पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े सोशल मीडिया ऑपरेटर अदील असलम की अचानक मौत हो गई है। शुरुआती जानकारियों के अनुसार, उसकी मौत का कारण दिल का दौरा (हार्ट अटैक) बताया गया है। अदील असलम का सीधा नाता लाहौर स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से रहा है, जहां वह छात्रों की पत्रिका 'अखबार-ए-तुलबा' में डिप्टी एडिटर का पद संभालता था।
कट्टरपंथी साहित्य और नेटवर्क से जुड़े तार
अदील असलम पर लंबे समय से जिहादी सोच और कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने वाली किताबों तथा पब्लिकेशन सामग्री को बढ़ावा देने के आरोप लगते रहे थे। जिस छात्र पत्रिका 'अखबार-ए-तुलबा' का वह संपादन करता था, उसे भी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े गुप्त नेटवर्क का हिस्सा माना जाता रहा है। यद्यपि उसकी मौत के वास्तविक कारणों और संगठन के साथ आधिकारिक संबंधों को लेकर कोई औपचारिक दावा पेश नहीं किया गया है, लेकिन उसकी भूमिका पर लगातार सवाल उठते रहे थे।
इस्लामाबाद में लश्कर कमांडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
अदील असलम से ठीक तीन दिन पहले 9 अगस्त को लश्कर-ए-तैयबा के एक प्रमुख कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की भी पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अचानक जान चली गई थी। अजीज की मौत की असली वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है, जिसके कारण इस घटना को बेहद रहस्यमय और संदिग्ध माना जा रहा है।
पूरे मामले का घटनाक्रम बताता है कि अजीज ने इस्लामाबाद के एक अज्ञात रेस्तरां में भोजन किया था। खाना खाने के बाद वह नमाज अदा करने के लिए कुबा मस्जिद की तरफ गया। मस्जिद के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचते ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह वहीं जमीन पर गिर पड़ा। इसके कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई।
मारे गए आतंकियों के परिवारों की मदद करता था अजीज
कारी सईद अब्दुल अजीज लश्कर-ए-तैयबा के भीतर एक विशेष जिम्मेदारी संभाल रहा था। वह संगठन के उस विभाग का मुख्य हिस्सा था, जिसका काम भारत के जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ों में मारे गए आतंकियों के परिवारों को आर्थिक और अन्य तरह की सहायता पहुंचाना था। वह संगठन के मृत सदस्यों के परिजनों तक राहत सामग्री और नेटवर्क फंड पहुंचाने के काम को संचालित करता था।
पाकिस्तान और पीओके में रहस्यमय मौतों का बढ़ता सिलसिला
अजीज और अदील असलम की मौतें ऐसे वक्त में हुई हैं जब पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क से जुड़े प्रमुख लोगों की अचानक मौतों की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इससे कुछ समय पहले ही संगठन के एक अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी ने खुलासा किया था कि पाकिस्तान और पीओके के विभिन्न इलाकों में अज्ञात हमलावरों द्वारा 30 से भी ज्यादा लश्कर सदस्यों को मार गिराया गया है।



















