वर्तमान में जब भारत समेत उत्तरी गोलार्ध के कई हिस्सों में ठंड का मौसम जोर पकड़ रहा है, वहीं दक्षिणी गोलार्ध में स्थित ऑस्ट्रेलिया भीषण गर्मी की चपेट में है। धरती के दोनों गोलार्धों में मौसम की विपरीत स्थिति होने के कारण ऑस्ट्रेलिया में इन दिनों पारा चढ़ रहा है और इसी के साथ वहां एक अनोखा संकट खड़ा हो गया है। एलिस स्प्रिंग्स एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों को सिर्फ अपनी उड़ान पकड़ने की ही नहीं, बल्कि परिसर के भीतर रेंगने वाले मेहमानों से भी सावधान रहने की जरूरत पड़ रही है। एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन, स्टाफ के कार्यालयों और एयरलाइन लाउंज तक में सांपों की मौजूदगी दर्ज की जा रही है। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के अनुसार, इस परिसर के आसपास सांपों के दिखने के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसके बाद प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है और इन सरीसृपों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने के लिए विशेष जानकारों की सेवाएं ली जा रही हैं।
एयरपोर्ट के किन-किन हिस्सों में मिल रहे हैं सांप?
विशेषज्ञों द्वारा दी गई जानकारियों के मुताबिक, रेक्स नीन्डॉर्फ नामक स्नेक कैचर ने एयरपोर्ट के भीतर से कई सांपों का रेस्क्यू किया है। इन जगहों में यात्रियों का आवागमन मार्ग, चेक-इन काउंटर और क्वांटास एयरलाइन का लाउंज विशेष रूप से शामिल हैं। अधिकारियों की चिंता तब सबसे ज्यादा बढ़ गई जब टर्मिनल भवन के भीतर दो खतरनाक वेस्टर्न ब्राउन स्नेक बरामद किए गए। इनमें से एक सांप ऐसी जगह पर था जहां आम जनता की आवाजाही रहती है, जबकि दूसरा सीधे कर्मचारियों के वर्किंग ऑफिस के अंदर पाया गया। वेस्टर्न ब्राउन स्नेक को अपनी प्रजाति में बेहद जहरीला माना जाता है और इसके काटने पर इंसान की जान को बड़ा जोखिम हो सकता है। इसके अलावा एयरपोर्ट परिसर के आसपास व्हिप स्नेक भी देखे गए हैं, हालांकि इन्हें वेस्टर्न ब्राउन की तुलना में कम खतरनाक श्रेणी में रखा जाता है, फिर भी वन्यजीव विशेषज्ञों की सलाह है कि इनसे भी उचित दूरी बनाकर रखनी चाहिए और इन्हें बिल्कुल नहीं छूना चाहिए।
आखिर इमारतों के भीतर क्यों आ रहे हैं सांप?
इस पूरी घटना के पीछे मुख्य वजह ऑस्ट्रेलिया के नॉर्दर्न टेरिटरी क्षेत्र में पड़ रही झुलसा देने वाली गर्मी है। जब तापमान अपने चरम पर होता है, तब सांप दिन के सबसे गर्म घंटों के दौरान छांव और ठंडी जगहों की तलाश में भटकते हैं। एयरपोर्ट की बड़ी और ठंडी इमारतें उन्हें धूप से बचने के लिए आदर्श ठिकाने जैसी लग सकती हैं। इसके अलावा पानी या भोजन की तलाश भी इन जीवों को मानव बस्तियों और परिसरों के भीतर आने के लिए प्रेरित करती है। चार्ल्स डार्विन यूनिवर्सिटी से जुड़े कंजर्वेशन बायोलॉजिस्ट क्रिस जॉली के अनुसार, सांपों और अन्य वन्यजीवों को प्राकृतिक आवास और इंसानों द्वारा बनाई गई इमारतों के बीच का फर्क समझ नहीं आता है। यदि उन्हें किसी कंक्रीट की इमारत में छिपने के लिए सुरक्षित जगह मिल जाती है, तो वे वहां तक आसानी से पहुंच जाते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि अचानक से उस पूरे इलाके में सांपों की आबादी में भारी इजाफा हो गया है, बल्कि यह केवल बदलते मौसम के साथ उनकी बदलती हुई गतिविधियों का परिणाम है। भीषण गर्मी के मौसम में ये जीव आमतौर पर दिन की बजाय शाम और रात के वक्त अधिक सक्रिय नजर आते हैं।
प्रशासन और प्रबंधन द्वारा उठाए जा रहे एहतियाती कदम
इस असामान्य स्थिति से निपटने के लिए एयरपोर्ट का संचालन संभालने वाली कंपनी एयरपोर्ट डेवलपमेंट Group ने उन सभी संवेदनशील स्थानों पर निगरानी कड़ी कर दी है जहां सांपों के छिपे होने की आशंका सबसे ज्यादा है। यात्रियों को जागरूक करने के लिए परिसर में चेतावनी वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत प्रशिक्षित स्नेक कैचरों को बुलाया जा रहा है। रेक्स नीन्डॉर्फ द्वारा एयरपोर्ट के कर्मचारियों को विशेष रूप से प्रशिक्षित भी किया जा चुका है ताकि वे ऐसे हालात से सुरक्षित ढंग से निपट सकें। राहत की बात यह है कि अभी तक एयरपोर्ट के अंदर या आसपास के परिसर में किसी भी कर्मचारी या यात्री पर सांप के हमले से घायल होने की कोई आधिकारिक सूचना सामने नहीं आई है।
विशेषज्ञों की क्या है आम लोगों के लिए सलाह?
वन्यजीव विशेषज्ञों ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी यात्री या कर्मचारी को कहीं भी सांप दिखाई दे, तो वे उसके नजदीक बिल्कुल न जाएं, न तो उसे खुद से पकड़ने का प्रयास करें और न ही उसके आगे खड़े होकर उसका रास्ता रोकें। एयरपोर्ट परिसर के भीतर ऐसा कोई भी जीव नजर आने पर तुरंत संबंधित कर्मचारियों को इसकी सूचना देनी चाहिए और अन्य यात्रियों को उस स्थान से सुरक्षित दूरी पर रखना चाहिए। ऑस्ट्रेलिया के एलिस स्प्रिंग्स एयरपोर्ट के लिए गर्मियों का यह सीजन अब अतिरिक्त सतर्कता की मांग कर रहा है। यहां आने वाले लोगों को सिर्फ फ्लाइट के डिपार्चर टाइम पर ही नजर नहीं रखनी पड़ रही, बल्कि उन कोनों और जगहों पर भी अपनी आंखें खुली रखनी पड़ रही हैं जहां गर्मी से राहत पाने की चाह में कोई जहरीला सांप दुबक कर बैठा हो सकता है।





















