बिहार के जहानाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक की लगातार ब्लैकमेलिंग और एक अश्लील वीडियो ने 19 साल की एक युवती की जिंदगी छीन ली। मानसिक रूप से पूरी तरह टूट चुकी इस युवती ने आखिरकार फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि घटना से पहले पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच पंचायत और समझौता तक हो चुका था, इसके बावजूद आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
कैसे शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का सिलसिला
यह वारदात हुलासगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से जुड़ी है। बताया जा रहा है कि पढ़ाई के दिनों में इस युवती की दोस्ती सुरदासपुर गांव के रहने वाले अमरजीत कुमार उर्फ धीरज नाम के युवक से हो गई थी। इसी दोस्ती का फायदा उठाते हुए धीरज ने युवती के कुछ अश्लील वीडियो बना लिए और फिर उन्हीं वीडियो के सहारे उसे लगातार ब्लैकमेल करने लगा। परिवार के लोगों के मुताबिक, जब युवती की शादी किसी दूसरी जगह तय हो गई, तो आरोपी इस बात से नाराज हो गया और वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकियां देने लगा।
लोकलाज के डर में पंचायत, फिर भी टूटा समझौता
बदनामी और लोकलाज के डर से परिवार ने शुरुआत में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने के बजाय स्थानीय स्तर पर ही मामला सुलझाने की कोशिश की और गांव में पंचायत बुलाई गई। खास बात यह रही कि पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता भी करवाया गया, जिसमें आरोपी ने वीडियो हटा देने का भरोसा दिलाया था। लेकिन यह भरोसा ज्यादा दिन टिक नहीं सका। जैसे ही युवती की शादी की तारीख करीब आने लगी, आरोपी ने एक बार फिर कथित अश्लील वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
घर में अकेली युवती ने उठाया खौफनाक कदम
घटना वाले दिन परिवार के सभी सदस्य खेत में मूंग तोड़ने गए हुए थे और घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान मानसिक तनाव से पूरी तरह टूट चुकी युवती ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। जब परिवार के लोग लौटे और उन्हें इस हादसे का पता चला तो घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की तहकीकात शुरू कर दी है। परिजनों का बयान भी दर्ज कर लिया गया है।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग और ब्लैकमेलिंग के मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस प्रशासन आरोपी के खिलाफ कब तक ठोस कार्रवाई करता है और उसे सलाखों के पीछे पहुंचाता है।













