भारत समेत दुनिया भर के विभिन्न हिस्सों में रक्षा बंधन का पवित्र त्योहार हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस पावन पर्व की पूर्व संध्या पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की महिलाओं और जीविका दीदियों के लिए कई ऐतिहासिक कल्याणकारी योजनाओं तथा महत्वपूर्ण वित्तीय प्रोत्साहनों की सौगात दी है। गुरुवार को पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। इस विशेष अवसर पर महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए उच्च शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्रों से जुड़े कई बड़े लक्ष्यों और दूरगामी घोषणाओं को सार्वजनिक किया गया।
महिला विश्वविद्यालय का निर्माण और शत-प्रतिशत महिला नेतृत्व की व्यवस्था
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार की बहनों और बेटियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं और राज्य में एक समर्पित महिला विश्वविद्यालय के निर्माण की घोषणा की। इस उच्च शिक्षण संस्थान का मुख्य ध्येय राज्य की बेटियों को गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा प्रदान करना है। इस विश्वविद्यालय का ढांचा बेहद अनूठा होगा, जहां कुलपति के सर्वोच्च पद से लेकर प्राध्यापक, प्रशासनिक अधिकारी और समस्त सहायक कर्मचारियों की जिम्मेदारी केवल और केवल महिलाएं ही संभालेंगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह महिला विश्वविद्यालय बिहार की बेटियों की आकांक्षाओं को एक नई उड़ान देगा, जहां परंपरागत शिक्षा के साथ-साथ महिला नेतृत्व, व्यावहारिक कौशल, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का सर्वांगीण संवर्धन किया जाएगा।
10 लाख जीविका दीदियों के घरों में पीएम सूर्य घर योजना का तोहफा
सुरक्षा और स्नेह के इस पर्व पर मुख्यमंत्री ने राज्य की करीब 10 लाख जीविका दीदियों के जीवन को आलोकित करने के लिए एक बड़ी पहल की शुरुआत की। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के अंतर्गत 31 मार्च तक 10 लाख जीविका दीदियों के घरों को सौर ऊर्जा प्रणाली से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत लाभार्थियों के घरों की छतों पर अत्याधुनिक सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे। इस हरित पहल के लागू होने से लाभार्थी परिवारों का मासिक बिजली खर्च पूरी तरह शून्य हो जाएगा। इसके अलावा उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को बेचकर महिलाओं के लिए आय का नया स्थाई साधन भी निर्मित होगा, जो स्वच्छ ऊर्जा और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
600 करोड़ रुपये का डायरेक्ट ट्रांसफर और 7,376 सरकारी नर्सों का चयन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत राज्य की 5 लाख महिला लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए 600 करोड़ रुपये की कुल राशि सफलतापूर्वक अंतरित की गई। इसके साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती प्रदान करते हुए 7,376 बहनों के सरकारी नर्स के रूप में चयन की प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें हार्दिक बधाई दी गई। ग्रामीण वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीविका निधि के माध्यम से 10 हजार लाभार्थियों को ऋण सहायता वितरित की गई, और राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में 112 ग्रामीण हाट के निर्माण कार्य की औपचारिक नींव रखी गई।
1 करोड़ महिलाओं को रोजगार तथा 1 करोड़ लखपति दीदी बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
राज्य के आर्थिक विकास के भावी खाके को सामने रखते हुए मुख्यमंत्री ने 1 करोड़ बहनों को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने और 1 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा। इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने के लिए पशुपालन, विनिर्माण और सेवा क्षेत्र में महिलाओं की सीधी भागीदारी बढ़ाई जाएगी, जिससे उनकी व्यक्तिगत आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। अपने संबोधन का समापन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही एक समृद्ध और खुशहाल बिहार की सबसे मजबूत नींव है। बिहार की बहनों को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर विकसित भारत-समृद्ध बिहार के सपने को पूरा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।





















