसे देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध कराए जाते हैं, जहां से ऐतिहासिक रूप से अमेरिका में कम संख्या में लोग आए हैं। जो आवेदक सफल होते हैं और जिन्हें अंततः ग्रीन कार्ड मिलता है, वे नियमों के अधीन रहते हुए अमेरिका में स्थायी रूप से रह सकते हैं और काम कर सकते हैं।
अमेरिका के अन्य पारंपरिक आव्रजन मार्गों की तुलना में इस लॉटरी की कुछ अलग विशेषताएं हैं। इसमें आमतौर पर किसी अमेरिकी नियोक्ता से नौकरी के प्रस्ताव की आवश्यकता नहीं होती है। इसके अलावा किसी नजदीकी पारिवारिक रिश्तेदार के स्पॉन्सरशिप या किसी व्यवसाय में निवेश करने के लिए बड़ी धनराशि दिखाने की भी जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि केवल लॉटरी में भाग लेने से ग्रीन कार्ड की कोई गारंटी नहीं मिलती है। आवेदकों को वीजा हासिल करने से पहले शिक्षा या कार्य अनुभव से जुड़ी पात्रता शर्तों को अनिवार्य रूप से पूरा करना होता है।
लॉटरी में नाम आने पर आवेदक केवल वीजा आवेदन प्रक्रिया में आगे बढ़ने का पात्र बनता है। इसके बाद भी सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना, आवश्यक दस्तावेज जमा करना, अनिवार्य बैकग्राउंड जांच, मेडिकल परीक्षण और वीजा साक्षात्कार से सफलतापूर्वक गुजरना अनिवार्य होता है। सभी जांच पूरी होने और समय सीमा समाप्त होने से पहले वीजा की आधिकारिक मंजूरी मिलना जरूरी है।
फर्जी एजेंटों से सावधानी और भारतीय नागरिकों के लिए पात्रता
आधिकारिक लॉटरी में शामिल होना पूरी तरह से मुफ्त होता है। ऐसे में आवेदकों को उन अनधिकृत वेबसाइटों, एजेंटों या बिचौलियों से सतर्क रहना चाहिए जो चयन की पक्की गारंटी देने या लॉटरी जीतने की संभावना बढ़ाने का दावा करते हैं। यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह से रैंडम लॉटरी सिस्टम पर आधारित होती है, इसलिए किसी भी मध्यस्थ को पैसे देने से सफलता नहीं मिल सकती। यदि किसी को आव्रजन नियमों को समझने के लिए पेशेवर मदद की दरकार है तो वह योग्य कानूनी सलाह ले सकता है, लेकिन कोई भी निजी एजेंट लॉटरी के अंतिम परिणाम को नियंत्रित नहीं कर सकता।
आवेदकों को पंजीकरण और आधिकारिक अपडेट के लिए केवल अमेरिकी सरकार की प्रामाणिक वेबसाइट का ही उपयोग करना चाहिए। किसी भी गैर-सरकारी वेबसाइट पर अपनी निजी जानकारी साझा करने या शुल्क का भुगतान करने से बचना चाहिए जो विशेष पहुंच का झूठा दावा करती हैं।
भारतीय नागरिकों के संदर्भ में पात्रता नियमों को बहुत बारीकी से समझना आवश्यक है। डाइवर्सिटी वीजा कार्यक्रम आमतौर पर उन देशों को बाहर रखता है जहां से पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में लोग अमेरिका आ चुके हैं। इसी नियम के कारण भारत आमतौर पर बाहर रखे गए देशों की सूची में शामिल रहा है। इस कार्यक्रम में पात्रता नागरिकता या वर्तमान निवास स्थान के बजाय आवेदक के जन्म देश से निर्धारित की जाती है। हालांकि कुछ मामलों में विशिष्ट अपवाद लागू हो सकते हैं, जैसे पति या पत्नी अथवा माता-पिता के जन्म देश से जुड़ी अर्हक परिस्थितियां। इसलिए केवल भारतीय नागरिक होने से हर स्थिति में अयोग्यता या पात्रता स्वतः तय नहीं होती है, और आवेदन करने से पहले 2027 कार्यक्रम की आधिकारिक देश पात्रता सूची की जांच कर लेनी चाहिए।


















